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कुंडली में ग्रहों की उच्च नीच राशियां,

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Deepika Maheshwari 25th Jul 2019

ग्रहों के स्वभावानुसार उनकी उच्च व नीच राशियों का निर्धारण किया गया है। उच्च राशि से तात्पर्य है जहाँ ग्रह पूर्णत: सक्षम व प्रसन्न, प्रबल अवस्था में हो। नीच राशि अर्थात जहाँ ग्रह, निर्बल, दुखी, क्षीण हो।  नवग्रहों में से प्रत्येक ग्रह को किसी एक राशि विशेष में स्थित होने से अतिरिक्त बल प्राप्त होता है जिसे इस ग्रह की उच्च की राशि कहा जाता है।  इसी तरह अपनी उच्च की राशि से ठीक सातवीं राशि में स्थित होने पर प्रत्येक ग्रह के बल में कमी आ जाती है तथा इस राशि को इस ग्रह की नीच की राशि कहा जाता है। ग्रह कोई भी हो नीच नही होता बस उनका फल शुभ -अशुभ होता है। नीच ग्रह से मतलब शब्द के अर्थ में नहीं होता अपितु उस ग्रह में ताकत कम होती है और वो ग्रह कमजोर होता है। 


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Vipin Garg

Thanks


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