Facebook Youtube Instagra Linkedin Twitter

कुंडली में ग्रह का अंश बल(Degree)अस्त ग्रह (Combust planet), (Retrograde planet)वक्रीय और मार्गी ग्रह !

Deepika Maheshwary 07th Aug 2019

हर ग्रह चाहे वो योगकारक हो या मारक हो,उच्च हो या नीच हो,किंतु वो हमे रिझल्ट उतना ही देगा जीतनी उनमें क्षमता होती है जितना उनमें अंश बल होगा उतना ही वो अच्छा या बुरा करने में सक्षम होगा । कुंडली मै अस्त ग्रह कौन है वो जानना बहुत जरुरी है अगर अच्छा ग्रह अस्त हो जाये तो उसकी अच्छाइ में कमी होती है । अगर बुरा ग्रह कुंडली में अस्त हो जाये तो उसकी बुराइ कम हो जाती है और वो हमारे लिए अच्छी बात है । वक्रीय ग्रह का मतलब ग्रह की उलटी चाल चलना ।जो ग्रह घड़ी की चाल से उलटा चलते है  उसे मार्गीय कहते है और जो ग्रह घड़ी की चाल की तरह चलते है उसे वक्रीय कहते है ।सुर्यदेव और चंद्रमा सदा मार्गीय ही रहते है। राहुदेव और केतुदेव सदा वक्रीय ही रहते है बाकी के पाच ग्रह-मंगल,बुध,गुरु,शुक्र,और शनिदेव वक्रीय भी हो सकते है और मार्गीय भी हो सकते है ।

Comments

Post
Top