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मिथुन लग्न की कुंडली के योगकारक एवं मारकग्रह,Karak & Marak planets in Gemini Ascendent

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Deepika Maheshwari 30th Aug 2019

मिथुन लग्न की कुंडली में शुक्र, बुध, शनि योगकारक और चंद्रमा ,मंगल सूर्य अति मारक ग्रह और बृहस्पति केंद्राधिपति दोष मैं होने से कुंडली में अपनी प्लेसमेंट के हिसाब से कारक या मारक माने जाते हैं ! यदि कुंडलीके कारक ग्रह भी तीन, छह, आठ, बारहवे भाव या नीच राशि में स्थित हो जाएँ तो अशुभ हो जाते हैं ऐसी स्थिति में ये ग्रह अशुभ ग्रहों की तरह रिजल्ट देते हैं । अशुभ या मारक ग्रह भी यदि छठे, आठवें या बारहवें भाव के मालिक हों और छह, आठ या बारह भाव में या इनमे से किसी एक में भी स्थित हो जाएँ तो वे विपरीत राजयोग का निर्माण करते हैं । ऐसी स्थिति में ये ग्रह अच्छे फल प्रदान करने के लिए बाध्य हो जाते हैं । यहां ध्यान देने योग्य है की विपरीत राजयोग केवल तभी बनेगा यदि लग्नेश बलि हो । यदि लग्नेश तीसरे छठे , आठवें या बारहवें भाव में अथवा नीच राशि में स्थित हो तो विपरीत राजयोग नहीं बनेगा ।


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