Facebook Youtube Instagra Linkedin Twitter

जन्म कुंडली में ग्रह गोचर का फल कैसे देखें, How to Apply Gochar (Transit of planets )in Horoscope

Share

Deepika Maheshwari 16th Oct 2019

जन्म कुंडली में किसी घटना के होने में दशाओं के साथ गोचर के ग्रहों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है. यदि जन्म कुंडली में दशा अनुकूल भावों की चल रही है लेकिन ग्रहों का गोचर अनुकूल नहीं है तब व्यक्ति को संबंधित भाव के फल नहीं मिल पाते हैं. इसलिए किसी भी घटना के लिए दशा के साथ गोच़र भी अनिवार्य माना गया है. यदि गोचर अनुकूल है लेकिन दशा अनुकूल नही है तब भी फलों की प्राप्ति नहीं हो पाती है. हमें महादशा स्वामी, अन्तर्दशा स्वामी, गुरु व् शनि की गोचरस्थ स्थिति को देखने के बाद ही फलादेश की और जाना चाहिए । कहने का अर्थ है की इन चार फैक्टर्स को ध्यान में रख कर ही फलकथन की और बढ़ना चाहिए । काल पुरुष कुंडली में नवम भाव में धनु राशि आती है जिसके स्वामी गुरु हैं । बिना भाग्य के साथ के किसी भी घटना के शुभ अशुभ परिणाम पूर्णतया प्राप्त नहीं होते इसलिए गुरु का अध्ययन करना आवश्यक हो जाता है । इसी प्रक्रार कालपुरुष कुंडली में शनि को कर्मेश व् लाभेश की की पदवी प्राप्त है तो अनुमान लगाया जा सकता है की शनि की स्थिति देखना कितना आवश्यक हो जाता है । ध्यान देने योग्य है की बिना महादशा अन्तर्दशा देखे सीधे गोचर अप्लाई करने पर कभी भी उचित परिणाम प्राप्त नहीं किये जा सकते हैं !


Comments

Post
Top