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ग्रहों से जाने हत्या के विषय में

12th Sep 2017

कुण्ङली से जाने अपने बारे मे क्या कहते है आपके ग्रह क्या ग्रह आपके न चाहते हुये भी आप से हत्या या गलत कर्म करा सकते है अगर हा तो कोन सा ग्रह करता है जाने ऐसे बहुत से ग्रह के राज 

 देखते देखते हत्यारा कब बना देते है ग्रह ?

सौम्य लग्न हो और राहु वहा विराजमान हो तथा शनि उसे देख रहा हो, औल मंगल नीच का होकर  कुंडली में विराजमान हो तो नीच के मंगल की दशा में अन्तर्दशा में हत्यारा बनने का योग होता है,इसके पं अतुल शास्त्री बताते है इसके अलावा भी शरीर की पहचान से जान सकते है जैसे पुरुष के दाहिने हाथ का अंगूठा अगर आगे की तरफ़ आलू की तरह से मोटा है और नाखून भी आधा ही रह गया है अर्थात सांप के फ़न जैसा दिखाई दे रहा है तो उससे हत्या जरूर होगी,वह एक या एक से अधिक हत्यायें कर सकता है। इसके विपरीत महिला जातकों में देखा जाता है,लेकिन महिला जातकों में अक्सर वे महिलायें अधिक क्रूर होती है जिनकी कुंडली में अष्टम का मंगल होता है और चन्द्र राहु शुक्र की युति त्रिक भावों में होती है अथवा लाभ भाव मे होती है। इसके अलावा भी उनकी मुख्य पहचान चेहरे से की जाती है,दोनो आंखो की भौहें नाक के ऊपर माथे की तरफ़ चढी होती है,और स्त्री को लाल रंग के साथ में काले रंग का कम्बीनेशन अच्छा लगता हो। इसके अलवा कमर से ऊपर का हिस्सा भारी हो और कमर से नीचे का हिस्सा पतला होता चला गया हो। सामने के दांतों चारों देहलीज नुकीली होकर अन्य दांतो से ऊपर उठ गयी हों। चेहरे का नीचे का थोडी तक पतला होता चला गया हो। अक्सर हत्या करने वाले का चेहरा अपने आप में ही क्रूर दिखाई देने लगता है,आंखे लाल हो जाती है,वह सोते सोते चमकने लगता है,उसे भोजन करने में और किसी से बात करने में अचानक ताव आता है,वह हमेशा किसी ना किसी हथियार को अपने साथ लेकर चलता है या फ़िर हथियार की बातें किया करता है। 

 

 जब गोचर से राहु जब गुरु को अष्टम देखता है तो जीव हत्या का समय माना जाता है,अथवा जन्म का राहु गोचर के गुरु को देखता है तो हत्या का समय होता है,इसके अलावा नीच का मंगल जिस भी भाव को अष्टम द्रिष्टि से देखता है तो उस भाव के कारक की हत्या मानी जाती है। कर्क,मीन,वृश्चिक का मंगल अगर शनि राहु या केतु से शक्ति ले रहा है तो हत्या का कारण बनता है लेकिन गुरु या नवम के मालिक के द्वारा इन ग्रहों को देखा जाता है तो हत्या जीव को बचाने के लिये की जा सकती है,जीव के साथ बीमारी से बचाने के लिये जीव का आपरेशन जिन डाक्टरों के द्वारा किया जाता है उनकी कुंडली में भी यही युति देखी जा सकती है। इन ग्रहों के द्वारा सूर्य को देखे जाने पर पुत्र और पिता की हत्या माना जाता है,इसके साथ ही जातक को पेड काटने का पूरा ज्ञान भी होता है।बुध को देखे जाने पर व्यापार से धन से या ग्रहस्थ जीवन से काटना मानते है,शुक्र को इन ग्रहों के द्वारा देखे जाने पर पत्नी और दूसरों की सम्पत्ति को काटना मानते है। गुरु राहु अगर शनि मंगल को देखता है,और केतु उसे बल देता है तो जातक पक्षियों का हत्यारा होता है,द्विपद राशियों को देखने पर मनुष्यों की हत्या करने होता है चन्द्रमा नीच का होने से लोग पगल करके या कुकर्म करके मार देते है बुध अगर नीच का होकर चन्द्र के साथ होता है तो कलंक लगा कर मार देना और बहुत से कारण है ।


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