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सूर्य के अशुभ होने के पूर्व मिलते हैं ये संकेत...

Deepika Maheshwary 21st Jul 2019

सूर्य के अशुभ होने के पूर्व मिलते हैं ये संकेत... ग्रह अपना शुभाशुभ प्रभाव गोचर एवं दशा, अंतरदशा व प्रत्यंतर दशा में देते हैं। जिस ग्रह की दशा के प्रभाव में हम होते हैं, उसकी स्थिति के अनुसार शुभाशुभ फल हमें मिलता है। जब भी कोई ग्रह अपना शुभ या अशुभ फल प्रबल रूप में देने वाला होता है, तो वह कुछ संकेत पहले से ही देने लगता है। इनके उपाय करके बढ़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। ऐसे ही कुछ पूर्व संकेतों का विवरण यहां दिया जा रहा है- सूर्य के अशुभ होने के पूर्व संकेत- सूर्य अशुभ फल देने वाला हो तो घर में रोशनी देने वाली वस्तुएं नष्ट होंगी या प्रकाश का स्रोत बंद होगा, जैसे जलते हुए बल्ब का फ्यूज होना, तांबे की वस्तु खोना। किसी ऐसे स्थान पर स्थित रोशनदान का बंद होना जिससे सूर्योदय से दोपहर तक सूर्य का प्रकाश प्रवेश करता हो। ऐसे रोशनदान के बंद होने के अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे अनजाने में उसमें कोई सामान भर देना या किसी पक्षी के घोंसला बना लेने के कारण उसका बंद हो जाना आदि। सूर्य के कारकत्व से जुड़े विषयों के बारे में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सूर्य जन्म कुंडली में जिस भाव में होता है, उस भाव से जुड़े फलों की हानि करता है। यदि सूर्य पंचमेश, नवमेश हो तो पुत्र एवं पिता को कष्ट देता है। सूर्य लग्नेश हो तो जातक को सिरदर्द, ज्वर एवं पित्त रोगों से पीड़ा मिलती है। मान-प्रतिष्ठा की हानि का सामना करना पड़ता है। किसी अधिकारी वर्ग से तनाव, राज्यपक्ष से परेशानी आदि। यदि न्यायालय में विवाद चल रहा हो, तो प्रतिकूल परिणाम। शरीर के जोड़ों में अकड़न तथा दर्द। किसी कारण से फसल का सूख जाना। व्यक्ति के मुंह में अक्सर थूक आने लगता है तथा उसे बार-बार थूकना पड़ता है। सिर किसी वस्तु से टकरा जाता है। तेज धूप में चलना या खड़े रहना पड़ता है। दान गाय का दान अगर बछड़े समेत गुड़, सोना, तांबा और गेहूं सूर्य से सम्बन्धित रत्न का दान दान के विषय में शास्त्र कहता है कि दान का फल उत्तम तभी होता है जब यह शुभ समय में सुपात्र को दिया जाए। सूर्य से सम्बन्धित वस्तुओं का दान रविवार के दिन दोपहर में ४० से ५० वर्ष के व्यक्ति को देना चाहिए। सूर्य ग्रह की शांति के लिए रविवार के दिन व्रत करना चाहिए। गाय को गेहुं और गुड़ मिलाकर खिलाना चाहिए। किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को गुड़ का खीर खिलाने से भी सूर्य ग्रह के विपरीत प्रभाव में कमी आती है। अगर आपकी कुण्डली में सूर्य कमज़ोर है तो आपको अपने पिता एवं अन्य बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए इससे सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करने से भी सूर्य की विपरीत दशा से आपको राहत मिल सकती है। सूर्य को बली बनाने के लिए व्यक्ति को प्रातःकाल सूर्योदय के समय उठकर लाल पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सींचना चाहिए। रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा दूसरे दिन प्रातःकाल उसे पीना चाहिए। ताँबे का कड़ा दाहिने हाथ में धारण किया जा सकता है। लाल गाय को रविवार के दिन दोपहर के समय दोनों हाथों में गेहूँ भरकर खिलाने चाहिए। गेहूँ को जमीन पर नहीं डालना चाहिए। किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य पर जाते समय घर से मीठी वस्तु खाकर निकलना चाहिए। हाथ में मोली (कलावा) छः बार लपेटकर बाँधना चाहिए। लाल चन्दन को घिसकर स्नान के जल में डालना चाहिए। सूर्य के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु रविवार का दिन, सूर्य के नक्षत्र (कृत्तिका, उत्तरा-फाल्गुनी तथा उत्तराषाढ़ा) तथा सूर्य की होरा में अधिक शुभ होते हैं। क्या न करें आपका सूर्य कमज़ोर अथवा नीच का होकर आपको परेशान कर रहा है अथवा किसी कारण सूर्य की दशा सही नहीं चल रही है तो आपको गेहूं और गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आपको इस समय तांबा धारण नहीं करना चाहिए अन्यथा इससे सम्बन्धित क्षेत्र में आपको और भी परेशानी महसूस हो सकती है।


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