Rakesh Periwal (Future Guru)
11th Jul 2017तर्क वितर्क के चक्कर में बहुत से लोग भाग्यवादी हो गए हैं यानि सिर्फ भाग्य पर भरोसा करने वाले एवं बहुत से लोग मेहनतकश हो गए हैं यानि जो कर्म करने में विश्वाश करते हैं और अपने भाग्य को कोसते रहते हैं !इंसान की कुंडली का नवां घर भग्य का है एवं दसवां कर्म का या व्यापर का है ! जो व्यापार जातक का कर्म है जब तक जातक वो नहीं करता तब तक भग्य उसका साथ नहीं देता ! जातक को अथक मेहनत करके भी वांछित फल की प्राप्ति नहीं होती ! जब जातक अपने कर्मानुसार वयापार या नौकरी करता है तो उसे वांछित लाभ की प्राप्ति होती है !यानि तब उसके करम एवं भाग्य एकसाथ कार्य करते हैं ! सफलता हर कदम पे उसका साथ देती है
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