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दक्षिणावर्ती शंख

Astro Manoj Gupta 02nd Nov 2017

दक्षिणावर्ती शंख 

शंख  समुद्रमंथन से निकले चौदह रत्नों में से एक है लगभग हर मंदिर में शंख रखा जाता हैइस शंख को देव स्वरूप 

माना गया हैशंख के मध्य में वरुण, पृष्ठ में ब्रह्मा, अग्रभाग में गंगा का निवास हैबहुत से घरो   में भी लोग दक्षिणावर्तीशंख

 रखते है ,माता लक्ष्मी और भगवानविष्णुदोनों ही अपनेहाथों में शंख धारण करतेहैं.इसीलिए इसे बड़ा शुभ माना जाता है इस

 शंख को दक्षिणावर्ती इसलिए कहा जाता है क्योंकि जहां सभी शंखों का पेट बाईं ओर खुलता है वहीं इसका पेट विपरीत दार्इं 

और खुलता है

 

.  लक्ष्मी के स्थाई वास के किये इसे घर के पूजा घर में रखे 

घर में सकारात्मक विचारऊर्जा हेतु रोजाना इसे बजाये 

पूजा के वक़्त इसे बजाने से वातावरण पवित्र होता है

शंख के जल से शिव,लक्ष्मी आदि का अभिषेक करने से ये जल्दी खुश  होते है 

शंख में जल भरकर छिड़कने सेवातावरण शुद्ध होता है.

.  शंख की आवाज से दुष्टआत्माएं पास नहीं आती


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