धनतेरस एवं दीपावली मुहूर्त

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Raman Sharma 12th Nov 2020

स्नेही जन 
सादर वन्दे 
आप सभी को सपरिवार दीपावली दीपोत्सव की हार्दिक शुभमंगलकामनायें ।
शुभदीपावली मुहूर्त 2020 :-
*13 नवम्बर 2020* :- धनतेरस, धन त्रयोदशी व नरक चतुर्दशी निमित्त सायं दीपदान, धनवंतरि जयंती, रूप चतुर्दशी निमित्त आगामी अरुणोदयकाल में प्रभात स्नान व दीपदान, चन्द्रोदय आगामी प्रातः 05:28,श्री हनुमान जन्मोत्सव (उत्तर भारत)
*14 नवम्बर 2020* :- दीपावली, श्रीमहालक्ष्मी पूजन, महाकाली पूजा, कमला जयंती, महावीर निर्वाण दिवस
*15 नवम्बर 2020* :- अन्नकूट, गोवर्धन पूजा, बलिराज पूजा, जैन सम्वत् 2547 प्रारम्भ
*16 नवम्बर 2020* :- भैया दूज, यम द्वितीया, विश्वकर्मा दिवस, चित्रगुप्त पूजा, कलम-दवात पूजा
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*दीपावली व लक्ष्मीपूजन मुहूर्त*:- इस वर्ष कार्तिक कृष्ण अमावस्या दिनांक 14 नवम्बर 2020 को प्रदोषकाल में अमावस्या होने से इसी दिन दीपावली मनायी जायेगी।लक्ष्मीपूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या को स्थिरलग्न व स्थिरनवांश में किया जाना सर्वश्रेष्ठ होता है। इस वर्ष लक्ष्मीपूजन का समय इस प्रकार रहेगा। अमावस्या दोपहर 02:18 के पश्चात् आयेगी।
*दिवाकाल के श्रेष्ठ समय* :- शुभ का चौघडिय़ा प्रात: 08:10 से 09:30 तक, चर-लाभ-अमृत का चौघडिय़ा दोपहर 12:11 से सायं 04:12 तक तक एवं अभिजित् दोपहर 11:47 से दोपहर 12:35 तक रहेगा।
*सर्वश्रेष्ठ समय* :- 
*प्रदोष काल* :- सायं 05:33 से रात्रि 08:12 तक एवं सायं 05:49 से सायं 06:02 तक जिसमें प्रदोषकाल-स्थिर (वृषलग्र)-कुम्भ का नवमांश रहेगा।
*रात्रि के श्रेष्ठ चौघडिये* :- लाभ का चौघडिय़ा सायं 05:33 से सायं 07:12 तक, शुभ-अमृत-चर का चौघडिय़ा रात्रि 08:52 से मध्यरात्रि 01:51 तक, लाभ का चौघडिय़ा अन्तरात्रि 05:10 से अग्रिम प्रात: 06:50 तक रहेगा।
*रात्रि के श्रेष्ठ लग्न* :- वृषलग्न सायं 05:40 से सायं 07:37 तक रहेगा। सिंहलग्न मध्यरात्रि 12:10 से अन्तरात्रि 02:26 तक है।

श्रीगणेश लक्ष्मी जी आपको सपरिवार चिरस्थायी आरोग्य एश्वर्य समृदी सुख प्रदान करे 
शुभमंगलकामनाएँ 
सदैव शुभेच्छु


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rakesh periwal

happy diwali


PiyushSharma

good


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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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