Acharya Vinod Bharadwaj
08th Oct 2019विजयदशमी भारतीय परंपरा में एक बड़ा त्यौहार है बुराई पर अच्छाई के विजय के रूप में देखा जाता है इस विजयदशमी के माध्यम से हम जातिवाद पर प्रहार करते हैं रावण जैसा ब्रह्मज्ञानी बनवासी राम के तीनों का शिकार होता है क्योंकि अधर्म चाहे जहां भी हो चाहे जिस जाति में हो चाहे जिस धर्म में हो अधर्म तो अधर्म होता है अधर्म का जाति से या वर्ण व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है यह सीख दशहरा अर्थात विजयदशमी हमें देती है
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