उच्च के चन्द्रमा का कुंडली में प्रभाव

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Astro Rakesh Periwal 12th Nov 2019

वैदिक ज्योतिष में भावानुसार उच्च के चंद्र का फल

 (प्रथम से षष्ठ भाव तक का फल) वैदिक ज्योतिष के अनुसार वृष राशि में स्थित होने पर चन्द्रमा को उच्च का चन्द्रमा कहा जाता है जिसका साधारण शब्दों में अर्थ यह होता है कि वृष राशि में स्थित होने पर चन्द्रमा अन्य सभी राशियों की तुलना में सबसे बलवान हो जाते हैं। कुछ वैदिक ज्योतिषी यह मानते हैं कि कुंडली में उच्च का चन्द्रमा सदा शुभ फलदायी होता है जो सत्य नहीं है क्योंकि कुंडली में चन्द्रमा का उच्च होना केवल उसके बल को दर्शाता है तथा उसके शुभ या अशुभ स्वभाव को नहीं जिसके चलते किसी कुंडली में उच्च का चन्द्रमा शुभ अथवा अशुभ दोनों प्रकार के फल ही प्रदान कर सकता है जिसका निर्णय उस कुंडली में चन्द्रमा के शुभ अशुभ स्वभाव को देखकर ही लिया जा सकता है। आज के इस लेख में हम कुंडली के विभिन्न 12 घरों में स्थित होने पर उच्च के चन्द्रमा द्वारा प्रदान किये जाने वाले कुछ संभावित शुभ तथा अशुभ फलों के बारे में विचार करेंगे। कुंडली के पहले घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के लग्न अर्थात पहले घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को व्यवसायिक सफलता प्रदान कर सकता है जिसमें जातक का अपना प्रयास तथा योगदान होता है और जातक के भाईयों अथवा मित्रों का योगदान भी होता है। कुंडली के पहले घर में शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को आकर्षक व्यक्तित्व तथा बातचीत करने की कला में निपुणता प्रदान कर सकता है तथा अपनी इन विशेषताओं के चलते ऐसे जातक अनेक कार्यों में सफलता प्राप्त करते हैं। लग्न में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को रचनात्मक तथा कलात्मक विशेषताएं भी प्रदान कर सकता है जिसके चलते इसके प्रभाव में आने वाले जातक रचनात्मक तथा कला आदि से जुड़े क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के लग्न अर्थात पहले घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक के स्वभाव में संशय तथा संदेह की मात्रा बहुत बढ़ सकती है जिसके चलते ऐसा जातक अपने संपर्क में आने वाले व्यक्तियों तथा अपने करीबी व्यक्तियों पर भी संदेह करने लगता है जिससे जातक के अपने सहयोगियों तथा संबंधियों के साथ संबंधों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। कुंडली के लग्न में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक के वैवाहिक जीवन में भी समस्याएं पैदा कर सकता है तथा इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया बिना किसी ठोस कारण के ही अपनी पत्नी के चरित्र तथा आचरण पर संदेह करते रहते हैं जिसके कारण इन जातकों का वैवाहिक जीवन दुखी हो जाता है तथा ऐसे कुछ जातकों का विवाह तो टूट भी जाता है। कुंडली के दूसरे घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के दूसरे घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को उसकी कुंडली के आधार पर अधिक अथवा बहुत अधिक मात्रा में धन प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया धनी अथवा बहुत धनी होते हैं। कुंडली के दूसरे घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को शिक्षा से संबंधित अच्छे परिणाम भी दे सकता है तथा इस प्रकार का शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को समयपूर्वक विवाह करने में तथा सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत करने में भी सहायता करता है जिसके चलते इस प्रकार के जातक सामान्यतया जीवन के अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफल तथा सुखी देखे जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के दूसरे घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकतीं हैं तथा इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का विवाह टूट भी सकता है। कुंडली के दूसरे घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को खाने पीने की बुरी आदतें भी प्रदान कर सकता है जिसके चलते जातक को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा रोगों का सामना करना पड़ सकता है तथा हालांकि ऐसे रोग सामान्य तौर पर प्राण घातक नहीं होते किन्तु फिर भी ये रोग जातक को बहुत लंबी अवधि के लिए तंग कर सकते हैं तथा इन रोगों के उपचार के लिए जातक का बहुत सारा धन भी व्यय हो सकता है। कुंडली के तीसरे घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के तीसरे घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को बहुत अच्छी कलात्मक तथा रचनात्मक विशेषताएं प्रदान कर सकता है तथा इन विशेषताओं के चलते ऐसे जातक विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं तथा इस प्रकार के शुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातक अपनी कलात्मक तथा रचनात्मक विशेषताओं के चलते राष्ट्रीय अथवा अंतर राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं। कुंडली के तीसरे घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को बहुत अच्छी तथा सहायक संतान भी प्रदान कर सकता है तथा ऐसे कुछ जातकों की संतान इनके लिए बहुत भाग्यशाली तथा सहायक सिद्ध होती है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के तीसरे घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक की संगति बुरे मित्रों तथा सहयोगियों के साथ हो सकती है तथा जातक के ऐसे मित्र और सहयोगी समय समय पर जातक को किसी न किसी विपत्ति में डाल सकते हैं तथा जातक का आर्थिक नुकसान तथा मान हानि भी करवा सकते हैं तथा इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपने मित्रों तथा सहयोगियों के बुरे कर्मों के कारण किसी प्रकार का बड़ा अथवा बहुत बड़ा दण्ड भी भुगतना पड़ सकता है। कुंडली के तीसरे घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं तथा रोगों से भी पीड़ित कर सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने जीवन में अनेक बार किसी प्रकार की हिंसा के कारण अथवा अपने उच्च अधिकारियों के क्रोध के कारण गंभीर शारीरिक अथवा आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है। कुंडली के चौथे घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के चौथे घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को स्वस्थ शरीर तथा लंबी आयु प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया स्वस्थ रहते हैं तथा लंबी आयु तक जीवित रहते हैं। कुंडली के चौथे घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को वाहन सुख, ऐश्वर्य तथा रिहायशी मकान भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक अपने जीवन काल में एक से अधिक घर बनाते हैं अथवा खरीदते हैं तथा बहुत सारी संपत्ति भी बनाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के चौथे घर में स्थित चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक के विवाह तथा वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं आ सकतीं हैं जिसके चलते इस दुष्प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को बहुत कष्टप्रद वैवाहिक जीवन व्यतीत करना पड़ सकता है, कुछ जातकों का अपनी पत्नी से लंबे समय के लिए अलगाव हो सकता है तथा कुछ जातकों का विवाह टूट भी सकता है। कुंडली के चौथे घर में स्थित अशुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव के कारण जातक को आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को संपत्ति विवाद के चलते कोर्ट केसों का सामना भी करना पड़ सकता है तथा कुछ मामलों में इन जातकों को इन मुकद्दमों के निर्णय के कारण अपनी संपत्ति से हाथ भी धोना पड़ सकता है अथवा बहुत अधिक आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है। कुंडली के पांचवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के पांचवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातकों का विवाह बहुत बार इनकी अपनी पसंद से ही होता है अथवा प्रेम विवाह होता है तथा ऐसा विवाह सामान्यतया जातक के लिए सुख तथा प्रसन्नता ही लेकर आता है। कुंडली के पांचवें घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को व्यवसायिक सफलता भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक सामान्यतया लोक संपर्क से जुड़े कार्य क्षेत्रों में सफल देखे जाते हैं क्योंकि कुंडली के पांचवे घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को जन संपर्क तथा लोगों से कुशल व्यवहार करने में और उन्हें प्रभावित कर पाने में सक्षम बना देता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के पांचवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा अशुभ होने की स्थिति में जातक को संतान को जन्म देने से संबंधित समस्याओं से पीड़ित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को संतान सुख देरी से तथा डाक्टरी चिकित्सा के पश्चात ही प्राप्त हो सकता है। इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाली कुछ स्त्री जातकों को प्रजनन अंगों से संबंधित कोई रोग भी हो सकता है जिसके कारण इन्हें प्रजनन करने में बहुत कठिनाई हो सकती है तथा ऐसा रोग इन स्त्री जातकों को बहुत कष्ट भी दे सकता है। कुंडली के पांचवें घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक की आर्थिक समृद्धि तथा प्रेम संबंधों पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को असफल प्रेम संबंधों के चलते बहुत पीड़ा सहन करनी पड़ सकती है। कुंडली के छठे घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के छठे घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को लंबी आयु प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक सामान्य से लंबी आयु तक जीवित रह सकते हैं। कुंडली के छठे घर में स्थित शुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को न्यायालय के निर्णय के कारण, संपत्ति विवाद के कारण तथा अन्य किसी विवाद की संधि अर्थात समझौते अथवा निर्णय के कारण धन अथवा संपत्ति का लाभ हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के छठे घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक को अपने वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाईयों तथा मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रबल दुष्प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपनी पत्नी द्वारा दी गई पुलिस शिकायत के कारण जेल जाना पड़ सकता है तथा लंबे समय तक तलाक के लिए न्यायालय में केस भी लड़ना पड़ सकता है। इनमें से कुछ जातकों को तो तलाक प्राप्त करने के लिए न्यायालय के निर्णय के कारण अपनी पत्नी को बहुत सा धन अथवा अपनी संपत्ति का बहुत सा भाग भी देना पड़ सकता है। कुंडली के छठे घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को गंभीर रोगों से भी पीड़ित कर सकता है तथा ऐसे रोग जातक को बहुत लंबे समय तक अथवा जीवन भर शारीरिक तथा मानसिक यातना दे सकते हैं तथा कुछ स्थितियों में ऐसा कोई रोग जातक के लिए प्राण घातक भी सिद्ध हो सकता है। कुंडली के सातवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के सातवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को विवाह तथा वैवाहिक जीवन से संबंधित शुभ फल प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को बहुत सुंदर, सहयोगी तथा शालीन पत्नी मिल सकती है जिससे इनका वैवाहिक जीवन आनंदमय हो जाता है तथा ऐसे जातकों का भाग्य भी विवाह के पश्चात प्रबल हो जाता है जिसके कारण इन्हें विवाह पश्चात व्यवसाय में मिलने वाली सफलता भी बढ़ जाती है। कुंडली के सातवें घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को अपने पिता अथवा पैतृक परिवार के माध्यम से धन अथवा संपत्ति भी दिलवा सकता है तथा इस प्रकार के शुभ उच्च चन्द्रमा का प्रभाव जातक को विदेशों की सैर भी करवा सकता है तथा ऐसे कुछ जातक किसी विदेशी भूमि पर स्थायी रूप से स्थापित भी हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के सातवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकतीं हैं तथा अनेक बार इन समस्याओं का कारण जातक की माता तथा पत्नी के बीच के मतभेद भी हो सकते हैं। कुंडली के सातवें घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को स्वभाव से अधिक अथवा बहुत अधिक भौतिकवादी बना सकता है जिसके चलते ऐसा जातक इंद्रियों का सुख प्राप्त करने की लालसा में ही लगा रहता है जिसके कारण जातक का बहुत सा धन ऐसे कार्यों में व्यय हो सकता है तथा जातक को समय समय पर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है तथा ऐसे कुछ जातकों को तो अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है। कुंडली के आठवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के आठवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक के व्यवसायिक क्षेत्र से संबंधित शुभ फल प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातक ज्योतिषी, अंक शास्त्री, वास्तु शास्त्री, हस्त रेखा विशेषज्ञ तथा ऐसे ही अन्य व्यवसायों को करने वाले हो सकते हैं तथा ऐसे जातक अपने व्यवसाय के माध्यम से बहुत धन तथा यश अर्जित कर सकते हैं। कुंडली के आठवें घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को अनेक प्रकार के आकस्मिक धन लाभ भी प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को संपत्ति अथवा व्यवसाय उत्तराधिकार अथवा परंपरा के माध्यम से प्राप्त हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कुंडली के आठवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक को विभिन्न प्रकार की मानसिक समस्याओं अथवा मानसिक रोगों का सामना करना पड़ सकता है तथा इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले बहुत से जातकों को किसी न किसी कारण के चलते मानसिक शांति प्राप्त नहीं हो पाती। कुंडली के आठवें घर में स्थित अशुभ उच्च चन्द्रमा जातक के व्यवसाय पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है जिसके चलते ऐसे कुछ जातकों को अपने आप को व्यवसायिक रूप से स्थापित करने के लिए बहुत सी रुकावटों तथा मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है तथा इन्हें अपने व्यवसाय के माध्यम से धन की हानि भी उठानी पड़ सकती है। कुंडली के नौवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के नौवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को धन, संपत्ति, वैभव, सुख तथा समृद्धि प्रदान कर सकता है तथा इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक धनी अथवा बहुत धनी होते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का जन्म बहुत धनी तथा समृद्ध परिवारों में होता है जिसके चलते ऐसे जातक बाल्यकाल से ही अनेक प्रकार के सुखों का भोग करते हैं। कुंडली के नौवें घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को उत्तराधिकार के माध्यम से बहुत सी धन संपत्ति भी दिलवा सकता है तथा ऐसे कुछ जातक अपनी आध्यात्मिक रूचियों के चलते किसी आध्यात्मिक अथवा धार्मिक संस्था में लाभ तथा प्रभुत्व का कोई पद भी प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च चन्द्रमा का प्रभाव जातक को विदेशों की यात्राएं भी करवा सकता है तथा इनमें से कुछ जातक किसी विदेशी भूमि पर स्थायी रूप से स्थापित भी हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के नौवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक को अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तथा ये समस्याएं उस स्थिति में और भी बढ़ जातीं हैं जब कुंडली के नौवें घर में स्थित ऐसा अशुभ उच्च का चन्द्रमा कुंडली में पित्र दोष बनाता हो क्योंकि ऐसे पित्र दोष का प्रभाव जातक के जीवन के अनेक क्षेत्रों को विपरीत रूप से प्रभावित कर सकता है। कुंडली के नौवें घर में स्थित अशुभ उच्च के चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव में आने वाले जातकों को अपने व्यसायिक क्षेत्रों में बहुत सी रुकावटों तथा समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके चलते इस प्रकार के कुछ जातकों को बहुत लंबे समय के लिए बिना किसी व्यवसाय के रहना पड़ सकता है जबकि ऐसे कुछ अन्य जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से धन हानि अथवा मान हानि का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के दसवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के दसवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को उसके व्यवसायिक क्षेत्र में बहुत शुभ फल प्रदान कर सकता है तथ इस प्रकार के जातक सामान्यतया किसी न किसी प्रकार के रचनात्मक व्यवसाय के साथ ही जुड़ते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक विदेशों में जाकर स्थापित होने में सफल हो पाते हैं तथा ऐसे जातक विदेशी भूमि से बहुत धन कमाते हैं। कुंडली के दसवें घर में उच्च के चन्द्रमा का प्रबल प्रभाव जातक को ऐसे व्यवसाय प्रदान कर सकता है जिनमें अधिक शारीरिक श्रम न करना पड़ता हो तथा बिना अधिक शारीरिक श्रम के ही धन कमाया जा सकता हो। इस प्रकार के शुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले कुछ जातक सिने कलाकार, सिने निर्देशक, सिने निर्माता आदि भी बन सकते हैं तथा अंतर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के दसवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक को अपने व्यवसायिक क्षेत्र में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तथा इनमें से कुछ जातकों को अपने व्यवसाय के माध्यम से धन की हानि अथवा अपयश का सामना भी करना पड़ सकता है तथा कुछ स्थितियों में ऐसे जातकों को कोर्ट केस आदि का सामना भी करना पड़ सकता है। स्त्री जातकों की कुंडली के दसवें घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा इन जातकों के प्रजनन अंगों में या उनकी कार्यप्रणाली में विकार पैदा कर सकता है जिसके चलते ऐसी स्त्री जातकों को संतान को जन्म देने में बहुत समस्याएं तथा बाधायें आ सकतीं हैं तथा इन्हें संतान प्राप्ति के लिए लंबी डाक्टरी चिकित्सा करवानी पड़ सकती है। कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च का चन्दमा शुभ होने की स्थिति में जातक को अधिक अथवा बहुत अधिक धन लाभ प्रदान कर सकता है जिसके चलते इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले जातक धनी अथवा बहुत धनी हो सकते हैं। इस प्रकार के शुभ उच्च चन्द्रमा के प्रभाव में आकर धनी बनने वाले बहुत से जातक सामान्यतया किसी धनी परिवार में जन्म लेने से या उत्तराधिकार में प्राप्त धन संपत्ति के कारण धनी नहीं बनते बल्कि ऐसे जातक अपने भाग्य तथा प्रयास से धन कमाते हैं तथा सफलता के नए मानदंड स्थापित करते हैं। कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातक स्वस्थ शरीर तथा लंबी आयु का आनंद भी उठाते हैं तथा इस प्रकार के अधिकतर जातक नौकरी न करके अपने व्यवसाय अथवा व्यापार के माध्यम से धन कमाते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा अशुभ होने की स्थिति में जातक के वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की समस्याएं पैदा कर सकता है जिसके कारण इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों को अपनी पत्नियों से लंबा अलगाव अथवा तलाक भी हो सकता है। कुंडली के ग्यारहवें घर में स्थित अशुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को अनेक प्रकार की मानसिक समस्याओं, मानसिक तनाव अथवा किसी प्रकार के मानसिक रोग से भी पीड़ित कर सकता है जिसके चलते इस प्रकाअ के कुछ जातक साधारण व्यवहार करने में अक्षम हो जाते हैं तथा अपने इर्द गिर्द के अधिकतर व्यक्तियों को संदेह की दृष्टि से देखते हैं तथा ऐसे कुछ चरम मामलों में इस प्रकार का कोई जातक किसी गंभीर मानसिक रोग का शिकार भी हो सकता है। कुंडली के बारहवें घर में उच्च का चन्द्रमा👉 किसी कुंडली के बारहवें घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा शुभ होने की स्थिति में जातक को अधिक अथवा बहुत अधिक धन प्रदान कर सकता है तथा ऐसा धन सामान्यतया किसी विदेशी भूमि से, किसी नई खोज अथवा अनुसंधान के माध्यम से, किसी नए अविष्कार अथवा विचार के सफल हो जाने के कारण जातक को प्राप्त हो सकता है। कुंडली के बारहवें घर में स्थित शुभ उच्च का चन्द्रमा जातक को सारे संसार का भ्रमण करवा सकता है तथा ऐसे जातक विदेशी भूमियों का भ्रमण करके तथा वहां वास करके धन कमाते हैं और इस प्रकार के शुभ प्रभाव में आने वाले बहुत से जातक अपने जीवन में उत्तम भोजन सहित अन्य बहुत सी अच्छी वस्तुओं का भोग करते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंडली के बारहवें घर में स्थित उच्च के चन्द्रमा के अशुभ होने की स्थिति में जातक को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण इस प्रकार के अशुभ प्रभाव में आने वाल कुछ जातक निर्धन अथवा अति निर्धन हो सकते हैं तथा इन्हें अपने जीवन में अनेक बार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के बारहवें घर में स्थित अशुभ उच्च चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले कुछ जातकों का वैवाहिक जीवन बहुत कष्टप्रद हो सकता है तथा इन जातकों की पत्नियां इन्हें बहुत पीड़ा पहुंचा सकतीं हैं और इनमें से कुछ जातकों को तो अपनी पत्नी तथा माता पिता के बीच गंभीर वैचारिक मतभेद होने के कारण अपने माता पिता से दूर भी रहना पड़ सकता है। इस प्रकार के अशुभ उच्च के चन्द्रमा के प्रभाव में आने वाले जातकों को अपनी अथवा अपने परिवार के अन्य सदस्यों की बीमारी के उपचार के लिए समय समय पर बहुत धन भी खर्च करना पड़ सकता है। इस प्रकार कुंडली के प्रत्येक घर में स्थित उच्च का चन्द्रमा कुंडली में शुभ होने की स्थिति में जातक को शुभ फल तथा अशुभ होने की स्थिति में जातक को अशुभ फल प्रदान कर सकता है। इसलिए किसी कुंडली के किसी घर में केवल उच्च के चन्द्रमा के स्थित होने से ही यह निर्णय नहीं ले लेना चाहिए कि ऐसा उच्च का चन्द्रमा जातक को सदा शुभ फल ही देगा तथा कुंडली में ऐसे उच्च के चन्द्रमा के फलों का निर्णय करने से पूर्व कुंडली में चन्द्रमा के शुभ अथवा अशुभ स्वभाव का भली भांति निरीक्षण कर लेना चाहिए तथा तत्पश्चात ही कुंडली में उपस्थित उच्च के चन्द्रमा के शुभ अथवा अशुभ फलों का निर्णय करना चाहिए। 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️


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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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