Dream result according Astrology

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Astro Rakesh Periwal 26th Mar 2017

सपनों से हम जान सकते हैं कि निकट भविष्य में क्या होने वाला है

स्वप्न ज्योतिष के अनुसार नींद में दिखाई देने वाले हर स्वप्न का महत्व होता है। इन सपनों से हम जान सकते हैं कि निकट भविष्य में क्या होने वाला है और बहुत बार इनसे यह संकेत भी मिलता है कि किस तरह से ऐसा होगा। आइए जानते हैं ऐसे ही 251 स्वप्न तथा उनके फलों के बारे में-

शुभ स्वप्न एवं उनके फल

(1) झगड़ा करना- धन की प्राप्ति

(2) चावल देखना- किसी से शत्रुता समाप्त होना

(3) पूजा-पाठ करते देखना- समस्याओं का अंत

(4) शिशु को चलते देखना- रुके हुए धन की प्राप्ति

(5) फल की गुठली देखना- शीघ्र धन लाभ के योग

(6) पलंग पर सोना- गौरव की प्राप्ति

(7) हरा-भरा जंगल देखना- प्रसन्नता मिलेगी

(8) खुला दरवाजा देखना- किसी व्यक्ति से मित्रता होगी

(9) बंद दरवाजा देखना- धन की हानि होना

(10) खाई देखना- धन और प्रसिद्धि की प्राप्ति

(11) चश्मा लगाना- ज्ञान बढऩा

(12) मोटा बैल देखना- अनाज सस्ता होगा

(13) पूरी खाना- प्रसन्नता का समाचार मिलना

(14) तांबा देखना- गुप्त रहस्य पता लगना

(15) दीपक जलाना- नए अवसरों की प्राप्ति

(16) आसमान में बिजली देखना- कार्य-व्यवसाय में स्थिरता

(17) मांस देखना- आकस्मिक धन लाभ

(18) विदाई समारोह देखना- धन-संपदा में वृद्धि

(19) टूटा हुआ छप्पर देखना- गड़े धन की प्राप्ति के योग

(20) सफेद कबूतर देखना- शत्रु से मित्रता होना

(21) मधुमक्खी देखना- मित्रों से प्रेम बढऩा

(22) दस्ताने दिखाई देना- अचानक धन लाभ

(23) शेरों का जोड़ा देखना- दांपत्य जीवन में अनुकूलता

(24) मैना देखना- उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति

(25) आभूषण देखना- कोई कार्य पूर्ण होना

(26) जामुन खाना- कोई समस्या दूर होना

(27) जुआ खेलना- व्यापार में लाभ

(28) खच्चर दिखाई देना- धन संबंधी समस्या

(29) समाधि देखना- सौभाग्य की प्राप्ति

(30) स्वयं को उड़ते हुए देखना- किसी मुसीबत से छुटकारा

(31) किसी से लड़ाई करना- प्रसन्नता प्राप्त होना

(32) लड़ाई में मारे जाना- राज प्राप्ति के योग

(33) गोबर दिखाई देना- पशुओं के व्यापार में लाभ

(34) सुपारी देखना- रोग से मुक्ति

(35) लाठी देखना- यश बढऩा

(36) खाली बैलगाड़ी देखना- नुकसान होना

(37) दियासलाई जलाना- धन की प्राप्ति

(38) सीना या आंख खुजाना- धन लाभ

(39) मुर्दा देखना- बीमारी दूर होना

(40) चूड़ी दिखाई देना- सौभाग्य में वृद्धि

(41) धन उधार देना- अत्यधिक धन की प्राप्ति

(42) चंद्रमा देखना- सम्मान मिलना

(43) चांदी देखना- धन लाभ होना

(44) खेत में पके गेहूं देखना- धन लाभ होना

(45) फल-फूल खाना- धन लाभ होना

(46) चश्मा लगाना- ज्ञान में बढ़ोत्तरी

(47) लाल फूल देखना- भाग्य चमकना

(48) सफेद फूल देखना- किसी समस्या से छुटकारा

(49) सफेद सांप काटना- धन प्राप्ति

(50) नदी का पानी पीना- सरकार से लाभ

(51) रोटी खाना- धन लाभ और राजयोग

(52) रुई देखना- निरोग होने के योग

(53) कुत्ता देखना- पुराने मित्र से मिलन

(54) धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना- यश में वृद्धि व पदोन्नति

(55) जमीन पर बिस्तर लगाना- दीर्घायु और सुख में वृद्धि

(56) घर बनाना- प्रसिद्धि मिलना

(57) घोड़ा देखना- संकट दूर होना

(58) मोती देखना- पुत्री प्राप्ति

(59) अनार देखना- धन प्राप्ति के योग

(60) गड़ा धन दिखाना- अचानक धन लाभ

(61) बाजार देखना- दरिद्रता दूर होना

(62) मृत व्यक्ति से बात करना- मनचाही इच्छा पूरी होना

(63) अर्थी देखना- बीमारी से छुटकारा

(64) घास का मैदान देखना- धन लाभ के योग

(65) दीवार में कील ठोकना- किसी बुजुर्ग व्यक्ति से लाभ

(66) दीवार देखना- सम्मान बढऩा

(67) झरना देखना- दुखों का अंत होना

(68) जलता हुआ दीया देखना- आयु में वृद्धि

(69) धूप देखना- पदोन्नति और धनलाभ

(70) चेक लिखकर देना- विरासत में धन मिलना

(71) कुएं में पानी देखना- धन लाभ

(72) आकाश देखना- पुत्र प्राप्ति

(73) गोबर देखना- पशुओं के व्यापार में लाभ

(74) सुंदर स्त्री देखना- प्रेम में सफलता

(75) चूड़ी देखना- सौभाग्य में वृद्धि

(76) कुआं देखना- सम्मान बढऩा

(77) गुरु दिखाई देना- सफलता मिलना

(78) इंद्रधनुष देखना- उत्तम स्वास्थ्य

(79) कब्रिस्तान देखना- समाज में प्रतिष्ठा

(80) कमल का फूल देखना- रोग से छुटकारा

(81) देवी के दर्शन करना- रोग से मुक्ति

(82) चुनरी दिखाई देना- सौभाग्य की प्राप्ति

(83) छुरी दिखना- संकट से मुक्ति

(84) बालक दिखाई देना- संतान की वृद्धि

(85) चंदन देखना- शुभ समाचार मिलना

(86) जटाधारी साधु देखना- अच्छे समय की शुरुआत

(87) त्रिशूल देखना- शत्रुओं से मुक्ति

(88) तारामंडल देखना- सौभाग्य की वृद्धि

(89) सांप दिखाई देना- धन लाभ

(90) तपस्वी दिखाई देना- दान करना

(91) डाकिया देखना – दूर के रिश्तेदार से मिलना

(92) तमाचा मारना- शत्रु पर विजय

(93) दवात दिखाई देना- धन आगमन

(94) स्वयं की मां को देखना- सम्मान की प्राप्ति

(95) डाकघर देखना – व्यापार में उन्नति

(96) नक्शा देखना- किसी योजना में सफलता

(97) नमक देखना- स्वास्थ्य में लाभ

(98) पगडंडी देखना- समस्याओं का निराकरण

(99) किसी रिश्तेदार को देखना- उत्तम समय की शुरुआत

(100) दंपत्ति को देखना- दांपत्य जीवन में अनुकूलता

(101) शत्रु देखना- उत्तम धनलाभ

(102) ताश देखना- समस्या में वृद्धि

(103) तीर दिखाई देना- लक्ष्य की ओर बढऩा

(104) सूखी घास देखना- जीवन में समस्या

(105) भगवान शिव को देखना- विपत्तियों का नाश

(106) नेवला देखना- शत्रुभय से मुक्ति

(107) पगड़ी देखना- मान-सम्मान में वृद्धि

(108) दूध देखना- आर्थिक उन्नति

(109) मंदिर देखना- धार्मिक कार्य में सहयोग करना

(110) नदी देखना- सौभाग्य वृद्धि

(111) नीलगाय देखना- भौतिक सुखों की प्राप्ति

(112) बिल्वपत्र देखना- धन-धान्य में वृद्धि

(113) स्वयं की बहन देखना- परिजनों में प्रेम बढऩा

(114) पूजा होते हुए देखना- किसी योजना का लाभ मिलना

(115) फकीर को देखना- अत्यधिक शुभ फल

(116) गाय का बछड़ा देखना- कोई अच्छी घटना होना

(117) वसंत ऋतु देखना- सौभाग्य में वृद्धि

(118) स्वर्ग देखना- भौतिक सुखों में वृद्धि

(119) पत्नी को देखना- दांपत्य में प्रेम बढऩा

(120) स्वस्तिक दिखाई देना- धन लाभ होना

(121) भाई को देखना- नए मित्र बनना

(122) शहद देखना- जीवन में अनुकूलता

(123) स्वयं की मृत्यु देखना- भयंकर रोग से मुक्ति

(124) रुद्राक्ष देखना- शुभ समाचार मिलना

(125) पैसा दिखाई देना- धन लाभ

(126) तोता दिखाई देना- सौभाग्य में वृद्धि

(127) इलाइची देखना – मान-सम्मान की प्राप्ति

(128) मां सरस्वती के दर्शन- बुद्धि में वृद्धि

(129) कोयल देखना- उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति

(130) छिपकली दिखाई देना- घर में चोरी होना

(131) चिडिय़ा दिखाई देना- नौकरी में पदोन्नति

(132) कन्या को घर में आते देखना- मां लक्ष्मी की कृपा मिलना

(133) दूध देती भैंस देखना- उत्तम अन्न लाभ के योग

(134) खाली थाली देखना- धन प्राप्ति के योग

(135) गुड़ खाते हुए देखना- अच्छा समय आने के संकेत

(136) शेर दिखाई देना- शत्रुओं पर विजय

(137) हाथी दिखाई देना- ऐेश्वर्य की प्राप्ति

(138) ऊँट को देखना- धन लाभ

(139) सूर्य देखना- खास व्यक्ति से मुलाकात

(140) अंगूठी पहनना- सुंदर स्त्री प्राप्त करना

(141) आकाश में उडऩा- लंबी यात्रा करना

(142) आम खाना- धन प्राप्त होना

(143) अनार का रस पीना- प्रचुर धन प्राप्त होना

(144) चोंच वाला पक्षी देखना- व्यवसाय में लाभ

(145) आकाश में बादल देखना- जल्दी तरक्की होना

(146) घोड़े पर चढऩा- व्यापार में उन्नति होना

(147) दर्पण में चेहरा देखना- किसी स्त्री से प्रेम बढऩा

(148) बगीचा देखना- खुश होना

(149) सिर के कटे बाल देखना- कर्ज से छुटकारा

(150) बिस्तर देखना- धनलाभ और दीर्घायु होना

(151) बुलबुल देखना- विद्वान व्यक्ति से मुलाकात

(152) स्वयं को हंसते हुए देखना- किसी से विवाद होना

(153) स्वयं को रोते हुए देखना- प्रसन्नता प्राप्त होना

(154) फूल देखना- प्रेमी से मिलन

(155) शरीर पर गंदगी लगाना- धन प्राप्ति के योग

(156) पुल पर चलना- समाज हित में कार्य करना

(157) प्यास लगना- लोभ बढऩा

(158) पान खाना- सुंदर स्त्री की प्राप्ति

(159) पानी में डूबना- अच्छा कार्य करना

(160) धनवान व्यक्ति देखना- धन प्राप्ति के योग

(161) बादाम खाना- धन की प्राप्ति

(162) अंडे खाना- पुत्र प्राप्ति

(163) स्वयं के सफेद बाल देखना- आयु बढ़ेगी

(164) बिच्छू देखना- प्रतिष्ठा प्राप्त होगी

(165) पहाड़ पर चढऩा- उन्नति मिलेगी

(166) तलवार देखना- शत्रु पर विजय

(167) हरी सब्जी देखना- प्रसन्न होना

(168) तोप देखना- शत्रु नष्ट होना

(169) तीर चलाना- इच्छा पूर्ण होना

(170) तीतर देखना- सम्मान में वृद्धि

(171) तरबूज खाते हुए देखना- किसी से दुश्मनी होगी

(172) जहाज देखना- दूर की यात्रा होगी

(173) झंडा देखना- धर्म में आस्था बढ़ेगी

अशुभ स्वप्न एवं उनके फल

(1) छोटा जूता पहनना- किसी स्त्री से झगड़ा

(2) चंद्रमा को टूटते हुए देखना- किसी आकस्मिक समस्या का आना

(3) चंद्रग्रहण देखना- बीमार पड़ना

(4) आंखों में काजल लगाना- शारीरिक पीड़ा होना

(5) रोता हुआ सियार देखना- दुर्घटना की संभावना

(6) चक्की देखना- शत्रुओं के हाथों नुकसान

(7) दांत टूटते हुए देखना- समस्याओं में वृद्धि

(8) धुआं देखना- व्यापार में नुकसान उठाना

(9) भूकंप देखना- संतान को कष्ट

(10) स्वयं के कटे हाथ देखना- किसी निकट परिजन की मृत्यु का समाचार मिलना

(11) सूखा हुआ बगीचा देखना- बड़ा भारी कष्ट होना

(12) भेडिय़ा देखना- दुश्मन से भय

(13) राजनेता की मृत्यु देखना- देश में समस्या होना

(14) पहाड़ हिलते हुए देखना- किसी बीमारी से पीड़ित होना

(15) थूक देखना- परेशानी में पडऩा

(16) चिडिय़ा को रोते देखता- कंगाल होना

(17) दलदल देखना- चिंताएं बढऩा

(18) कैंची देखना- घर में कलह होना

(19) चींटी देखना- किसी समस्या में उलझना

(20) सुराही देखना- बुरी संगति से नुकसान होना

(21) बिल्लियों को लड़ते देखना- मित्र से झगड़ा

(22) सफेद बिल्ली देखना- धन की हानि होना

(23) लोमड़ी देखना- किसी घनिष्ट व्यक्ति से धोखा मिलना

(24) सूखा जंगल देखना- किसी कारण से परेशानी का आना

(25) चील देखना- शत्रुओं से भय

(26) स्वयं को दिवालिया घोषित करना- व्यवसाय चौपट होना

(27) सोना मिलना- धन की हानि

(28) कौआ देखना- किसी संबंधी की मृत्यु का समाचार मिलना

(29) धुआं देखना- व्यापार में हानि

(30) भूकंप देखना- संतान को कष्ट

(31) श्मशान में शराब पीना- शीघ्र मृत्यु होना

(32) उल्लू देखना- धन की हानि

(33) कोयला देखना- व्यर्थ विवाद में फंसना

(34) मृत व्यक्ति को पुकारना- विपत्ति एवं दुख मिलना

(35) पेड़ से गिरता हुआ देखना- किसी बीमारी से पीड़ित होकर मरना

(36) सूखा अन्न खाना- परेशानी बढऩा

(37) शरीर का कोई अंग कटा हुआ देखना- किसी निकट परिजन की मृत्यु के योग

(38) बिजली गिरना- संकट में फंसना

(39) चादर देखना- बदनामी के योग

(40) रत्न देखना- व्यय एवं दुख

(41) बाढ़ देखना- व्यापार में हानि

(42) चाबुक दिखाई देना- झगड़ा होना

(43) जाल देखना- मुकदमे में हानि

(44) ढोल दिखाई देना- किसी अनजान दुर्घटना का भय

(45) जेब काटना- व्यापार में घाटा उठाना

(46) फूलमाला दिखाई देना- निंदा होना

(47) जुगनू देखना- बुरे समय की शुरुआत होना

(48) टिड्डी दल देखना- व्यापार में हानि

(49) डॉक्टर को देखना- स्वास्थ्य संबंधी समस्या

(50) अस्त्र-शस्त्र देखना- मुकदमें में हारना

(51) तर्पण करते हुए देखना- परिवार में किसी बुर्जुग की मृत्यु

(52) उत्सव मनाते हुए देखना- शोक होना

(53) कोर्ट-कचहरी देखना- विवाद में पडऩा

(54) नाच-गाना देखना- अशुभ समाचार मिलने के योग

(55) भीख मांगना- धन हानि होना

(56) हथकड़ी दिखाई देना- भविष्य में भारी संकट

(57) कबूतर दिखाई देना- रोग से छुटकारा

(58) अजगर दिखाई देना- व्यापार में हानि

(59) कौआ दिखाई देना- बुरी सूचना का मिलना

(60) आकाश से गिरना- संकट में फंसना

(61) पतला बैल देखना – अनाज महंगा होगा

(62) बांसुरी बजाना- परेशान होना

(63) स्वयं को बीमार देखना- जीवन में कष्ट

(64) आंधी-तूफान देखना- यात्रा में कष्ट होना

(65) ऊँचाई से गिरना- घर में किसी परेशानी आना

(66) बारिश होते देखना- घर में अनाज की कमी

(67) बर्फ देखना- मौसमी बीमारी होना

(68) ऊँट की सवारी- रोगग्रस्त होना

(69) घोड़े से गिरना- व्यापार में हानि होना

(70) तालाब में नहाना- शत्रु से हानि

(71) भोजन की थाली देखना- धनहानि के योग

(72) सफेद बिल्ली देखना- धन की हानि

(73) बाल बिखरे हुए देखना- धन की हानि उठाना

(74) सुअर देखना- शत्रुता और स्वास्थ्य संबंधी समस्या

(75) भैंस देखना- किसी मुसीबत में फंसना

(76) पिंजरा देखना- कैद होने के योग

(77) तेल पीना- किसी भयंकर रोग की आशंका

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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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