Acharya Vinod Bharadwaj
14th Sep 2019पिता पितामह प्रापितामह हमारे जीवन के लिए आराध्य तथा देव तुल्य होते हैं पित्र पक्ष में इन्हें तर्पण करके हर वह चीज पाई जा सकती है जिसके मन में इच्छा आप इन स्थितियों का अनुकरण करके अपने पिता आदि को तृप्त कर सकते हैं और पित्र पक्ष में पुण्य के भागीदार बन बन सकते हैं
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