तिल के किस अंग पर और क्या फल

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Astro Rakesh Periwal 12th Sep 2017

सावधान! अगर आपके भी शरीर के इस ख़ास हिस्से पर है तिल तो ये खबर आपके लिए है…

आप सभी जानते हें हमारे शरीर पर कई प्रकार के जन्मजात या जीवनकाल के दौरान निकले निशान बन जाते हैंl इन्हे हम तिल, मस्सा एवं लाल मस्सा के नाम से जानते हैंl भारतीय ज्योतिष शास्त्रों की शाखा समुद्र विज्ञान में शरीर पर मौजूद चिन्हों के आधार पर व्यक्ति के भविष्य का विश्लेषण किया जाता हैl शरीर पर पाए गए यह निशान हमारे भविष्य और चरित्र के बारे में बहुत कुछ दर्शाते हैंl कई बार समय के साथ तिल बन जाते हैं और गायब भी हो जाते हैं लेकिन कुछ तिल या मस्से हमेशा रहते हैl आज हम आपको उन्ही निशानों के बारे में बता रहे हैं कि शरीर के किस हिस्से में तिल का क्या होता है मतलब ।

तिल तथा मस्से का होना दोनों एक ही प्रभाव देता हैl तिल आपके सभी प्रकार के शारीरिक, आर्थिक एवं चरित्र के बारे में काफी कुछ दर्शा देता हैl तिल का प्रभाव हमारे लिंग से कभी भी अलग नही होताl सामान्यत: तिल सभी के शरीर पर होते हैंl एक ओर तिल व्यक्ति की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं, वहीं दूसरी ओर तिल व्यक्ति के स्वाभाव को भी व्यक्त करते हैंl शरीर पर तिल हो तो इन्सान को यह जानने की जिज्ञासा रहती है कि इसका क्या फल होगा..? आइये जानते है कुछ विशेष तिल के बारे में..

माथे पर तिल- माथे के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम की निशानी हैl माथे के दाहिने तरफ का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु बायीं तरफ का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता हैl ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धिकारक और बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है ।

२. भौंहों पर तिल- यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अकसर यात्रा करता रहता हैl दाहिनी पर तिल सुखमय और बायीं पर तिल दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता हैl

3. आंख की पुतली पर तिल- दायीं पुतली पर तिल हो तो व्यक्ति के विचार उच्च होते हैंl पुतली पर तिल वाले लोग सामान्यत: भावुक होते हैंl

4. पलकों पर तिल- आंख की पलकों पर तिल हो तो जातक संवेदनशील होता हैl दायीं पलक पर तिल वाले बायीं वालों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील होते हैंl

5. आंख पर तिल- दायीं आंख पर तिल जीवनसाथी से मेल होने का एवं बायीं आंख पर तिल जीवनसाथी के साथ संबंधों के उतार-चढ़ाव से भरे होने का आभास देता हैl

6. कान पर तिल- कान पर तिल व्यक्ति की आयु की तरफ इशारा करता हैl

7. नाक पर तिल- नाक पर तिल हो तो व्यक्ति प्रतिभासंपन्न और सुखी होता हैl महिलाओं की नाक पर तिल उनके सौभाग्यशाली होने का सूचक हैl

8. होंठ पर तिल- होंठ पर तिल वाले व्यक्ति बहुत प्रेमी हृदय होते हैं। यदि तिल होंठ के नीचे हो तो आपकी जेब पर इसका असर दिखाई देता हैl

9. मुंह पर तिल- मुखमंडल के आसपास का तिल स्त्री तथा पुरुष दोनों के सुखी संपन्न एवं सज्जन होने के सूचक होते हैंl मुंह पर तिल व्यक्ति को भाग्य का धनी बनाता हैl उसका जीवनसाथी सज्जन होता हैl

10. गाल पर तिल- गाल पर लाल तिल शुभ फल देता है। बाएं गाल पर कृष्ण वर्ण तिल व्यक्ति को संघर्षशील, किंतु दाएं गाल पर धनी बनाता है।

11. जबड़े पर तिल- जबड़े पर तिल हो तो स्वास्थ्य की अनुकूलता और प्रतिकूलता निरंतर बनी रहती है।

12. कंधों पर तिल- दाएं कंधे पर तिल का होना दृढ़ता तथा बाएं कंधे पर तिल का होना तुनकमिजाजी का सूचक होता है।

13. दाहिनी भुजा पर तिल- ऐसे तिल वाला जातक प्रतिष्ठित व बुद्धिमान होता है। लोग उसका आदर करते हैं।

14. बायीं भुजा पर तिल- बायीं भुजा पर तिल हो तो व्यक्ति अपनी बात कहते हुए झिझकता नहीं है। हां, इसका असर कभी कभी उसके संबंधों पर भी पड़ता है।

15. कोहनी पर तिल- कोहनी पर तिल का पाया जाना विद्वता का सूचक है।

16. तर्जनी पर तिल- जिसकी तर्जनी पर तिल हो, वह विद्यावान, गुणवान और धनवान किंतु शत्रुओं से जूझता है।

17. हाथों पर तिल- जिसके हाथों पर तिल होते हैं वह बुद्धिमान होता है। गुरु क्षेत्र में तिल हो तो सन्मार्गी होता है। दायीं हथेली पर तिल हो तो बलवान और दायीं हथेली के पृष्ठ भाग में हो तो धनवान होता है। बायीं हथेली पर तिल हो तो जातक खर्चीला तथा बायीं हथेली के पृष्ठ भाग पर तिल हो तो कंजूस होता है।

18. अंगूठे पर तिल- अंगूठे पर तिल हो तो व्यक्ति कार्यकुशल, व्यवहार कुशल तथा न्यायप्रिय होता है।

19. छाती पर तिल- छाती पर दाहिनी ओर तिल का होना शुभ होता है। पुरुष भाग्यशाली होते हैं। शिथिलता छाई रहती है। छाती पर बायीं ओर तिल रहने से भार्या पक्ष की ओर से असहयोग की संभावना बनी रहती है। छाती के मध्य का तिल सुखी जीवन दर्शाता है। यदि किसी स्त्री के हृदय पर तिल हो तो वह सौभाग्यवती होती है।

20. पांवों में तिल- समुद्र विज्ञान के अनुसार जिनके पांवों में तिल का चिन्ह होता है उन्हें अपने जीवन में अधिक यात्रा करनी पड़ती है। दाएं पांव की एड़ी अथवा अंगूठे पर तिल होने का एक शुभ फल यह माना जाता है कि व्यक्ति विदेश यात्रा करेगा। लेकिन तिल अगर बायें पांव में हो तो उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ता है। गैर जरूरी विषयों में इनका धन व्यय होता है।

 


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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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