Saraswati- Iconographic Symbolism

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Vaswati Baksiddha 22nd Jan 2018

Saraswati- Iconographic  Symbolism

 

Devi Saraswati ; the consort of lord Brahma is worshiped to fertile knowledge, speech, learning arts etc. 

 

Saraswati's female form demonstrates the great respest & recognition that women held in the vedic tradition. She extols tolerance as well as moral & spiritual strength. 

 

Her white complexion & garments point to her absolute purity. Her 4 arms represent the 4 directions, giving the notion that saraswati is all- pervading. The front arms relate to the manifest world while subjective world the back arms. Four aspects of personality the mana, the budhdhi, the chitta and the ahankara are demonstrate by her. 

 

The book in the left hand symbolizes that acquisition & application of knowledge should be controlled by the softer side of the human personality. 

 

The rosary symbolizes concentration, meditation, way to union with god. 

 

The swan demonstrates the discrimination between right & wrong. 

 

The white lotus represents supreme knowledge in activity. It is a symbol of evolution & detachment. 

 

The veena points to the collective sound of all our thoughts and actions as it is manifest as music in the Cosmic universe. It marks the withdrawal of senses & the focus needed to attain knowledge. 

 

Vasant Panchami day is dedicated to devi saraswati. Vasant panchami is also known as Sreepanchmi. 

 

Puja Muhurto of this year's Saraswati puja and Vasant Panchami is given below: 

This year Vasant Panchami will celebrate From 29 th January 10: 45  to  30th January 13 : 29 p.m.

 

06 : 22 to 11 : 48 a.m. =  (5 hrs 25 mins )

 

Tithi Begins. - 15 : 33 p.m on 21st January 

 

Tithi Ends.    -  16 : 24 p.m. on 22nd January 

 

Best wishes to all for Saraswati Puja and Vasant Panchami. 

 

 


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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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