गोराचन के उपयोग लाभ व गुण

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Ravinder Pareek 08th Nov 2020


गोरोचन (Gorochan)आज के जमाने में एक दुर्लभ वस्तु हो गई है। गोरोचन गाय के शरीर से प्राप्त होता है। कुछ विद्वान का मत है कि यह गाय के मस्तक में पाया जाता है, किंतु वस्तुतः इसका नाम ‘गोपित्त’ है, यानी कि गाय का पित्त। हल्की लालिमायुक्त पीले रंग का यह एक अति सुगंधित पदार्थ है, जो पथरी की तरह जमा हुआ सा होता है। अनेक औषधियों में इसका प्रयोग होता है। यंत्र लेखन, तंत्र साधना तथा सामान्य पूजा में भी अष्टगंध-चंदन निर्माण में गोरोचन की अहम भूमिका है। गोरोचन का नियमित तिलक लगाने से समस्त ग्रहदोष नष्ट होते हैं। आध्यात्मिक साधनाओं के लिए गारोचन बहुत लाभदायी है।

कहते यह भी हैं कि गोरोचन गाय की नाभि से निकलता है, जिसका शुद्ध नाम है. (गौ पित्त) आज कल बाजार मॆ दस बीस रुपये मॆ नकली गोरोचन बहुत बिक रहा है, असली गोरोचन से हम लोग बहुत दूर होते है, गोरोचन गाय के अंदर बहुत ही कम मात्रा में होता है, इसका रंग हल्का स्लेटी कलर मॆ कुछ मटमेले रंग जैसा होता है और यह गोल तिकोने अथवा छोटे छोटे दाने के आकार का होता है, लोग इसे इस्तेमाल करने के लिए इसका पाउडर भी बना लेते हैं, तांत्रिक लोग इसे विशेष कर दूसरो को वशीकरण अथवा सम्मोहन के लिये इस्तेमाल करते है।

आइये जानते हैं

गोरोचन के विशेष लाभ

गोरोचन का प्रयोग अधिकाँश वशीकरण व सम्मोहन के लिये तिलक के रूप में बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है. सिध्द गोरोचन से तिलक करने से इष्टदेव की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष समाप्त होता है और देव कृपा बनी रहती है। सवा दो ग्राम शुद्ध गोरोचन और सवा दो ग्राम लाल गंधक (मैनसिल) को पीले रेशमी कपड़े मॆ बाँधकर लाभ के चौघडिया मे शुक्रवार के दिन चाँदी डिब्बी में गल्ले अथवा तिजोरि मॆ रखने से व्यापार अपूर्व तेजी से चलने लगता है।

शुद्ध गोरोचन पीले कपड़े मॆ बाँधकर अपने पास रखने से सम्मोहन शक्ति बढ़ती है और निरंतर धन का आवागमन होता रहता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है, पूर्णमासी के दिन सिध्द गोरोचन को पीस कर चन्दन और केसर मिलाकर तिलक करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो होती है और गजब की सम्मोहन शक्ति बढ़ती है।

यदि व्यर्थ ही समाज के लोग आपसे नफरत करते है और आपको हानि पहुँचाना चहाते है आपके सभी काम धंधो मे रुकावटे पेदा करते है तो आप पूर्णमासी के दिन सवा दो ग्राम गोरोचन और 1 ग्राम रेड सल्फर (मैनसिल) और 1 ग्राम कामिया सिंदूर तीनो को बारीक पीसकर किसी भी सम्मोहन मंत्र से अभिमंत्रित करके अपने मस्तक पर तिलक लगाये फिर देखो वही समाज आपका कितना सम्मान करता है ये तिलक सेल्समैन और बड़े उध्योग पतियो के लिये बहुत ही लाभदायक है।

शुद्ध गोरोचन कस्तूरी और मैनसिल को किसी किसी रेशमी रूमाल मॆ बाँधकर अपने पास रखने से गजब की आकर्षण शक्ति बढ़ती है दुश्मन भी सर झुकाकर चलता है और व्यापार में वृध्दि होती है. यदि बार बार किसी के रिश्ते मे रुकावटे आती है शादी नहीं हो रही है तो शुक्ल पक्ष मे गुरुवार को सवा दो ग्राम गोरोचन किसी पीले कपड़े मे या चाँदी के ताबीज मे शुभ या लाभ के चौघडिया मे सीधी बाजू अथवा गले मे धारण कराये तो 6 महीने रिश्ता पक्का हो जायेगा।

यदि कोई लड़का लड़का लड़की एक दूसरे प्रेम करते है और शादी करना चहाते मगर किसी कारण से आपसी बात नही बन पा रही है तो सवा दो ग्राम गोरोचन और एक ग्राम रेड सल्फर (मैनसिल) दोनो को पूर्णमासी के दिन किसी सम्मोहन मंत्र से अभिमंत्रित करके बारीक पीसकर आधा चाँदी के ताबीज भरके गले मे धारण करे और शेष बचे हुये पाउडर से मस्तक पर तिलक करे और शुक्रवार बुधवार पूर्णमासी को अवश्य मिलते रहे तो कुछ ही समय मे दोनो एक दूसरे के जीवन साथी बन जाते है।

सवा दो ग्राम शुद्ध गोरोचन और सवा ग्राम केशर को पीस कर पूर्णमासी के दिन वशीकरण मंत्र से अभिमँत्रित कर आधा चूर्ण चाँदी के ताबीज में धारण करने से अथवा तिलक करने से जबर्दस्त वशीकरण होता है, यदि बार बार आपकी जॉब मे रुकावट आ रही हो बार बार इंटरव्यू मे फेल हो रहे तो सवा ग्राम गोरोचन पीले रेशमी कपड़े मे गुरुवार को सूर्योदय के वक्त अपनी सीधी भुजा पर बाँधे सुबह सुबह शाम 15 /15 बूँद गोरोचन कल्प आधा कप पानी मे डालकर पिये 6 महीने मे सभी समस्याये समाप्त हो जायेगी।

अगर आपका व्यापार कुछ दिन चलने के बाद स्वतः बंद हो जाता है या व्यापार में कम चलता है अन्य कोई बाधा आ रही है तो आप पूर्णमासी के दिन शुद्ध गोरोचन किसी सम्मोहन मंत्र से अभिमंत्रित करके तिलक करते हैं,तो आपका व्यापार मॆ बहुत ही तेजी के साथ प्रगति होती है, यदि कोई शत्रु अनावश्यक परेशान करता है सवा ग्राम शुद्ध गोरोचन एक ग्राम रेड सल्फर (मेंन्सिल) शत्रु की फोटो के साथ शनिवार को रात्रि 9 बजे पीपल की जड़ के नीचे दवादे कुछ ही समय में शत्रुता स्वयं समाप्त हो जायेगीं।

अगर आप किसी भूत प्रेत की बाधा से परेशान हैं तो आप दुर्गा शप्तशती के सिध्द मंत्र सर्वबाधा विनिर्मुक्तौ — से शुद्ध गोरोचन को अभिमंत्रित कर किसी ताबीज मॆ डालकर अपने गले मॆ धारण करे तो निशिचित रूप से सभी ब्याधियो का नाश हो जाता है सुबह शाम 15 / 15 बूंद गोरोचन कल्प आधा कप पानी डालकर पिलाये 24 घंटे लाभ दिखाना शुरू हो जायेंगा. यदि घर परिवार मे कोई व्यक्ति बार बार बीमार पड़ जाता है काफी इलाज कराने पर भी बीमारी पीछा नही छोड़ती है सवा दो ग्राम शुद्ध गोरोचन चाँदी या स्वर्ण के ताबीज मे शुक्रवार शुक्ल पक्ष मंगल बार को अमृत के चौघडिया मे रोगी के गले मे धारण कराये धीरे धीरे रोग स्वत चला जायेगा।

अगर बार बार आपको व्यापार मे हानि हो रही है तो पूर्णमासी के दिन सवा दो ग्राम गोरोचन और सवा दो ग्राम लाभ के चौघडिया मे अपने गल्ले के अंदर रखे

इससे धीरे धीरे आपका व्यापार बहुत तेजी के साथ गतिमान हो जायेगा. अगर घर मॆ पति पत्नी के बीच बहुत ज्यादा ग्रह क्लेश रहता है तो दोनो किसी सिध्द वशीकरण करण मंत्र से गोरोचन को अभिमंत्रित कर इसका तिलक करे तो धीरे धीरे गृह क्लेश समाप्त हो जाता है यदि ग्रह क्लेश ज्यादा है सुबह शाम 15 / 15 बूंद गोरोचन कल्प आधा कप पानी डालकर पिलाये 24 घंटे लाभ दिखाना शुरू हो जायेंगा।

सिध्द गोरोचन का प्रयोग आप तिलक के रूप मे करने हजारो समस्याओ को हल कर देता है इससे गजब की सम्मोहन शक्ति बढ़ती है अगर कोर्ट कचहरी मे पति पत्नी के बीच तलाक का केस चल रहा है और आप नही चहाते कि दोनो के बीच मे तलाक हो तो आप सवा दो ग्राम गोरोचन 1 ग्राम काली हल्दी और 1 ग्राम कामिया सिंदूर तीनो को पूर्णमासी के दिन बारीक पीसकर तिलक बनाले और किसी भी सिध्द सम्मोहन मंत्र से अभिमंत्रित करके कोर्ट जाते वक्त तिलक लगाये निश्चित रूप से तलाक रुक जायेगा अगर कामिया सिंदूर उपलब्ध ना हो तो रेडसल्फर (मेंन्सिल)और गोरोचन भी काफी लाभदायक होता है।

यदि आपकी गाड़ी का बार बार एक्सीडेंट होता है या गाड़ी ठीक से नही चलती है तो शुक्ल पक्ष मंगल बार को सवा दो ग्राम गोरोचन किसी लाल रेशमी रूमाल लाभ के चौघडिया चर लग्न मे गाड़ी के अंदर रखे इससे ना तो कभी गाड़ी का एक्सीडेंट होगा और ना वह गाड़ी कभी आपको हानि पहुँचायेगी. अगर निरंतर व्यापार मे घाटा हो रहा हो तो पूर्णमा के सवा दो ग्राम गोरोचन और सवा ग्राम ब्लेक सल्फर लेकर 31बार श्री शूक्त के द्वारा अभिमंत्रित करके किसी लाल या पीले रेशमी रूमाल मे बाँधकर गुरुवार को गल्ले मे तो व्यापार मे बहुत प्रगति होती है और बँधा हुआ व्यापार भी खुल जाता है।

अगर कोई व्यक्ति घर से रूठ कर भाग गया हो तो आपके किसी बगैर धुले कपड़े सवा ग्राम गोरोचन गुरुवार को रखकर किसी भारी भारी पत्थर के नीचे दवा दे वह व्यक्ति अगर जिंदा है तो बहुत जल्दी घर वापस आ जायेगा.

अगर परिवार मे कोई व्यक्ति अकारण ही क्लेश करता है मारपीट तोड़ फोड़ करता है बात बात पर गुस्सा करता है गाली ग्लौज करता है जिससे घर परिवार मे कोई बड़ा हादसा होंने कि उम्मीद बनी रहती है तो ऐसे व्यक्ति को आप गोरोचन कल्प की 15/15 बूँद सुबह शाम आधा कप पानी डालकर खाली पेट दे आप 24 घँटे मे उस व्यक्ति के जबर्दस्त परिवर्तन देखेगे।

यदि बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं खेल कूद में लगा रहता है सवा ग्राम शुद्ध गोरोचन शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन चाँदी के ताबीज में उसके गले में धारण कराये यदि बच्चा ज्यादा ही मंद बुध्दि है तो आप उसे गोरोचन कल्प की 10/10 बूँद सुबह शाम आधा कप पानी डालकर खाली पेट दे आप 24 घँटे मे उस व्यक्ति के जबर्दस्त परिवर्तन देखेगे यदि बार बार कोई व्यक्ति घर में झगड़ा या मारपीट करता है उसे सुबह शाम 15 / 15 बूंद गोरोचन कल्प आधा कप पानी में दे और 24 घंटे में चमत्कारी प्रभाव देखें।


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Comments

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NAVEENTARA

Very Good...


Chander Mukhi

Well done


Chander Mukhi

Thanks sir ji


Chander Mukhi

Good


Chander Mukhi

Nice sir ji


BhanudasRamphale

nice article explained by astrologer


Very good


Suman Sharma

Nice about Gorochan


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