बुध ग्रह

" /> बुध ग्रह कमजोर होने से क्या परेशानी होती है और उसका समाधान कैसे करे जाने इस लेख में

"/> Indian Astrology-Astrologer on Phone-Indian Vedic Astrology

बुध ग्रह

Share

Astro Pawan Kumar Pandey Ji 13th Jul 2020

*कुंडली मे कमजोर बुध से उत्पन्न परेशानियां एवं निवारण* 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ ज्योतिषशास्त्र में बुध अपनी बड़ी महत्वपूर्णभूमिका निभाता है और हमारे जीवन के बहुत विशेष घटकों को नियंत्रित करता है। बुध का रंग हरा है वर्ण वैश्य है बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है कन्या राशि बुध की उच्च राशि भी है और मीन राशि में बुध नीचस्थ अर्थात सबसे कमजोर होता है, शनि, शुक्र और राहु बुध के मित्र ग्रहहैं और गोचरवश बुध किसी भी राशि में लगभग एक माह रहता है। बुध आपकी जुबान, बर्ताव, आपके दिमाग और आपकी खूबसूरती का कारक ग्रह है. कुंडली में बुध की स्थति तय करती है कि आप कैसा बोलते हैं, कैसा व्यवहार करते हैं, आपका व्यक्तित्व और बुद्धि कैसी है. बुध का महत्व और विशेषताएं 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ बुध को ग्रहों में सबसे सुकुमार और सुन्दर ग्रह माना जाता है। ज्योतिष में बुध को युवराज ग्रह भी कहते हैं। कन्या और मिथुन राशी का स्वामी बुध है और इसका तत्व पृथ्वी है। ज्योतिष में बुध को वैसे तो बुद्धि, तर्कशक्ति, निर्णय क्षमता, याददास्त, सोचने समझने की क्षमता,वाणी, बोलने की क्षमता, उच्चारण, व्यव्हार कुशलता, सूचना, संचार, यातायात, व्यापार, वाणिज्य, गणनात्मक विषय, लेखन, त्वचा, सौंदर्य और सुगंध, कम्युनिकेशन और गहन अध्ययन का कारक माना गया है इसके अतिरिक्त कान, नाक, गले और संचार से भी बुध का संबंध है। गणितीय और आर्थिक मामलों में कामयाबी भी दिलाता है।और ये सभी घटक हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं विशेषतः बुद्धि क्षमता की तो आज के समय में सर्वाधिक और हरजगह आवश्यकता होती है। बुध से बुद्धि, वाणी और एकाग्रता की समस्या 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ यदि कुंडली में बुध नीच राशि (मीन) में हो, छटे या आठवे भाव में स्थित हो, केतु या मंगल से पीड़ित हो, सूर्य के साथ समान अंशपर होने से पूर्ण अस्त हो, षष्टेश अष्टमेश से पीड़ित हो या अन्य किसी भी प्रकार जब बुध बहुत कमजोर या पीड़ित हो ऐसे में व्यक्ति को मष्तिष्क से जुडी समस्यायें और तंत्रिका तंत्र संबंधित रहती हैं। इसके प्रभाव से आपको लगने लगता है की आपकी सोचने और समझने की शक्ति कमजोर है। कोई भी फैसला लेने में आपको वक्त लगता है और आपका ध्यान भी बार-बार भटकता है तो हो सकता है कि आपका बुध कमजोर हो। बुध कमजोर हो तो इंसान अपनी बुद्धि का सही प्रयोग नहीं कर पाता। ऐसे इंसान को कोई भी चीज देर से समझ आती है और वह अक्सर दुविधा में ही रहता है। बुध कमजोर हो तो इंसान ठीक से बोल नहीं पाता, कभी कभी हकलाहट भी होती है। बुध से बुद्धि, वाणी और एकाग्रता की समस्याओं के उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ रोज सुबह तुलसी के पत्तों का सेवन करें। इसके बाद 108 बार 'ॐ ऐं सरस्वतयै नमः' का जाप करें। हर बुधवार को गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और इस दूर्वा को अपने पास रखें। बुध के कारण त्वचा की समस्या 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ कमजोर बुध कभी-कभी त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी देता है। कमजोर बुद्ध से एलर्जी, दाने और खुजली की समस्या होती है। सूर्य का प्रभाव हो तो त्वचा पर दाग-धब्बे पड़ जाते हैं। मंगल का भी प्रभाव हो तो त्वचा झुलस सी जाती है। राहु का योग हो तो विचित्र तरह की त्वचा की समस्या होती है। बुध के कारण त्वचा की समस्या के उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाएं. ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों और सलाद का सेवन करें। प्रभावित जगह पर नारियल का तेल लगाएं। अगर त्वचा की समस्या ज्यादा हो तो एक ओनेक्स पहनें। बुध से कान, नाक और गले की समस्या 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ बुध बहुत कमजोर हो तो सुनने और बोलने में दिक्कत होती है। कभी-कभी गला खराब हो जाता है और लगातार खराब ही रहता है। सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है, किसी खास तरह की गंध से एलर्जी होती है। बुध से कान, नाक और गले की समस्या के उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ रोज सुबह गायत्री मंत्र का जाप करें या मन में दोहराएं। चांदी के चौकोर टुकड़े पर "ऐं" लिखवाकर गले में पहनें। ज्यादा से ज्यादा हरे कपड़े पहनें। रोज सुबह स्नान के बाद पीला चन्दन माथे, कंठ और सीने पर लगाएं। कमजोर बुध से गणित से जुड़े विषयों की समस्या 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ कई बार पढ़ाई-लिखाई में कड़ी मेहनत करने के बावजूद कुछ लोग गणित और इससे जुड़े विषयों में कमजोर ही रह जाते हैं. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इसका कारण कमजोर बुध हो सकता है। बुध कमजोर हो तो गणित या गणित से जुड़े विषयों में समस्या होती है। गणित से मिलते जुलते विषय जैसे - अकाउंट्स, इकोनॉमिक्स या सांख्यिकी में भी दिक्कत होती है। इंसान को बार-बार इन विषयों में नाकामी का सामना करना पड़ता है। कमजोर बुध के चलते गणित से जुड़ी समस्याओं के उपाय 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ अपनी इच्छा से ही गणित से जुड़े विषय चुनें, जबरदस्ती नहीं। रोज सुबह और शाम "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का जाप करें। अपने पढ़ने की जगह पर कोई हरे रंग की देव प्रतिमा लगाएं। एवं खाने में थोड़ी सी हरी मिर्च का प्रयोग जरूर करें। *ज्योतिषाचार्य पवन कुमार पांडेय*


Like (0)

Comments

Post

Latest Posts

*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

Top