Astro Manoj Gupta
20th Mar 2024सर्व गुण सम्पन कोई था ही नहीं मेरा आदर्श कोई एक रहा ही नहीं हर किसी में कुछ खुबिया कुछ कमिया होती है इसीलिए किसी एक को आदर्श बना ही नहीं सका रावण राम का शत्रु था मगर जब राम जी की पूजा करवाई तो शत्रुता तो एक तरफ रख पंडताई भी भी पूरी निष्ठां से करवाई और जीतने का आशीर्वाद भी दिया रावण भी कही न कही एक आदर्श के रूप में मेरे दिल में बसा है जो भगति हनुमान जी कर रहे है वो चाहकर भी हम लोग नहीं कर सकते शायद इसीलिए आज भी जब में ज्योतिष की गद्दी पैर बैठता हु तो भूल जाता हु सामने वाला मेरा दोस्त या या शतु सबके लिए में एक सामान रहता हु कोई एक है ही नहीं मेरा आदर्श
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