Hora In Tarot

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Ruma Marwah 12th Aug 2017

Hora in Tarot

 

Hora is an hour duration in a day, ruled by a particular planet. Horas are divided into 24 Horas. From Sunrise to Sunset these Horas are ruled by Seven planets, starting from the Lord Planet of the day.

It’s very important to check the daily Hora before starting anything important on a particular day.

Note: Hora is calculated based on the Sunrise and Sunset time of your City and Country.

Suppose a person asked a question on 14 th January 2016 Place:-New Delhi

 

Take out 3 Cards from Major Arcana, if it is Major Event.

Client wanted to know when to sign for an agreement?

 

Cards were drawn like Strength, The Sun, and The Magician.

Total is 28 it means 2+8=10= 1

 

Jan 14th is Saturday. So the starting hour of this day is Hora of Saturn. So Saturn Hora starts from 6:32 Am to 7:32 Am

Saturn-6:32 to 7:32

Jupiter-7:32 to 8:32

Mars-8:32 to 9:32

Sun-9:32 to 10:32

Venus-10:32 to 11:32

Mercury-11:32 to 12:32

Moon-12:32 to 13:32

Saturn-13:32 to 14:32

Jupiter- 14:32 to 15:32

Mars- 15:32 to 16:32

Sun- 16:32 to 17:32

Venus- 17:32 to 18:32

Mercury- 18:32 to 19:32

Moon- 19:32 to 20:32

 

Saturn-20:32 to 21:32

Jupiter-21:32 to 22:32

Mars-22:32 to 23:32

Sun-23:32 to 24:32

Timings to Sign- 12:32 to 13:32, 20:32 to 21:32

 

Or you can match with major Arcana card like the total is one it means the number one is of Sun as per chaldean numerology.

Timings to Sign-in 9:32 to 10:32 or 16:32 to 17:32.

 

Hora Table of Each Day

Day-Sunday

 

Sun

Venus

Mercury

Moon

Saturn

Jupiter

Mars

Day- Monday

 

Moon

Saturn

Jupiter

Mars

Sun

Venus

Mercury

 

Day-Tuesday

 

Mars

Sun

Venus

Mercury

Moon

Saturn

Jupiter

 

Day- Wednesday

 

Mercury

Moon

Saturn

Jupiter

Mars

Sun

Venus

 

Day- Thursday

 

Jupiter

Mars

Sun

Venus

Mercury

Moon

Saturn

 

Day- Friday

 

Venus

Mercury

Moon

Saturn

Jupiter

Mars

Sun

Day- Saturday

 

Saturn

Jupiter

Mars

Sun

Venus

Mercury

Moon

 

 


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Comments

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Astro Premkumar mg

very useful article. Thanks


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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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