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विवाह कब होगा

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Anil Shrivastava 18th Jan 2019

जो लोग मुझसे ज्योतिषीय परामर्श लेते रहते हैं उनमें से अधिकांश का प्रश्न यह होता है कि विवाह कब होगा ? इसलिए आज इस विषय पर ज्योतिषीय आंकलन प्रस्तुत कर रहा हूँ। भारत में सामान्यतः विवाह की विधि सम्मत उम्र लड़के के लिए 21 वर्ष और लड़की के लिए 18 वर्ष निर्धारित है परंतु बहुत कम लोग होते हैं जिनके विवाह समय पर हो जाते हैं । उम्र होते ही पुत्री के माता-पिता को इस बात की चिंता सताने लगती है कि विवाह कब होगा यद्यपि पुत्र के मामले में भी ऐसी चिंता हो जाना स्वाभाविक है। आज इस प्रश्न का विश्लेषण करते हैं कि विवाह कब होगा ? यह कैसे पता लगाया जाय ? यह आम धारणा है कि यदि किसी की कुंडली में मंगल दूसरे, चौथे, सातवे ,आठवें भाव अथवा बारहवे भाव में मौजूद है तो कुंडली मांगलिक है और मांगलिक लोगों के विवाह के बारे में धारणा है कि उनके विवाह 28 वे वर्ष के बाद और 32 वे वर्ष के पहले होते है परंतु यह सच नहीं है । नाड़ी ज्योतिष के अनुसार केवल एक ग्रह ही किसी घटना के लिए जिम्मेदार नहीं होता है यह जिम्मेदारी कम से कम तीन ग्रह मिलकर उठाते है। विवाह के उद्देश्य के लिए हम किसी कुंडली का विश्लेषण करते हैं तो सबसे पहले यह देखा जाता है कि सेवंथ कस्पल सब लॉर्ड विवाह का प्रॉमिस कर रहा है या नहीं यदि यह प्रॉमिस मौजूद है तो विवाह जरूर होगा और यदि यह प्रॉमिस मौजूद नहीं है तो फिर विवाह नहीं होगा जब यह सुनिश्चित हो जाए कि विवाह की प्रॉमिस कुंडली में मौजूद है तब प्रश्न आता है कि विवाह कब होगा इसके लिए सबसे पहले हम महादशा का विश्लेषण करते हैं। चल रही महादशा यदि विवाह के लिए पॉजिटिव है यानी 2,7, 11, को सिग्नीफाइड कर रही है तो आगे हम भुक्ति का विश्लेषण करेंगे जब दोनों ही पॉजिटिव होंगे तो फिर सबसे ज्यादा पॉजिटिव अंतरा मैं विवाह होना सुनिश्चित है। मुझे यहां एक केस याद अा रहा है जहां एक लड़की को मंगली मानकर उसके विवाह की अवधि अधिकांश ज्योतिष विद्वानो ने 28 से 32 वर्ष में बताई थी जब इस प्रकरण में मुझसे संपर्क किया गया तो मैंने यह देखकर कि शुक्र विवाह के लिए बहुत ही स्ट्रॉन्ग और पॉजिटिव है और 2 ,7, 11 का कंपलीट कॉन्बिनेशन सिग्नीफाई कर रहा है तब मैंने यह बताया था कि 22 वें वर्ष में जब इसे गुरु की महादशा में शुक्र का अंतर मिलेगा तब विवाह निश्चित रूप से हो जाएगा और वही हुआ था 22 वें वर्ष में उस कन्या का विवाह हो गया था। तो कहने का अर्थ यह है की नाड़ी ज्योतिष की मदद से हम किसी भी घटना का बहुत बारीकी के साथ अध्ययन कर सकते हैं और ट्रांजिशन की मदद से यह भी निर्धारित किया जा सकता है किस सप्ताह में विवाह फिक्स हो जाएगा। परामर्श के लिए संपर्क करें 


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