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Twelfth House in Kundali

Astro Arvind shukla 07th Sep 2017

 बारहवां स्थान –  Twelfth House


बारहवें स्थान को व्यय स्थान कहते है. जीवन में सभी प्रकार की कमियों के लिये इस भाव को देखा जाता है. कालपुरुष की कुण्डली में इस भाव में गुरु की मीन राशि होती है. इसलिये इस स्थान को मोक्ष स्थान के रुप में भी देखा जाता है. बारहवें स्थान से शरीर के अंगों में पैरों के तलवे, आँख आदि का ज्ञान होता है. 

बारहवें स्थान की विशेषताएं 
बारहवां भाव होने के कारण इस भाव से विदेश यात्राएं देखी जाती है. यह भाव बंधन का भाव भी है. हर प्रकार की पांबन्दियां तथा रोक-टोक इस भाव से देखी जाती है. जेल, सजा इत्यादि के लिये बारहवा भाव देखा जाता है. लम्बी अवधि के लिये विदेश में निवास, लम्बी अवधि के लिये अस्पताल में रहना, सभी प्रकार के व्यय, निवेश, धन संबन्धी चिन्ताएं, ऋण का भुगतान, व्यावसायिक हानियां व कार्यक्षेत्र में मिलने वाली असफलता बारहवें घर से देखी जाती हैं. दूसरों को दु:ख देने वाले विषय बारहवें घर से देखे जा सकते है. 
इस भाव से ज्ञात होने वाली अन्य बातों में गुप्त विद्याएं जैसे तन्त्र-मन्त्र, गुप्त साधनाएं, श्ममशान, परलोक इत्यादि विषयों की जानकारी भी बारहवें स्थान से होती है. इसके अतिरिक्त यह भाव आराम का घर होता है. निद्रा व शयन कक्ष के विषय में भी इस घर से जाना जाता है. 
बारहवें भाव को विदेशों से संबन्ध का विश्लेषण करने के लिये भी देखा जाता है. द्वादश भाव में मीन राशि होने पर उसमें केतु की उपस्थिति मोक्ष दिलाने वाली कही गई है. इस भाव से छोटे-भाई बहनों का प्रमोशन देखा जाता है तथा भाई-बन्धुओं के सम्मान के लिये भी इस भाव का विचार किया जाता है. 

माता की विदेश यात्राओं के लिये बारहवें भाव को देख सकते हैं. संतान की चिन्ताओं व परेशानियों को जानने के लिये यह भाव देखा जा सकता है. जीवनसाथी के साथ वैवाहिक जीवन में आ रही दिक्कतों को समझने के लिये यह भाव सहयोगी हो सकता है. बारहवें भाव से प्रतियोगिताओं में सफलता का भी विचार किया जाता है. 

घर में स्थान 
बारहवें स्थान को घर के आस-पास की जगहों के रुप में देखा जाता है.


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