12 राशि विवरण

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Jyotish Vimal Jain 15th Aug 2020

अगर आप पता लगाना चाहें कि आपकी राशि क्या है और आपकी संगत राशियां कौन सी हैं, तो आप सही जगह पर हैं। यहाँ आप राशि ज्योतिष, राशि संगतता और राशि की तिथियों के बारे में सभी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। कुल 12 ज्योतिष राशियाँ होती हैं, और प्रत्येक राशि की अपनी ताकत और कमजोरियां, अपने स्वयं के विशिष्ट गुण, इच्छा एवं जीवन तथा लोगों के प्रति रवैया होता है। आकाश की छवियों, या जन्म के समय ग्रहों की स्थिति के विश्लेषण के आधार पर ज्योतिष हमें एक व्यक्ति की बुनियादी विशेषताओं, प्राथमिकताओं, कमियों और भय की एक झलक दे सकता है। अगर हम राशियों की बुनियादी विशेषताओं को जान लें तो हम वास्तव में लोगों को बहुत बेहतर जान सकते हैं। राशिफल की 12 राशियों में से प्रत्येक एक विशिष्ट राशि तत्व के अंतर्गत आती हैं। चार राशिचक्र तत्व हैं: वायु, अग्नि, पृथ्वी और जल और उनमें से हरेक हमारे भीतर कार्यरत एक अनिवार्य प्रकार की उर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। ज्योतिष का लक्ष्य हमें सकारात्मक पहलुओं पर इन ऊर्जा का ध्यान केंद्रित करना और हमारे सकारात्मक गुणों की एक बेहतर समझ पाने और नकारात्मकता से निपटने में मदद करना है। हम सभी में यह चार तत्व मौजूद हैं और वे ज्योतिषीय राशियों से जुड़े चार विलक्ष्ण व्यक्तित्व प्रकारों का वर्णन करते हैं। चार राशिचक्र तत्व बुनियादी चरित्र गुणों, भावनाओं, व्यवहार और सोच पर गहरा प्रभाव दर्शाते हैं। जल राशि जल राशि के जातक असाधारण भावनात्मक और अति संवेदनशील लोग होते हैं। वे अत्यंत सहज होने के साथ ही समुद्र के समान रहस्यमयी भी हो सकते हैं। जल राशि की स्मृति तीक्ष्ण होती है और वे गहन वार्तालाप और अंतरंगता से प्यार करते है। वे खुले तौर पर अपनी आलोचना करते हैं और अपने प्रियजनों का समर्थन करने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। जल राशियाँ हैं: कर्क, वृश्चिक और मीन। अग्नि राशि अग्नि राशि के जातक भावुक, गतिशील और मनमौजी प्रवृति के होते हैं। उन्हें गुस्सा जल्दी आता है, लेकिन वे सरलता से माफ भी कर देते हैं। वे विशाल ऊर्जा के साथ साहसी होते हैं। वे शारीरिक रूप से बहुत मजबूत और दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। अग्नि राशि के जातक हमेशा कार्रवाई के लिए तैयार, बुद्धिमान, स्वयं जागरूक, रचनात्मक और आदर्शवादी होते हैं। अग्नि राशियाँ हैं: मेष, सिंह और धनु। पृथ्वी राशि पृथ्वी राशि के लोग ग्रह पर "धरती" से जुड़े हुए होते हैं और वे हमें व्यवहारिक बनाते हैं। वे ज्यादातर रूढ़िवादी और यथार्थवादी होते हैं, लेकिन साथ ही वे बहुत भावुक भी हो सकते हैं। उन्हें विलासिता और भौतिक वस्तुओं से प्यार होता है। वे व्यावहारिक, वफादार और स्थिर होते हैं और वे कठिन समय में अपने लोगों का पूरा साथ देते हैं। पृथ्वी राशियाँ हैं: वृष, कन्या और मकर। वायु राशि वायु राशि के लोग अन्य लोगों के साथ संवाद करने और संबंध बनाने वाले होते हैं। वे मित्रवत्, बौद्धिक, मिलनसार, विचारक, और विश्लेषणात्मक लोग हैं। वे दार्शनिक विचार विमर्श, सामाजिक समारोह और अच्छी पुस्तकें पसंद करते हैं। सलाह देने में उन्हें आनंद आता है, लेकिन वे बहुत सतही भी हो सकती है। वायु राशियाँ हैं: मिथुन, तुला और कुंभ। राशि प्रेम संगतता चार्ट ज्योतिष में कोई भी असंगत राशि नहीं होती जिसका अर्थ है कि कोई भी दो राशि अधिक या कम संगत होती हैं। जिन दो लोगों की राशियों में अत्यधिक संगतता होती है, वे सरलता से निर्वाह करेंगे क्योंकि उनकी प्रवृति एक समान है। परंतु, ऐसे लोग जिनकी राशियों में संगतता कम होती हैं, उन्हें एक खुश और सौहार्दपूर्ण संबंध हासिल करने के क्रम में अधिक धैर्यवान एवं विनम्र बने रहने की आवश्यकता होगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं, राशियाँ चार तत्वों से संबंधित हैं: अग्नि: मेष, सिंह, धनु पृथ्वी: वृष, कन्या, मकर वायु: मिथुन, तुला, कुंभ जल: कर्क, वृश्चिक, मीन राशियाँ जिनके तत्व एक समान हैं, स्वाभाविक रूप से उनमें संगतता होती है क्योंकि वे एक दूसरे को सबसे बेहतर समझते हैं। ज्योतिष की एक शाखा काम ज्योतिष है जहाँ राशियों के बीच प्रेम संबंध की गुणवत्ता जानने के लिए दो जातक कुंडलियों में तुलना करते हैं। काम ज्योतिष या एक लग्न राशिफल उन जातकों के लिए एक उपयोगी उपकरण हो सकता है, जो अपने रिश्ते में शक्तियों और कमजोरियों का पता लगाना चाहते हैं। राशियों की तुलना करना जीवनसाथी को बेहतर समझ पाने में भी मदद कर सकता है, जिसका परिणाम एक बेहतर संबंध के रूप में होगा। निम्नलिखित चार्ट राशियों की ज्योतिष प्रेम संगतता दर्शाता है। चार्ट पर एक नज़र डालें और देखें कौन सी राशियाँ एक साथ बेहतर कर रही हैं! राशि संगतता चार्ट को पढ़ने के लिए, बस बाएँ कॉलम में अपनी राशि खोजें और अपने साथी की राशि के लिए संगत स्तंभ में स्थित दिल के आकार को देखें। जितना बड़ा दिल होगा, आपकी संगतता उतनी ही ज्यादा होगी! राशि प्रेम संगतता चार्ट चीनी ज्योतिष चीनी ज्योतिष पारंपरिक खगोल विज्ञान पर आधारित है। चीनी ज्योतिष का विकास उस खगोल विज्ञान से बंधा है जो हान राजवंश के दौरान पनपा था। चीनी राशिचक्र दुनिया में सबसे पुरानी ज्ञात राशिफल प्रणाली मानी जाती है और बारह जानवर किसी विशेष वर्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। चीनी ज्योतिष के अनुसार, एक व्यक्ति के जन्म का वर्ष इन जानवरों में से किसी एक का प्रतिनिधित्व करता है। बारह पशु राशियां या राशि प्रतीक हैं चूहा, बैल, बाघ, खरगोश, ड्रैगन, सांप, घोड़ा, भेड़, बंदर, मुर्गा, कुत्ता और सुअर। चीनी ज्योतिष में भी प्रकृति के पांच तत्व हैं अर्थात्: जल, लकड़ी, अग्नि, पृथ्वी एवं धातु। चीनी ज्योतिष के अनुसार, एक व्यक्ति की किस्मत को ग्रहों की स्थिति और व्यक्ति के जन्म के समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निर्धारित किया जा सकता है। चीनी लोग मानते हैं कि हमारा जन्म वर्ष हमारे दृष्टिकोण और क्षमता का पता लगा सकता है, और यह कि जानवर जन्म राशि में प्रतीकवाद होता है और किसी विशिष्ट व्यवहार को दर्शाते हैं। वैदिक ज्योतिष खगोल विज्ञान एवं ज्योतिषशास्त्र की पारंपरिक हिंदू प्रणाली ज्योतिष है, जिसे हिन्दू या भारतीय ज्योतिषशास्त्र या विगत कुछ समय से वैदिक ज्योतिष के रूप में जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष राशिफल तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित हैं: भारतीय खगोल विज्ञान, सांसारिक ज्योतिष और भविष्यसूचक ज्योतिष। भारतीय ज्योतिष में हमारे चरित्र को प्रकट किया जा सकता है, हमारे भविष्य की भविष्यवाणी की जा सकती है, और हमारी सबसे संगत राशियों को प्रकट किया जा सकता है। वैदिक ज्योतिष द्वारा हमें दिया गये सबसे उत्तम उपकरणों में से एक राशिफल संगतता है। निरायण (नक्षत्र राशिचक्र) 360 डिग्री का एक काल्पनिक क्षेत्र है, जिसे उष्णकटिबंधीय राशिचक्र की तरह बारह बराबर भागों में विभाजित किया गया है। पश्चिमी ज्योतिष के विपरीत जिसमें चलते राशिचक्र का उपयोग किया जाता है, वैदिक ज्योतिष स्थिर राशिचक्र का उपयोग करता है। तो, वैदिक राशिचक्र प्रणाली में आपकी ग्रह राशि वह नहीं है जो आपने सोची थी। माया ज्योतिष माया ज्योतिष माया कैलेंडर पर आधारित है और यह सबसे आगे की सोच रखने वाले ज्योतिष में से एक है। माया कैलेंडर या ज़ोल्किन ब्रह्मांड की अमूर्त ऊर्जा और सृष्टि के विकास पर आधारित है। ज़ोल्किन कैलेंडर में बीस दिवस राशियाँ (सौर जनजातियाँ) और तेरह आकाशगंगा संख्या होती हैं, जो 260 दिन का एक कैलेंडर वर्ष बनाते हैं। प्राचीन मायावासी मानते थे कि जीवन में शांति और सद्भाव के लिए, आपको इस सार्वभौमिक ऊर्जा को समझना और उसके साथ अपने आप को समायोजित करना होता था। इन बीस राशियों में से प्रत्येक माया कैलेंडर में एक दिन को दर्शाती हैं, इस प्रकार विभिन्न महीने और वर्ष के व्यक्तियों में एक समान दिवस चित्रलिपि साझा करने की अनुमति देती है। किसी की माया दिवस राशि उसकी/उसके व्यक्तित्व को परिभाषित करती है। हम ज्योतिष में विश्वास क्यों करते हैं हम जीवन में किसी भी अंधविश्वास पर विश्वास क्यों करते हैं, उपरोक्त प्रश्न का उत्तर उस दायरे में ही निहित है। लोग ज्योतिष में विश्वास करते हैं क्योंकि यह कई प्रकार की वांछनीय बातें प्रदान करता है जैसे जानकारी और भविष्य के बारे में आश्वासन, उनकी परेशानियों को हल करने, और अपने साथियों, परिवार और मित्रों के साथ अपने रिश्तों में सुधार करने के तरीके आदि। ज्योतिषशास्त्र का दावा है कि जीवन में कुछ भी संयोगवश नहीं होता, और हमें जो कुछ भी होता है वह सब किसी एक विशेष कारण से है। ज्योतिष हमें कुछ अच्छे उत्तर प्रदान कर सकता है कि ऐसी चीजें हमारे साथ क्यों होती हैं, और यह उन्हें पहले से भविष्यवाणी भी कर सकता है। इस तरह, वास्तव में ज्योतिष लोगों को उनके चारों ओर दुनिया को बहुत बेहतर समझने में मदद करता है। जैसा आज अभ्यास किया जाता है, ज्योतिष काफी अच्छी तरह से काम कर सकता है। ज्योतिषियों के पास जाने वाले या नियमित रूप से अपनी राशिफल का अध्ययन करने वाले लोग अंततः सबसे ज्यादा खुश और संतुष्ट महसूस करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी राशिफल तिथि के आधार पर ज्योतिषियों ने उनके भविष्य के लिए बिलकुल सटीक भविष्यवाणी की है, लेकिन इसका मतलब है कि वास्तव में एक राशिफल होना अपने आप में एक पूर्ण अनुभव हो सकता है। पृथ्वी तारामंडल के नीचे स्थित है जिसे अब हर कोई अपनी ग्रहराशि के रूप में जानता है। बहुत से लोग लगन से अपनी राशिफल का अनुकरण करते हैं और अपनी ज्योतिष राशि के अर्थ में विश्वास करते हैं। यह आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि ज्योतिष व्यापक रूप से लोकप्रिय है और दुनिया में हर कोई अपनी राशिफल तिथि और राशियों को जानता है। लोग अपनी राशिफल राशियों की भविष्यवाणी को पढ़ने का आनंद लेते हैं और अक्सर यह व्यक्तित्व, व्यवहार और निर्णय लेने की प्रक्रिया में परिवर्तन की ओर ले जाता है। ज्योतिषशास्त्र एक वास्तविक जीवन रक्षक हो सकता है क्योंकि यह आपको अग्रिम में भविष्य की बाधाओं और समस्याओं को बता देता है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप एक राशिफल अध्ययन में दी गई सलाह और सावधानियों पर विश्वास करते हैं, और ज्यादा मेहनत किए बिना कष्ट से खुद को बचाना चाहते हैं अथवा नहीं। लोग ज्योतिष में विश्वास करते हैं, क्योंकि यह बस मजेदार है। राशिचक्र तिथि, राशियाँ, थोड़ा भाग्य बताने के उपाय और बहुत कुछ। हम अपने जीवन के लगभग सभी पहलुओं को राशियों से संबद्ध कर सकते हैं और हम देखेंगे कि वे सही मायने में व्यावहारिक और ठीक हैं। हमारी राशिफल विलक्ष्ण होती है और वे हमारी ताकत, कमजोरी खोजने में मदद के साथ ही हमारे प्राकृतिक गुणों को भी प्रकट कर सकती है। ज्योतिष हमें यह जानने में मदद कर सकता है कि कौन से रिश्ते संगत हैं - और कौन से नहीं। राशिफल संगतता अन्य राशियों के साथ हमारे रिश्तों में सुधार कर सकती है। अपने प्यार की क्षमता के बारे में जान कर, आप अवसरों का सबसे अच्छा उपयोग करते हुए एक खुशनुमा प्यारभरा या विवाहित जीवन व्यतीत करने के लिए उचित उपाय कर सकते हैं। ज्योतिष दो प्रमुख पहलुओं को ध्यान में रखता है - हमारे संभावित जन्म और हमारी व्यक्तिगत राशिफल पर सितारों व ग्रहों का प्रभाव। यह हमें एक अच्छा और सफल जीवन व्यतीत करने के क्रम में हमारे लिए सही करियर और शिक्षा पथ चुनने में मदद कर सकता है। अंततः हम ज्योतिष में विश्वास करते हैं क्योंकि यह हमारे बारे में है। मेरी राशिफल मेरे जीवन में उस एक ब्लूप्रिंट की तरह है, जिसे ठीक उस समय बनाया गया जब मैं पैदा हुआ था। इसका मतलब है कि मेरी जन्म राशिफल भी मेरी उंगलियों के निशान की तरह ही एकदम विलक्ष्ण है। मेरी राशिफल में प्रत्येक ग्रह की स्थिति मेरे व्यक्तित्व और भाग्य के बारे में बहुत कुछ बता सकती है। ज्योतिषशास्त्र के बारे में कुछ सच्चे तथ्य 1999 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, राशिफल और ज्योतिष शब्द इंटरनेट पर दो सबसे अधिक खोजे गये विषय हैं। ज्योतिषशास्त्र को कला और विज्ञान दोनों माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र कला है क्योंकि किसी व्यक्ति के चारित्रिक गुणों पर विचार बनाने के लिए अलग-अलग पहलुओं को एक साथ लाने के लिए व्याख्या करने की जरूरत होती है। हालांकि, ज्योतिषशास्त्र को विज्ञान भी माना जाता है क्योंकि इसमें खगोल विज्ञान और गणित की समझ होना अति आवश्यक है। सिक्सटस चतुर्थ राशिफल बनाने और उसकी व्याख्या करने वाला प्रथम कैथोलिक पोप था, लियो दशम और पॉल तृतीय ने सलाह के लिए हमेशा ज्योतिषियों पर भरोसा किया था, जबकि जूलियस द्वितीय ने अपनी ताजपोशी की तिथि को ज्योतिष की दृष्टि से चुना था। नाजी जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर के लिए ज्योतिषशास्त्र बहुत महत्वपूर्ण था। माना जाता है कि इस जर्मन नेता ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ज्योतिषियों से विचार विमर्श किया था। स्थानिक ज्योतिषशास्त्र की एक विधि ज्योतिषीय मानचित्रीकरण है जो भौगोलिक स्थिति में अंतर के माध्यम से बदलती जीवन परिस्थितियों की पहचान करने का दावा करती है। कथित तौर पर आप सबसे अधिक सफल कहाँ होंगे, अपनी जन्म-पत्री की तुलना दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए करके उस क्षेत्र का निर्धारण कर सकते हैं।


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ValaDinesh

hi


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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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