मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय

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Ravinder Pareek 02nd Nov 2020

अचूक उपाय ----दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने वाले  --मनोकामना पूर्ति के अचूक गुप्त उपाय(साधारण कर्म)

हर मनुष्य की कुछ मनोकामनाएं होती है। कुछ लोग इन मनोकामनाओं को बता देते हैं तो कुछ नहीं बताते। चाहते सभी हैं कि किसी भी तरह उनकी मनोकामना पूरी हो जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। यदि आप चाहते हैं कि आपकी सोची हर मुराद पूरी हो जाए तो नीचे लिखे प्रयोग करें। इन साधारण कर्म को करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।

उपाय—
– तुलसी के पौधे को प्रतिदिन जल चढ़ाएं तथा गाय के घी का दीपक लगाएं।
– रविवार को पुष्य नक्षत्र में श्वेत आक की जड़ लाकर उससे श्रीगणेश की प्रतिमा बनाएं फिर उन्हें खीर का भोग लगाएं। लाल कनेर के फूल तथा चंदन आदि के उनकी पूजा करें। तत्पश्चात गणेशजी के बीज मंत्र (ऊँ गं) के अंत में नम: शब्द जोड़कर 108 बार जप करें।
– सुबह गौरी-शंकर रुद्राक्ष शिवजी के मंदिर में चढ़ाएं।
– सुबह बेल पत्र (बिल्ब) पर सफेद चंदन की बिंदी लगाकर मनोरथ बोलकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
– बड़ के पत्ते पर मनोकामना लिखकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोरथ पूर्ति होती है। मनोकामना किसी भी भाषा में लिख सकते हैं।
– नए सूती लाल कपड़े में जटावाला नारियल बांधकर बहते जल में प्रवाहित करने से भी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

इन प्रयोगों को करने से आपकी सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी हो जाएंगी।

इन उपायों से आएगी जीवन में खुशहाली —

सभी चाहते हैं कि उसके जीवन में खुशहाली रहे और सुख-शांति बनी रहे पर हर व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होता। जीवन में सुख और शांति का बना रहना काफी मुश्किल होता है। ऐसे समय में उसे अपना जीवन नरक लगने लगता है। यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो आप नीचे लिखे साधारण उपायों को अपनाकर अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। यह उपाय इस प्रकार हैं-
– सुबह घर से काम के लिए निकलने से पहले नियमित रूप से गाय को रोटी दें।
– एक पात्र में जल लेकर उसमें कुंकुम डालकर बरगद के वृक्ष पर नियमित रूप से चढ़ाएं।
– सुबह घर से निकलने से पहले घर के सभी सदस्य अपने माथे पर चन्दन तिलक लगाएं।
– मछलियों की आटे की गोली बनाकर खिलाएं।
– चींटियों को खोपरे व शकर का बूरा मिलाकर खिलाएं।
– शुद्ध कस्तूरी को चमकीले पीले कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में रखें।
इन उपायों को पूर्ण श्रद्धा के साथ करने से जीवन में समृद्धी व खुशहाली आने लगती है।

अपने पति को खिलाएं खीर, बढ़ेगा प्रेम—

अगर आपके दाम्पत्य जीवन में पहले जैसी मधुरता नहीं रही या फिर रोज किसी न किसी बात पर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते हों तो समझ लीजिए कि आपके दाम्पत्य जीवन में प्रेम का अभाव हो गया है। इस प्रेम को बढ़ाने के लिए एक छोटा मगर असरदार उपाय इस प्रकार है-

दाम्पत्य जीवन सुखी हो जाएगा----------उपाय-----------
शुक्ल पक्ष में पडऩे वाले किसी शुक्रवार के दिन पत्नी अपने हाथों से प्रेम पूर्वक साबूदाने की खीर बनाएं लेकिन उसमें शक्कर के स्थान पर मिश्री डालें। इस खीर को सबसे पहले भगवान को अर्पित करें और इसके बाद पति-पत्नी थोड़ी-थोड़ी एक-दूसरे को खिलाएं। भगवान से सुखमय दाम्पत्य की कामना करें। इस दिन किसी लक्ष्मी मंदिर में जाकर इत्र का दान करें। अपने शयनकक्ष में इत्र कदापि न रखें। कुछ दिनों तक यह प्रयोग करते रहें । कुछ ही दिनों में दाम्पत्य जीवन सुखी हो जाएगा।

इस उपाय से आप अपने दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हें —

हर इंसान अपने दुर्भाग्य से पीछा छुड़ाना चाहता है। लेकिन दुर्भाग्य से पीछा छुड़ाना इतना आसान नहीं होता क्योंकि जब समय बुरा होता है तो साया भी साथ छोड़ देता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दुर्भाग्य, सौभाग्य में बदल जाए तो नीचे लिखे उपाय करें। यह उपाय आपके दुर्भाग्य कौ सौभाग्य में बदल देंगे।

उपाय—

1- बरगद(बड़) के पत्ते को गुरु पुष्य या रवि पुष्य योग में लाकर उस पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें।
2- घर के मुख्य द्वार के ऊपर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा अथवा चित्र इस प्रकार लगाएं कि उनका मुख घर के अंदर की ओर रहे। उस पर सुबह दूर्वा अवश्य अर्पित करें।
3- धन संबंधी कार्य सोमवार एवं बुधवार को करें।
4- नए कार्य, व्यवसाय, नौकरी, रोजगार आदि शुभ कार्यों के लिए जाते समय घर की कोई महिला एक मुठ्ठी काले उड़द उस व्यक्ति के ऊपर से उतार कर भूमि पर छोड़ दे तो हर कार्य में सफलता मिलेगी।
5- गरीब, असहाय, रोगी व किन्नरों की सहायता दान स्वरूप अवश्य करें। यदि संभव हो तो किन्नरों को दिए पैसे में से एक सिक्का वापस लेकर अपने कैश बॉक्स या लॉकर में रखें। इससे बहुत लाभ होगा।
6- काली हल्दी की एक गांठ शुभ मुहूर्त में प्राप्त कर अपने घर में, व्यवसायी अपने कैश बॉक्स में तथा व्यापारी अपने गल्ले में रखें।
7- रवि पुष्य नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बहेड़े की जड़ या एक पत्ता तथा शंखपुष्पी की जड़ लाकर घर में रखें। चांदी की डिब्बी में रखें तो और भी शुभ रहेगा।

दिशा-निर्देश—

– सम्मोहन सिद्धि, देव कृपा प्राप्ति अथवा अन्य शुभ एवं सात्विक कार्यों की सिद्धि के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके टोटके किए जाते हैं।

– मान-सम्मान, प्रतिष्ठा व लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किए जाने वाले टोटकों के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।

– उत्तर दिशा की ओर मुख करके उन टोटकों को किया जाता है जिनका उद्देश्य रोगों की चिकित्सा, मानसिक शांति एवं आरोग्य प्राप्ति होता है।

– रोग मुक्ति के लिए किए जाने वाले टोटकों के लिए मंगलवार एवं श्रावण मास उत्तम समय है।

– मां सरस्वती की प्रसन्नता व शिक्षा में सफलता के लिए बुधवार एवं गुरुवार तथा माघ, फाल्गुन और चैत्र मास में टोटका करना चाहिए।

– संतान और वैभव पाने के लिए गुरुवार तथा आश्विन, कार्तिक एवं मार्गशीर्ष मास में टोटकों का प्रयोग करना चाहिए।

ये उपाय बचाते हें टोने-टोटकों के अशुभ प्रभाव से —

क्या आपको लगता है कि किसी ने आपके घर पर टोना-टोटका किया है जिसके कारण आपके परिवार पर इसका अशुभ प्रभाव पड़ रहा है तो घबराईए बिल्कुल मत क्योंकि यहां हम आपको बता रहे हैं टोने-टोटको से बचने के साधारण व अचूक उपाय। इन उपायों को करने से आपके घर व परिवार पर किसी टोने-टोटके का प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह उपाय इस प्रकार हैं-

उपाय—

– अपने घर के मुख्य दरवाजे पर भगवान श्रीगणेश की मूर्ति स्थापित करें और सुबह उठकर उन्हें प्रणाम करें। इसके बाद अपने द्वार, देहली व सीढ़ी आदि पर पानी का छिड़काव करें। ऐसा करने से टोने-टोटके का प्रभाव नहीं पड़ता।

– नीम, बबूल या आम में से किसी पेड़ की टहनी पत्तियों सहित मुख्य दरवाजे पर लटकाएं।

– शनिवार के दिन सात हरी मिर्च के बीच एक नींबू काले धागे में पिरोकर मुख्य द्वार पर लटकाएं। इससे भी बुरी नजर नहीं लगेगी।

– सप्ताह के किसी एक दिन घर की साफ-सफाई करने के बाद एक बाल्टी पानी में थोड़ी शक्कर और दूध डालकर कुश से उसका छिड़काव पूरे घर में करें। आखिर में शेष पानी को दरवाजे के दोनों और थोड़ा-थोड़ा डाल दें।

– अमावस के दिन एक ब्राह्मण को भोजन अवश्य कराएं। इससे आपके पितर प्रसन्न होंगे और आपके घर व परिवार को टोने-टोटको के अशुभ प्रभाव से बचाएंगे।

इस टोटके से आने लगेगा आपके घर में पैसा—

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके घर में पैसों का आगमन बिल्कुल कम होता है। उस घर के सदस्य कमाते तो बहुत हैं लेकिन घर में पैसा नहीं आ पाता। दूसरे कामों में ही खर्च हो जाता है। अगर ऐसा हो तो नीचे लिखा टोटका करने से घर में पैसों का आगमन होने लगेगा और सुख-शांति भी बनी रहेगी।

टोटका—

शुक्ल पक्ष के बुधवार की शाम को किसी केले के पौधे के समीप जाएं। उस पर जल चढ़ाएं। हल्दी से तिलक करें और गुरु बृहस्पति का ध्यान कर पौधे से अगले दिन (गुरुवार को) थोड़ी सी जड़ ले जाने की आज्ञा मांगें। दूसरे दिन सूर्य निकलने पर स्नान कर केले के पेड़ की पूजा करें और लकड़ी के एक टुकड़े से पौधे की जड़ खोदकर निकल लें और घर ले आएं। इस जड़ को गंगाजल से धोकर केसर के जल में डाल दें।

घी का दीपक जलाकर ऊँ बृं बृहस्पते नम: मंत्र की एक माला का जप करें और उस जड़ को जल से निकालकर पीले कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में रखें। इसके बाद प्रति गुरुवार को उस जड़ को केसर घुले गंगाजल में स्नान कराकर पुन: उस पीले कपड़े में बांध कर इस मंत्र का जप करें और पुन: तिजोरी में रखें। जब भी यह टोटका करें जरुरतमंदों को दान दें व बच्चों को मिठाई अवश्य खिलाएं। इस तरह आपके घर में धन का आगमन होने लगेगा।

यदि हें नोकरी/जॉब के लिए परेशान..तो यह उपाय करें—
वर्तमान समय में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है। नौकरी न होने के कारण न तो समाज में मान-सम्मान मिलता है और न ही घर-परिवार में। यदि आप भी बेरोजगार हैं और बहुत प्रयत्न करने पर भी रोजगार नहीं मिल रहा है तो निराश होने की कोई जरुरत नहीं है। कुछ साधारण तांत्रिक उपाय कर आप रोजगार पा सकते हैं।

– शनिवार को हनुमानजी के मंदिर में जाकर सवा किलो मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाएं और मंदिर में ही बैठकर लाल चंदन की या मूंगा की माला से 108 बार नीचे लिखे मंत्र का जप करें-

               कवन सो काज कठिन जग माही।
                                    जो नहीं होय तात तुम पाहिं।।

इसके बाद 40 दिनों तक रोज अपने घर के मंदिर में इस मंत्र का जप 108 बार करें। 40 दिनों के अंदर ही आपको रोजगार मिलेगा।
– शनैश्चरी अमावस्या के दिन एक कागजी नींबू लें और शाम के समय उसके चार टुकड़े करके किसी चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें। इसके प्रभाव से भी जल्दी ने बेरोजगारी की समस्या दूर हो जाएगी।
– मंगलवार से प्रारंभ करते हुए 40 दिनों तक रोज सुबह के समय नंगे पैर हनुमानजी के मंदिर में जाएं और उन्हें लाल गुलाब के फूल चढ़ाएं। ऐसा करने से भी शीघ्र ही रोजगार मिलता है।

– इंटरव्यू में जाने से पहले लाल चंदन की माला से नीचे लिखे मंत्र का 11 बार जप करें-

ऊँ वक्रतुण्डाय हुं

जप से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करें और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए दूध से अभिषेक करें।
इस टोटके से हर बाधा हो जाएगी दूर —–
जीवन में कई ऐसे अवसर आते हैं जब हर काम में बाधा आने लगती है। काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं। जहां से हमें उम्मीद होती है वहीं से निराशा हाथ लगती है। ऐसे समय में अगर यह टोटका किया जाए तो हर काम बनने लगते हैं और बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाती हैं।

टोटका—

सुबह उठकर नहाकर साफ पीले कपड़े पहनें। इसके बाद आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं और 7 हल्दी की साबूत गांठे, 7 जनेऊ, 7 पूजा की छोटी सुपारी, 7 पीले फूल व 7 छोटी गुड़ की ढेली एक पीले रंग के कपड़े में बांध लें। अब भगवान सूर्य का स्मरण करें और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें। यह पोटली घर में कहीं ऐसी जगह रख दें जहां कोई और उसे हाथ न लगाए। जब आपका कार्य हो जाए तो यह पोटली किसी नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें।

उपाय—शीघ्र विवाह के लिए ---------------

इस दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर भगवान शंकर के मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें तथा शिवलिंग पर 108 आंकड़े के फूल चढ़ाएं हुए ऊँ नम: शिवाय: मंत्र का जप करते रहें। इसके बाद 21 बिल्व पत्र चढ़ाएं और भगवान शंकर से शीघ्र विवाह के लिए प्रार्थना करें। धनतेरस के शुभ मुहूर्त में किया गया यह उपाय जल्दी ही आपकी समस्या का निदान करेगा।

इस उपाय से मिलेगी कर्ज से मुक्ति—

क्या आप कर्ज से परेशान है। बहुत कोशिश करने के बाद भी लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो आज यानी शनिवार को यह बहुत ही सरल व अचूक उपाय करें। इस उपाय से निश्चित ही आपको कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी।

उपाय—
शनिवार के दिन सुबह नित्य कर्म व स्नान आदि करने से बाद अपनी लंबाई के अनुसार काल धागा लें और इसे एक नारियल नारियल पर लपेट लें। इसका पूजन करें और इस नारियल को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही यह भगवान से ऋण मुक्ति के लिए प्रार्थना भी करें। इस छोटे से उपाय से शीघ्र ही आप कर्ज की टेंशन से छुटकारा पा लेंगे।

यह उपाय करवाएगा मनचाहे स्थान पर तबादला —

नौकरी के लिए कई बार इंसान को अपना घर-परिवार सब छोडऩा पड़ता है। ऐसे में वह अपने कार्य के प्रति पूरी ईमानदारी नहीं बरत पाता। उसका मन अपने घर पर ही लगा रहता है। उसे लगता है कि काश मेरा तबादला वहां हो जाएं जहां मैं चाहता हूं। अगर आपके साथ भी यही समस्या है तो नीचे लिखे उपाय से आपकी इस समस्या का समाधान हो सकता है।

उपाय—
शुक्रवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में चंद्रमा दिखाई देने पर सफेद बर्फी या थोड़ा सा दही अपने ऊपर सात बार उतारें और अपने मन में श्रद्धा व विश्वास के साथ चंद्रदेव से प्रार्थना करें- हे चंद्रदेव। मेरा तबादला अमुक(स्थान का नाम बोलें) स्थान पर करवाने की कृपा करें। सात बार यह क्रिया करते हुए मंत्र पढ़कर बर्फी या दही को सूर्योदय से पहले किसी चौराहे पर जाकर रख आएं। जिस दिशा में चंद्रमा आसमान में हो अपना मुख उस ओर रखना चाहिए तथा यह क्रिया छत पर बाहर खुले में करें लेकिन कोई देख न पाएं। अपना कार्य पूर्ण होने पर चंद्रमा को अध्र्य दें, पूजा करें व सफेद बर्फी या खीर को भोग लगाएं।

यदि पूर्णिमा पर करें यह उपाय तो जल्दी होगी शादी—

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी शादी में काफी मुश्किलें आती हैं। कई बार तो यह लोग काफी निराश हो जाते हैं। लेकिन उन्हें निराश होने की कोई जरुरत नहीं है , पूर्णिमा के अवसर पर यदि वे नीचे लिखे उपाय विधि-विधान से करेंगे तो न सिर्फ उनका विवाह जल्दी होगा बल्कि उन्हें मनचाहा जीवन साथी भी मिलेगा।

उपाय—----------------------
– गरीबों को अपने सामथ्र्य के अनुसार पीले फल जैसे- आम, केला आदि का दान करें।
– इस दिन नया पीला रुमाल अपने साथ में रखें।
– भगवान विष्णु के मंदिर में जाकर बेसन के लड्डू चढ़ाएं। लड्डू के साथ सेहरे की कल


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Suman Sharma

मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय


very good knowledge


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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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