Jane Gocher ka hal ..(maker)rashi mai mangal ka pravesh...😊😊😊😊🙏🙏🙏🙏

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Saavi Shukla 18th Mar 2020

[18/03, 23:07] 👩‍💼Saavi Shukla😇Astrologer.....

: मंगल के मकर राशि में गोचर का क्या होगा आपकी राशियों पर असर, जानिए तारीख और समय.....😊😊😊💁‍♀️💁‍♀️💁‍♀️

  ....👇👇👇👇 ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापती की उपाधि प्राप्त है, यह ताकत, साहस, भाई और पौरुष का कारक है| मंगल ग्रह शारीरिक तथा मानसिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है| मंगल के प्रबल प्रभाव से व्यक्ति में साहस , लड़ने की क्षमता और निड़रता का भाव आता है, मंगल के प्रभावस्वरुप जातक सामान्यतया किसी भी प्रकार के दबाव के आगे नहीं झुकता. मंगल के द्वारा साहस, शारीरिक बल, मानसिक क्षमता प्राप्त होती है. पुलिस, सेना, अग्नि-शमन सेवाओं के क्षेत्र में मंगल का अधिकार है खेल कूद इत्यादि में जोश और उत्साह मंगल के प्रभाव से ही प्राप्त होता है| मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह मकर राशि में उच्च के और कर्क में नीच के होते हैं| मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी होते हैं। यदि किसी जातक का मंगल अच्छा हो तो वह स्वभाव से निडर और साहसी होगा तथा युद्ध में वह विजय प्राप्त करेगा। लेकिन यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में बैठा हो तो जातक को विविध क्षेत्रों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मंगल ग्रह लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल ग्रह जातक को पराक्रमी, साहसी और निडर बनाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति अभिमानी भी होता है। वह किसी प्रकार के दबाव में रहकर कार्य नहीं करता है। शारीरिक रूप से व्यक्ति बलवान होता है। व्यक्ति का स्वभाव क्रोधी होता है। ऐसे जातकों की सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग प्रॉपर्टी डीलिंग, इलेक्ट्रॉनिक, स्पोर्ट्स आदि क्षेत्रों में रुचि होती है। मंगल की प्रबलता से व्यक्ति निडरता से अपने निर्णय लेता है। वह ऊर्जावान रहता है। विपरीत परिस्थितियों में भी जातक सहर्ष को स्वीकार करता है और उन्हें मात भी देता है। बली मंगल का प्रभाव केवल व्यक्ति के ही ऊपर नहीं पड़ता है, बल्कि इसका प्रभाव व्यक्ति के पारिवारिक जीवन पर पड़ता दिखाई देता है। बली मंगल के कारण व्यक्ति के भाई-बहन अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति करते हैं। मंगल ग्रह कुंडली में कमज़ोर अथवा पीड़ित हो तो यह जातक के लिए समस्या पैदा करता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को किसी दुर्घटना का सामना करना पड़ता है। पीड़ित मंगल के कारण जातक के पारिवारिक जीवन में भी समस्याएं आती हैं। जातक को शत्रुओं से पराजय, ज़मीन संबंधी विवाद, क़र्ज़ आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। .

मंगल ग्रह 22 मार्च 2020, रविवार के दिन 14 बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे और 03 मई तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। मंगल के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये जानते हैं आपकी राशि के अनुसार आपके जीवन पर क्या होगा मंगल के इस गोचर का असर? ........👇👇👇👇👇😇😇😇😇

😇 मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए मंगल का परिवर्तन आपकी राशि से दशम भाव में हो रहा है| इस भाव में मंगल का गोचर होने से राज्य, व्यापार, नौकरी आदि में सफलता रहेगी। पिता व उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आपको शुभ समाचार मिलेंगे। आपके व्यापार व्यवसाय में विस्तार होगा, यदि कोई नया काम शुरू करना चाह रहे हैं तो इसके लिए शुभ समय है। इस समय दोस्तों और अधिकारियो का साथ मिलेगा। यदि सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत हैं, तो सफलता मिलेगी। आपकी इच्छा पूर्ति होगी। इस समय आपका अहंकार और क्रोध बढ़ेगा परन्तु इस पर काबू पाना जरुरी होगा। मंगल ग्रह के साथ शनि की युति है, दाम्पत्य जीवन में परेशानी आ सकती है। अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे। यदि आप स्त्री जातक है और गर्भवती है तो ध्यान दे गर्भपात का ख़तरा हो सकता है| एक मुखी रूद्राक्ष को लाल धागे में डालकर, मंगलवार के दिन गले में धारण करें, या पूजा स्थान में स्थापित करें| शिवलिंग पर प्रतिदिन जल चढ़ाएं और ब्राह्मण को दान दें। .

😇वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से नवमें भाव में होने जा रहा है| यह भाव भाग्य का माना जाता है, इसलिए इस दौरान आपके द्वारा किए गए सभी कार्य मंगल से प्रभावित होंगे। इस कारण आपके कई कार्य विलंबित भी हो सकते हैं, बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं। अपने कामों में लापरवाही बरतने के कारण भविष्य के लिए की गईं आर्थिक योजनाएं बिगड़ेंगी। प्रॉपर्टी खरीद, लेन-देन आदि के काम कुछ समय के लिए विलंबित कर दें तो अच्छा रहेगा, सुदूर स्थलों तक की गई लम्बी यात्राएं सफल होंगी। धर्म-कर्म की ओर रुझान बढ़ेगा, जीवनसाथी के प्रगतिशील होने के भी योग हैं। यदि आपके काम का सम्बन्ध विदेश से है तो समय आपके लिए अनुकूल रहेगा। मंगल यंत्र स्थापित कर उसकी नियमित रूप से पूजा अर्चना करें| बंदरो को चने और गुड़ खिलाना आपके लिए हितकारी रहेगा [...................

😇 मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से आठवें भाव में होने जा रहा है| इस गोचर के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। पैसों के लेन-देन में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दौरान आपको अत्यंत सावधानी से चलना होगा, वरना कई बड़े नुकसानों से आपको गुजरना पड़ सकता है। छोटी-छोटी स्वास्थ्य परेशानियां या छोटे लगने वाले वाद-विवाद भी बड़ा रूप लेकर आपको गहरा आघात पहुंचा सकते हैं। भाई-बहनों या करीबी रिश्तेदारों से मनमुटाव की स्थिति आ सकती है, इसलिए उनसे बातचीत या लेन-देन में सावधानी रखें। दुर्घटना की संभावना अधिक बन रही है, इसलिए लंबी दूरी की यात्राएं कुछ समय के लिए टाल देना ही आपके लिए हितकर रहेगा।आय में परिश्रम के द्वारा लाभ होगा, वहीं शत्रु वर्ग से बचकर चलना होगा। मंगलवार को “सुन्दरकाण्ड” का पाठ करना लाभकारी रहेगा| वटवृक्ष की जड़ में मीठा दूध चढ़ाएं। ............

😇कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से सातवें भाव में होने जा रहा है| मंगल की शनि के साथ युति होने से दांपत्य जीवन के लिये यह समय थोड़ा परेशानियों भरा रह सकता है| आपके स्वभाव में क्रोध की प्रवृति का बढ़ना आपकी परेशानियों को और अधिक बड़ा सकता है| इस दौरान कर्ज न लें, और न ही किसी को पैसा उधार दें| जीवनसाथी के साथ किसी भी बात में न उलझें, इस दौरान साझेदारी के कामों को भी सावधानी से निपटाएं| इस समय नौकरी छोड़कर दूसरी नौकरी का खतरा न लें नही तो नुकसान हो सकता है क्योकि ज्यादा जोश वा ऊर्जा के कारण आप नौकरी छोड़ सकते है। पहले दूसरी नौकरी को अपने हाथ में ले तभी नौकरी छोड़े। या गोचर परिवर्तन की प्रतीक्षा करें| श्री स्कन्द पुराण में वर्णित “मंगल स्त्रोत” का नित्य श्रद्धा पूर्वक पाठ करें| बंदरों, साधुओं और अपनी मां की सेवा करें। ......

😇सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से छठे भाव में होने जा रहा है| आपको इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। इसलिए अपनी कार्य योजनाओं को किसी से शेयर करने से बचें, संभव है आपके कार्यों का लाभ कोई और ले जाए। कोई पुराना रोग भी आपको परेशान कर सकता है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को हल्के में ना लें। पेट और किडनी संबंधी कोई समस्या विशेष रूप से परेशान कर सकती है। इस दौरान पिताजी की नौकरी में प्रमोशन और व्यवसाय में है तो धन लाभ होने के योग हैं, प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लोन ले सकते है। प्रॉपर्टी को लेकर कोई विवाद चल रहा है तो आपकी जीत हो सकती है। यदि आप किसी से ऋण लिए हुए है तो वापसी कर सकते है। यदि आप नौकरी में हैं तो विवाद से बचना ही अच्छा रहेगा। यदि आप किसी से प्यार कर रहे है तो संभल जाइए प्यार में धोखा या बहसबाजी हो सकती है| क़र्ज़ से मुक्ति और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए “ऋण मोचक मंगल स्तोत्र“ का नित्य पाठ करें| मंगलवार के दिन शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें| ..........................

😇कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से पांचवें भाव में होने जा रहा है| इस दौरान आपके पराक्रम में वृद्धि होगी, भाई-बहनों से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा, प्रेम संबंधों में सफलता और लाभ मिलने की पूरी संभावना है। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में सफल होंगे। लेकिन आय के साधनों में कुछ कमी महसूस होगी। आप जिस स्थान में कार्य कर रहे हैं वहीं पर प्यार मोहब्बत का सिलसिला शुरू हो सकता है प्यार में ब्रेक या बदनामी भी हो सकती है। प्रेम प्रसंगों में मर्यादा का ध्यान रखें। गर्भवती ( Pregnant ) महिलाओं को इस गोचर के दौरान थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। "शिव पञ्चाक्षरि" मंत्र को पढ़ते हुए भगवान शिव की पूजा करें, और शिवलिंग पर जलाभिषेक करें| प्रतिदिन हनुमान जी आराधना जरूर करें, कमर में लाल धागा भी बांध सकते हैं।.....
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😇: तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से चौथे भाव में होने जा रहा है| यदि साझेदारी में व्यापार करना चाहते हैं तो समय अच्छा है, और यदि नौकरी की तलाश में हैं, तो नौकरी मिल सकती है। घर में धन तथा परिवार को लेकर तनाव की स्थिति रह सकती है। सुख स्थान में मंगल आपके लिये भूमि, वाहन,मकान इत्यादि खरीदने या बेचने का योग बना सकता हैं। इस गोचर के दौरान माता जी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है| दाम्पत्य जीवन में कुछ कहा-सुनी भी हो सकती है| जिसके कारण पारिवारिक माहौल खराब हो सकता है| इस समय अपनी वाणी पर अंकुश रखें, तथा सकारात्मक विचार बनाये रखें, यही आपको सफलता दिलाएंगे| “महामृत्युजय मंत्र“ का नित्य जप करें| लाल रंग की गाय को रोटी में गुड़ डालकर खिलायें| .....

😇वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से तीसरे भाव में होने जा रहा है| इस दौरान पराक्रम में वृद्धि होकर शत्रुओं का नाश होगा। साझेदारी में सफलता, भाईयों का साथ मिलेगा। इस समय धनार्जन तथा भाग्य निर्माण हेतु जातक को यात्राएं भी करनी पड़ेंगी| और इन यात्राओं के दौरान आपको बेहद सतर्क भी रहना होगा, आप प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो सकते है। यदि मकान या पैतृक सम्पत्ति बेचना चाहते है तो इसमें सफलता मिल सकती है। इस दौरान आपका और आपके छोटे भाई का स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है, स्वास्थ्य के मामले में संयम और समझदारी से काम लें| मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें| तांबा, लाल वस्त्र, मसूर दाल, गुड़, आदि का दान करना शुभ रहेगा| ........
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😇 धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से दूसरे भाव में होने जा रहा है| इस समय के दौरान आपको अपनी वाणी पर विशेष नियंत्रण रखने की आवश्यकता है| आपके द्वारा बोली जाने वाली कड़वी बातों से आपके परिवार के लोग आहत हो सकते हैं, आर्थिक मामलों के लिए भी यह समय अनुकूल नहीं कहा जाएगा, अतः बेवजह के खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी है, बात प्रेम सम्बन्ध की हो या पुत्र सम्बन्ध की दोनों रिश्तों को प्यार से निभाएं। दांत व आँख सम्बन्धी कोई समस्या हो सकती है, इस दौरान ससुराल पक्ष से भी आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं| गुप्त शत्रु आपको आघात पहुंचा सकते हैं, पैसे के मामले में सतर्कता बरतनी होगी, इस समय अवधि में किसी को भी पैसा उधार न दें| कार्तिकेय जी की पूजा करें| मंगल यंत्र की स्थापना कर उसकी पूजा अर्चना करें| .....

मकर राशि (Capricorn) मकर राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि में ही होने जा रहा है| नौकरी और बिजनेस की दृष्टि से यह गोचर आपके लिए नए अवसर लेकर आएगा, रूके कार्य पूरे होंगे। महत्वाकांक्षाओं में सफलता मिलेगी, यदि आप राजनीति में हैं तो लाभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग के साथ शुभ कार्य भी हो सकते हैं। और आर्थिक स्थिति में भी लाभ होगा, लेकिन इस दौरान लाभ से अधिक खर्चे बढ़ेंगे, और मानसिक तनाब भी बना रहेगा, आपकी माता जी का स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है, उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें| यदि आप पार्टनरशिप में बिज़नेस कर रहे हैं, तो बिजनेस पार्टनर से थोड़ा सावधान रहें| प्रेम जीवन में भी कुछ परेशानी रह सकती हैं| प्रत्येक बात सोच-विचार कर के ही करें| रोज़ाना "मंगल स्तोत्र" का पाठ करें, और असहाय लोगों की मदद करें| हनुमान जी को सिन्दूर एवं चमेली का तेल अर्पित करें| .............................

😇: कुंभ राशि (Aquarius) कुम्भ राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से बारहवें भाव में होने जा रहा है| इस समय आत्मनिर्भर रहना बहुत ज़रूरी होगा। हालांकि यदि आपका काम विदेश से सम्बंधित है तो उसमें लाभ मिलेगा। छोटी यात्राएँ भी हो सकती हैं। छोटे भाई बहनों का साथ मिलेगा, साझेदारी में सफलता रहेगी। शत्रु से साबधान रहें| यदि आप विदेश जाने के लिए इच्छुक है तो यह अनुकूल समय है। काम को लेकर विदेश यात्रा हो सकती है। इस दौरान सोच-समझकर निवेश करें, एक गलत निर्णय धन हानि का कारण बन सकता है। कार्यक्षेत्र में परेशानी आ सकती है, लाभ के लिए बहुत मेहनत करनी होगी| नित्य हनुमान जी की पूजा करें एवं “हनुमान चालीसा“ का पाठ करें|..

Saavi Shukla😇Astrologer: मीन राशि (Pisces) मीन राशि वालों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है| इसके प्रभाव से आपकी आमदनी में वृद्धि होगी, और प्रॉपर्टी में लाभ के साथ विदेश यात्रा का भी मौका मिल सकता है| भाग्य का सम्पूर्ण साथ मिलेगा, इस दौरान आपको शेयर मार्केट में फायदा हो सकता है। आपको कोई भी काम जल्द बाज़ी में नहीं करना चाहिए। इस समय धन एवं व्यापार दोनों में वृद्धि होगी, व्यावसायिक प्रतिद्वंदियों पर भी आप हावि रह सकते हैं। धन में वृद्धि होगी और परिवार से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान शीघ्र ही हो सकता है।| प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन पहले से सुधार रहेगा| हनुमान जी के मंदिर में बैठकर राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें, गुरूवार के दिन पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाना श्रेयकर रहेगा|


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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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