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व्यवसाय

KAMAL FUNDA 28th Mar 2017

कुंडली के अनुसार कैसा हो व्यवसाय ?

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अपनी योग्यताओं और क्षमताओं के अनुसार व्यक्ति अपनी आजीविका के साधन को चुनता है| इसके बावजूद कई बार उसे अपने अनुकूल या लाभदायक व्यवसाय में परिवर्तन करना पड़ता है| इसके कई कारण हैं लेकिन प्रमुख कारण है अपने अनुकूल या लाभदायक व्यवसाय का चयन न कर पाना| लगभग नौकरी में भी यही बात लागु होती है| कई बार हम उस तरह का कार्य करने लगते हैं जो अपनी रुची के विपरीत है या जिसमे हम अपनी योग्यताओं या क्षमताओं का उपयोग पूरी तरह से नहीं कर पाते हैं| ज्योतिष इस सम्बन्ध में अच्छा मार्गदर्शन दे सकता है|

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भागवत से लाभ उज्ज्वल भविष्य- रोजगार के हजारो व्यवसाय में से किसी लाभदायक व्यवसाय का चयन करना वास्तव में अत्यंत कठिन है| मैं यहाँ विभिन्न भावों के आधार पर व्यवसायों के प्रकृति के बारे में बताने का प्रयास करूँगा| पाठकों को कुण्डली के उन भावों के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए जो व्यक्ति के रोजगार से संबद्ध है|

रोजगर को दर्शाने वाले भाव- कुण्डली के बारह भावों में द्वितीय भाव धन का है| सप्तम भाव रोजगार का है| नवम भाव भाग्य का प्रतिनिधित्व करता है| और ग्यारहवां भाव लाभ का है| जातक किन ग्रहों से संबंधित कार्य करेगा यह तय करना इन चार भावों के द्वारा ही सम्भव है|

धन (द्वितीय)भाव व्यक्ति के बैंक बैलेंस को दर्शाता है| दैनिक रोजगार (सप्तम) भाव व्यक्ति की आजीविका से संबंधित है| भाग्य (नवम) भाव व्यक्ति के भाग्योदय और भाग्योदय और भाग्य सम्बन्धी उतर चढ़ाव को व्यक्त करता है| लाभ (एकादश) भाव क्षेत्र विशेष की तरह संकेत देता है जहाँ से लाभ की आशा की जा सकती है|

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अब यहाँ समस्या उत्पन्न होती है कि किस भाव के स्वामी विशेष की प्रकृति के अनुसार वास्तु या व्यवसाय का चयन किया जाय| इस समस्या का पहला सूत्र है की जिस भाव का स्वामी सर्वाधिक बली हो अर्थात स्वराशिगत उच्चस्थ या वार्गोत्तमी हो उस ग्रह में संबंधित व्यवसाय वास्तु या नौकरी करने से लाभ होता है| हालांकि ये सब प्रचलित सूत्र है लेकिन मेरी धारणा है कि सूर्य से दशम में जो ग्रह हो उससे संबंधित व्यवसाय करने से लाभ होता है| उदाहरण के लिए सूर्य यदि मकर राशि में हो तो मकर से दसवीं राशि तुला के स्वामी शुक्र से संबंधित व्यवसाय को अपनाने से लाभ की संभावना अधिक होती है| इसके अलावा आय (लाभ) भाव इन चारों भावों में सबसे महत्वपूर्ण है|

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सूर्य से दशमेश के अलावा लाभ भाव पर अवश्य दृष्टि डालनी चाहिए| अनुभव में आता है कि जब जातक के जन्मांक के एकादश भाव में पाप ग्रह (शनि, मंगल, राहु) हो तो किसी भी तरह का व्यवसाय क्यों न किया जाए, लाभ की स्थिति काफी विलंब से ही आ पाती है| उपरोक्त चारों भाव और सूर्य से दशमेश की परस्पर शक्ति के आकलन के बाद किसी एक ग्रह का चयन करना चाहिए| निश्चित ग्रह को पकड़ लेने के पश्चात उस ग्रह से संबंधित व्यवसाय का चयन करना चाहिए| यहां पाठकों को बता दूं कि इस अध्याय में व्यवसाय शब्द का व्यापक अर्थों में प्रयोग किया गया है|

उदाहरण के लिए आप कैसा भी कार्य करें, उसे व्यवसाय ही माना गया है| लोहे के उत्पादों की फैक्टरी का मालिक होना और लोहे की फैक्टरी में एक श्रमिक या प्रबंधक का काम करना दोनों को लोहे का ही व्यवसाय मानकर लिखा गया है|

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ग्रह और उनसे संबंधित कैरियर--

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सूर्य- फायनेंसर, गोल्डस्मिथ, बीज, विक्रेता, चमड़े की वस्तुओं का निर्माता और विक्रेता, एंटीवायोटिक मेडिसिन मैन्युफैक्चर, स्कूल, कालेज, प्रबंधक, मैनेजमेंट, फार्मेसिस्ट, अस्पताल कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता, उत्पादन प्रबंधक आर्किटेक्ट इन्वेस्टमेंट आदि|

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चन्द्र- लाइब्रेरियन, रिसेप्शनिस्ट लेखक, गारमेंट, डिजाइनर, चप्पल, जूता, डिजाइनर, कांसेप्ट फिल्म ड्रेस डिजाइनर, ट्यूटर, सलाहकार, सूचना अधिकारी, जिंगल राइटर, मनोवैज्ञानिक, फोरेंसिक वैज्ञानिक, पटकथा लेखक, गीतकार, ट्रैवल एजेंट, कैरियर काउंसलर, आयात-निर्यात कर्ता, ट्रांसपोर्ट, कंपनी आनर, प्रकाशन, काव्य सृजन, लघु पत्रिका का संपादन/

प्रकाशन, सिल्वर स्मिथ साल्ट मर्चेंट आदि|

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मंगल- सेना अधिकारी, प्रापर्टी डीलर, डिटेक्टिव सर्जन, मेडिकल शॉप, पुलिस अधिकारी अग्निशमन आफिसर प्रोफेशनल स्पोर्ट्स प्लेयर, हेल्थ वर्कर, सिक्योरिटी सर्विस, चोर बुरा धमकाकर हफ्ता वसूली करने वाला, भूगर्भ विशेषज्ञ, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट मैन्युफैक्चरर और विक्रेता, भूमाफिया, हथियार विक्रेता आदि|

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बुध- सी.ए. लेख-विश्लेषक, क्लर्क, फीचर, संपादक, प्रकाशक, हाबी क्लास टीचर, प्रोफेशनल वक्ता, इंवेस्टमेंट प्रबंधक, कैश प्रबंधक, रीटेल शॉप, जनरल स्टोर, एकाउंट्स एग्जीक्यूटिव, लेखक, स्किन केयर विशेषज्ञ, टीवी समाचार वक्ता, जालसाज, छोटे गबन करने वाला, बुक बाइंडर, प्रूफ रीडर, कंपोजर, बैंक कर्मी, गणितज्ञ किराने का दुकानदार, मेलों का आयोजक आदि|

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वृहस्पति- सरकारी साहित्य संस्थाओं के अधिकारी, ग्वाला, वेब पेज डिजाइनर, संगठन, प्रबंधक आर्किटेक्ट, फ्रीलांस मैनेजमेंट कंसलटेंट, कम्प्यूटर प्रोग्रामर, राजनीतिज्ञ, व्यवसायी, संपादक, कालेज प्रोफेसर, वकील, मंदिर संचालक, ज्योतिषी, इकोनामि फोरकास्टर, शोधकर्ता, धार्मिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, होटल प्रबंधक, प्रोजेक्ट मैनेजर, न्यायाधीश, सरकारी सेवाकर्मी, राजदूत, प्रकाशक, दीवानी मुकदमों के अधिवक्ता आदि|

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शुक्र- मीडिया प्लानर, सर्जन, इंटीरियर डेकोरेटर, फोटोग्राफर, ज्योतिषी, मैरिज ब्यूरो संचालक, टीवी एंकर, ब्यूटीशियन, टीवी और फिल्म अभिनेता| अभिनेत्री, फैशन डिजाइनर, ज्वैलरी डिजाइनर, संगीतज्ञ, माडल, गायक, केश सज्जा, मेकअप विशेषज्ञ, आयुर्वेद डाक्टर, मैन्युफैक्चरर आफ मेडिसिन, वेश्या, नट, सौन्दर्य प्रसाधन विक्रेता आभूषण प्रबंधक, मिठाई निर्माता/विक्रेता आदि|

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शनि- उत्पादन प्रबंधक, हार्डवेयर इंजीनियर, टेक्नीशियन, वैज्ञानिक शोधकर्ता, विदेशी भाषा अनुवादक, कम्प्यूटर प्रोग्रामर, प्राइवेट डिटेक्टिव, अंग्रेजी भाषा अध्यापक, फ्लोर मिल आनर, लेबोरेट्री टेक्नीशियन, कबाडी एंटिक आर्टिकल बुलेक्टर और सेलर, स्टील फैक्ट्री मालिक/श्रमिक आदि|

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राहु- वेंचट कैपिटलिस्ट, फिजियो थेरेपिस्ट, शेयर ब्रोकर, राजनीतिज्ञ, होटल कर्मी, घोटाला करने वाले आपोपार्ट्स विक्रेता, शराब के ठेकेदार, नशीले पदार्थों, हड्डियों का ठेकेदार आदि|

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केतु- मंदिरों से संबंधित कार्य करने वाला, झंडों का निर्माता और विक्रेता रस्सी जैसी लम्बी वस्तुओं का निर्माता और विक्रेता आदि|

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विशेष:-

ध्यान रहे जो ग्रह अस्त नीच या वक्री हो या पाप ग्रहों से पिड़ित हो उससे संबंधित व्यव्साय आपको अवनति की ओर धकेल सकता है। इसलिए कुडली का अच्छी तरह निरिक्षण करवाकर ही फैसला ले।  

 

 

 


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