Surya +shukra yoga and shukra+Surya yoga

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Maharaj Vishnu Shastri 20th Feb 2017

Class date 17-2-2107

 

 

 Pichle Dino Surya और गुरु पर चर्चा की गई थी आज सूर्य और शुक्र पर चर्चा करेंगे

 

Ab Tak Hum Jaan chuke hain ki Surya Pita पुत्र सम्मान सरकार इत्यादि विषयों को दर्शाते हैं

 

अब मान ले किसी कुंडली में सूर्य Plus शुक्र का संबंध बना हुआ हो तो फलित कैसा होगा 

 

इसे समझने की प्रयत्न करें

 

●सुर्य और शुक्र का संबंध सूर्य आगे शुक्र उसके 

बाद में अर्थात सूर्य की डिग्री कम शुक्र की डिग्री ज्यादा

● Surya + Shukra

 

●यदि किसी पुरुष की कुंडली में इस प्रकार का योग बनते हैं तो उनके स्त्री अच्छे परिवार से आती है अर्थात रिस्पेक्ट बल फैमिली से आती है

 ●Surya Jahan सम्मान को दर्शाते हैं वही शुक्र स्त्री को अर्थात स्त्री के पीछे सम्मान या रिस्पेक्ट है

 

◆Stri के लिए शुक्र जीव कारक होते हैं अर्थात स्त्री स्वयं उनके पीछे अर्थात उनके बैकग्राउंड में यदि सूर्य हो तो वह पिता के प्यार तथा जीवन में विख्यात और आध्यात्मिक होते हैं सूर्य आत्मा के कारक शुक्र यहां जिव् कारक

 

◆Purush की कुंडली हो या फीमेल की कुंडली दोनों ही स्थिति में फलित में कुछ समानता अवश्य बनी रहेगी

 

◆किसी पुरुष की कुंडली में सूर्य शुक्र की योग पिता आगे चलकर धनवान बनेंगे या पुत्र आगे चल कर धनवान बनेंगे इसका भी निर्देश करता है karan सूर्य जहां पिता या पुत्र को दर्शाते हैं वहां शुक्र धन को दर्शाते हैं अर्थात पिता या पुत्र के आगे धन

◆अब पुरुष हो या स्त्री दोनों में ही सूर्य पिता तथा पुत्र को दर्शाते हैं और किसी भी कुंडली में शुक्र फीमेल या स्त्री को दर्शाते हैं तो स्थिति जब सूर्य प्लस शुक्र की हो तो जातक या जातिका के पिता या पुत्र आगे चलकर स्त्री से लाभान्वित होते हैं

 ●Pita Putra थोड़े रंगीन मिजाज के भी होते हैं अच्छे वस्तु लक्सर यस प्रोडक्ट के प्रति उनका नजर होता है

 

 अब इसे उल्टा कर ले पहले शुक्र आ जाएगा बाद में सूर्य अर्थात यहां शुक्र की डिग्री कम

Shukra वाहन का भी कारक होते हैं तो बाहन प्लस रिस्पेक्ट किया सम्मान अर्थात ऊंचे स्तर के वाहन yeah luxurious car के प्रति जातक या जातिका के Ichha hoti hai

 

 

●Shukra Kanya Santan के कारक भी होते हैं अर्थात कन्या संतान आगे चलकर सरकार से सहायता प्राप्त कर सकती है या विख्यात हो सकती है

 

●Surya के पीछे शुक्र ऐसी स्थिति में पिता के पीछे नारी पुत्र के पीछे नारी अर्थात पिता या पुत्र Kisi Prakar Nari Se sambandh Rakh sakte hain

 

इसी तरह ग्रह को आगे पीछे लेकर उनके बैकग्राउंड और भविष्य को समझने की प्रयत्न कीजिए ऐसा नहीं कि आपकी हर अंडरस्टेंडिंग सही होगी परंतु ज्यादातर क्षेत्रों में आप सही विचार कर पाएंगे

 

 

       महाराज विष्णु शास्त्री

           नक्षत्र नाड़ी ग्रुप


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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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