कालसर्प योग एवम राहु केतु दोष के उपाय

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Ravinder Pareek 15th Jul 2020

🙏🏻 रविन्द्र पारीक ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ🙏🏻 शिव गायत्री मंत्र & रुद्र गायत्री मंत्र शिव गायत्री और रुद्र गायत्री मंत्र अलग अलग होते हैं सामान्यतः शिव गायत्री मंत्र को ही रुद्र गायत्री मंत्र मान लिया जाता है। 👉🏻यदि कालसर्प, पितृदोष एवं राहु केतु तथा शनि से पीड़ा है, अथवा ग्रहण योग है ... जो जातक मानसिक रूप से विचलित रहते हैं जिनको मानसिक शांति नहीं मिल रही हो तो उन्हें भगवान शिव की गायत्री मंत्र से आराधना करना चाहिये। कालसर्प, पितृदोष के कारण राहु केतु को पाप पुण्य संचित करने तथा शनिदेव द्वारा दंड दिलाने की व्यवस्था भगवान शिव के आदेश पर ही होती है। इससे सीधा अर्थ निकलता है कि इन ग्रहों के कष्टों से पीड़ित व्यक्ति भगवान शिव की आराधना करे तो महादेव उस जातक की पीड़ा दूर कर सुख पहुँचाते हैं। भगवान शिव की शास्त्रों मे कई प्रकार की आराधना वर्णित है परंतु शिव गायत्री मंत्र का पाठ सरल एवं अत्यंत प्रभावशील है। इस मंत्र के शुभ परिणाम शीघ्र ही दिखाई देने लगते हैं, मेरा अनुभूत मंत्र है। मंत्र निम्न है :- " ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात् " इस मंत्र का विशेष विधि-विधान नहीं है। *यह स्वयंसिद्ध मंत्र है।* इस मंत्र को किसी भी सोमवार से प्रारंभ कर सकते हैं। इसी के साथ सोमवार का व्रत करें तो श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होंगे। शिवजी के सामने घी का दीपक लगाएँ। जब भी यह मंत्र करें एकाग्रचित्त होकर करें। *पितृदोष, एवं कालसर्प दोष वाले व्यक्ति को यह मंत्र प्रतिदिन करना चाहिये।* सामान्य व्यक्ति भी करे तो भविष्य मे कष्ट नहीं आएगा। इस जाप से मानसिक शांति, यश, समृद्धि, कीर्ति प्राप्त होती है और शिव की कृपा का प्रसाद मिलता है। लंबी बीमारी से त्रस्त हैं और कोई लाभ नहीं मिल रहा तो #रुद्र गायत्री मंत्र का जप करना चाहिये। सोमवार को शिव मंदिर मे जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, दूध चढ़ा कर , दीपक जलाकर रखें और रूद्र गायत्री मंत्र का पाठ करें। *मंत्र इस प्रकार है*– " ॐ सर्वेश्वराय विद्महे, शूलहस्ताय धीमहि तन्नो रूद्र: प्रचोदयात् " "हे सर्वेश्वर भगवान ! आपके हाथ मे त्रिशूल है, मेरे जीवन मे जो शूल है, कष्ट है ... वो आपके कृपा से ही नष्ट होंगे, मैं आपकी शरण में हूँ " ऐसा करने से उस भक्त की रक्षा हो जाती है।


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😇🌹🌷🌷🌺


🌸🌹🌷🌹🌼👍👍👍


🙏🙏🙂🙂


Lord shiva🙏🙏🙏


Lord shiva🙏🙏🙏😑


Ommm


Om nmh shivy


Chander Mukhi

Om nmh shivay


Suman Sharma

Om nmh shivay


Suman Sharma

very nice article by Astro Ravi ji


Lord Shiva should be worshiped with Gayatri Mantra.


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यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

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