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कलश स्थापना शुभ मुहूर्त-

Astro Arvind shukla 19th Sep 2017

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त-
शारदीय नवरात्रि के शुभ मुहूर्त इस साल 21 सितंबर से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। माता दुर्गा नवरात्रि में नौ दिनों तक अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।

शुभ मुहूर्त-
21 सितंबर को माता दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा होगी। 21 सितंबर को सुबह 6:03 बजे से 8:22 बजे तक का समय अमृत योग है। अगर आप घर में कलश स्थापना चाहते हैं तो अमृत योग का समय सबसे अच्छा है।

कलश स्थापना -
कलश स्थापना के लिए सबसे पहले जौ को फर्श पर डालें, उसके बाद उस जौ पर कलश को स्थापित करें। फिर उस कलश पर स्वास्तिक बनाएं उसके बाद कलश पर मौली बांधें और उसमें जल भरें। कलश में अक्षत, साबुत सुपारी, फूल, पंचरत्न और सिक्का डालें।

अखंड दीप जलाने का विशेष महत्व
दुर्गा सप्तशती के अनुसार नवरात्रि की अवधि में अखंड दीप जलाने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जिस घर में अखंड दीप जलता है वहां माता दुर्गा की विशेष कृपा होती है।
लेकिन अखंड दीप जलाने के कुछ नियम हैं, इसमें अखंड दीप जलाने वाले व्यक्ति को जमीन पर ही बिस्तर लगाकर सोना पड़ता है। किसी भी हाल में जोत बुझना नहीं चाहिए और इस दौरान घर में भी साफ सफाई का खास ध्यान रखा जाना चाहिए।

शारदीय नवरात्र‌ि इस साल 21 सितंबर से शुरू हो रहा है। माता दुर्गा नवरात्र में नौ दिनों तक अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। नवरात्र के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है। पहला चैत्र मास में, जिसे चैत्र नवरात्र कहते हैं और दूसरा आश्व‍िन मास में, जिसे शारदीय नवरात्र‍ि कहते हैं। नवरात्रि के दिनों में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। हम आपको बता रहे हैं कि इस साल शारदीय नवरात्रि में किस दिन कौन सी पूजा होगी। 
जानिए इस नवरा‌त्र‌ि भगवती दुर्गा के नौ रुपों की पूजा कब-कब होगी
कब-कब होगी किस देवी की पूजा.......................................
21 सितंबर को प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा होगी। 
22 सितंबर को दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी। 
23 सितंबर को तीसरे दिन माता चन्द्रघंटा की पूजा होगी। 
24 सितंबर को चौथे दिन माता कुष्मांडाँ की पूजा होगी। 
25 सितंबर को पांचवें दिन माता स्कंदमाता की पूजा होगी।
इसे भी पढ़ें: दुर्गा पूजा 2017: जानें नवरात्रि से पहले महालया का महत्व
26 सितंबर को छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा होगी। 
27 सितंबर को सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा होगी। 
28 सितंबर को आठवें दिन माता महागौरी की पूजा होगी। 
29 सितंबर को नौवें दिन माता सिद्धिदात्रि की पूजा होगी। 
Source Acharya Arvind


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