Facebook Blogger Youtube

जन्म नक्षत्रों का जीवन मे प्रभाव 4

13th Sep 2017

२०.पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के जातक:-ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति ईमानदार होते हैं। इनका हृदय विशाल और उदार होता है, इनके हृदय में सभी के प्रति प्रेमभाव रहता है। व्यक्तित्व के इस गुण के कारण समाज में इन्हें काफी आदर और सम्मान मिलता है। ये आशावादी होते हैं जीवन में कठिन से कठिन स्थिति के आने पर भी आशा का दामन नहीं छोड़ते हैं व सदैव प्रसन्न एवं खुश रहने की कोशिश करते हैं।ये स्वभाव से विनम्र होते हैं और विभिन्न कलाओं एवं अभिनय में रूचि रखते हैं। इन्हें साहित्य का भी शौक होता है। ये इनमें से किसी विषय के अच्छे जानकार होते हैं। ये सत्य का आचरण करने वाले होते हैं और शुद्ध हृदय के व्यक्ति होते हैं। इन्हें आदर्श मित्र माना जाता है क्योंकि ये जिनसे मित्रता करते हैं उनसे आखिरी सांस तक मित्रता निभाते हैं। ये अपने वचन के पक्के होते हैं जो भी कहते हैं उसे पूरा करते हैं।आजीविका की दृष्टि से ये जिस क्षेत्र से सम्बन्ध रखते हैं उसमें उच्च पद पर होते हैं। इनके पास काफी मात्रा में धन होता है। ये सुख सुविधाओं से परिपूर्ण आरामदायक जीवन का आनन्द लेते हैं। ये इस धरती पर रहकर स्वर्ग के समान सुख का आनन्द लेते हैं।इनमें अध्यात्म के प्रति रूझान रहता है परंतु ये इसमें गहराई से नहीं उतर पाते हैं क्योंकि ये सुख की कामना करने वाले होते हैं और सांसारिकता में डूबे रहते हैं। इनके उल्लासपूर्ण जीवनशैली के कारण लोग इन्हें जिन्दादिल इंसान की संज्ञा देते हैं। ये ग़म को अपने उपर हावी नहीं होने देते हैं इसलिए इन्हें जोशीला इंसान भी कहा जाता है।२१.उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:-नक्षत्र मंडल में उपस्थित सभी नक्षत्र का अपना गुण और प्रभाव होता है। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार हमारा व्यक्तित्व, जीवन और हमारे विचार एवं व्यवहार आदि उस नक्षत्र और उसके स्वामी एवं राशि और राशि स्वामी से निर्देशित होते हैं जिसमें हमारा जन्म होता है। बात करें उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के विषय में तो इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह (विश्वदेव) होते हैं।उत्तराषाढ़ा को त्रिपादी नक्षत्र कहते हैं क्योंकि इसके एक चरण धनु में और तीन चरण मकर में होते हैं । इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर उपरोक्त स्थिति का क्या प्रभाव होता है और कैसे पहचाना जा सकता है कि किसी व्यक्ति का जन्म उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में हुआ है।ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लेते हैं वे खुशमिज़ाज होते हैं और इन्हें हंसी मजाक बहुत ही पसंद होता है। अपने हंसी मजाक के स्वभाव के कारण ये जहां भी रहते हैं अपने आस पास के माहौल को खुशनुमा और दिलकश बना देते हैं। ये सभ्य और संस्कारी होते हैं। ये स्थापित नियमों का पालन करने वाले होते हैं तथा कानून में इनकी पूरी पूरी निष्ठा रहती है इसलिए ग़लत दिशा में कभी कदम उठाने की कोशिश नहीं करते हैं। ये आशावादी होते हैं, किसी भी स्थिति में परिस्थितियों से हार नहीं मानते हैं व सामने आने वाली चुनौतियों का सामना पूरी हिम्मत से करते हैं।शिक्षा के दृष्टिकोण से विचार किया जाए तो ये पढाई लिखाई में काफी होशियार होते हैं,  शिक्षा और अध्ययन में इनकी गहरी रूचि होती है। इस रूचि के कारण ये कुछ विषयों में गहरी जानकारी रखते हैं और विषय विशेष के विद्वान कहलाते हैं।आजीविका की दृष्टि से देखें तो इस नक्षत्र में पैदा होने वाले व्यक्ति नौकरी एवं व्यवसाय दोनों ही में सफल और कामयाब होते हैं, इनके लिए नौकरी एवं व्यवसाय दोनों ही अनुकूल होते हैं। मुश्किल स्थितियों का सामना मुस्कुराते हुए करने का दम खम ये रखते हैं, जिसके कारण निराशा का भाव इनके चेहरे पर कभी नहीं दिखाई देता है।ये हर इंसान से प्रेम भाव एवं अपनापन रखते हैं। अपने चरित्र के इस गुण के कारण ये सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी करते हैं और जनसेवा में सहयोग देते हैं। अपने इस व्यवहार एवं स्वभाव के कारण इनको समाज में गरिमापूर्ण स्थान मिलता है। ये समाज में सम्मानित व प्रमुख लोगों में होते हैं। इनकी मित्रता का दायरा काफी बड़ा होता है। ये मित्रता को दिल से निभाते हैं जिसके कारण मित्रों से परस्पर सहयोग और सहायता इन्हें मिलती है।आर्थिक मामलों पर गौर करें तो इनके पास काफी धन होता है, ये धन सम्पत्ति से परिपूर्ण होते हैं। इन्हें अपने जीवन में धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। अगर कभी धनाभाव भी होता है तो अपनी बुद्धिमानी एवं हिम्मत के बल पर इन पर काबू पा लेते हैं और आर्थिक संकट से निकल आते हैं।२२.श्रवण नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:-ज्योतिषशास्त्र में नक्षत्रों की महत्ता का बखान मिलता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति जिस नक्षत्र में जन्म लेता है उस नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति पर जीवन भर रहता है। जन्म नक्षत्र, नक्षत्र स्वामी और उसकी राशि एवं राशि स्वामी से व्यक्ति सदा प्रभावित रहता है। यहां देखते हैं कि श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर इसका प्रभाव होने पर व्यक्ति का व्यक्तित्व, स्वभाव एवं व्यवहार कैसा होता है।ज्योतिषशास्त्र में नक्षत्रों की महत्ता का बखान मिलता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति जिस नक्षत्र में जन्म लेता है उस नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति पर जीवन भर रहता है । जन्म नक्षत्र, नक्षत्र स्वामी और उसकी राशि एवं राशि स्वामी से व्यक्ति सदा प्रभावित रहता है। यहां देखते हैं कि श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर इसका प्रभाव होने पर व्यक्ति का व्यक्तित्व, स्वभाव एवं व्यवहार कैसा होता है।धर्मशास्त्र में इस नक्षत्र को बहुत ही शुभ माना गया है। इस नक्षत्र का नाम मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार के नाम पर पड़ा है। इस नक्षत्र का स्वामी चन्द्रमा होता है और इस नक्षत्र के चारों चरण मकर राशि में होते हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति में सेवाभाव होता है, ये माता पिता के भक्त होते हैं। इनके व्यवहार में सभ्यता और सदाचार झलकता है।श्रवण मास में जन्म लेने वाले व्यक्ति अपने कर्तव्य को जिम्मेवारी पूर्वक निभाते हैं। ये विश्वास के पात्र समझे जाते हैं क्योंकि अनजाने में भी ये किसी के विश्वास को तोड़ना नहीं चाहते। ये ईश्वर में आस्था रखते हैं और सत्य की तलाश में रहते हैं। पूजा-पाठ एवं अध्यात्म के क्षेत्र में ये काफी नाम अर्जित करते हैं। ये इस माध्यम से काफी धन भी प्राप्त करते हैं। इनके चरित्र की विशेषता होती है कि ये सोच समझकर कोई भी कार्य करते हैं इसलिए सामान्यत: कोई ग़लत कार्य नहीं करते हैं।इस मास में जो लोग पैदा होते हैं उनकी मानसिक क्षमता अच्छी होती है, ये पढ़ाई में अच्छे होते हैं । ये अपनी बौद्धिक क्षमता से योजना का निर्माण एवं उनका कार्यान्वयन करना बखूबी जानते हैं। इनके साथी एक कमी यह रहती है कि छुपे हुए शत्रुओं के भय से कई योजनाओं को इन्हें बीच में ही छोड़ना पड़ता है।इनके अंदर सहनशीलता व स्वाभिमान भरा रहता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले साहसी और बहादुर होते हैं। ये किसी बात को मन में नहीं रखते, जो भी इन्हें महसूस होता है या इन्हें उचित लगता है मुंह पर बोलते हैं यानी ये स्पष्टवादी होते हैं।आजीविका की दृष्टि से इस नक्षत्र के जातक के लिए नौकरी और व्यवसाय दोनों ही लाभप्रद और उपयुक्त होता है। ये इन दोनों में से जिस क्षेत्र में होते हैं उनमें तरक्की और कामयाबी हासिल करते हैं। इन्हें चिकित्सा, तकनीक, शिक्षा एवं कला आदि में काफी रूचि रहती है। इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है क्योंकि ये अनावश्यक खर्च नहीं करते हैं। इनके इस स्वभाव के कारण लोग इन्हें कंजूस भी समझने लगते हैं।अपने नेक एवं सरल स्वभाव के कारण समाज में इनका मान सम्मान काफी होता है और ये आदर पात्र करते हैं।२३.शांति पसंद होते हैं धनिष्ठा नक्षत्र के जातक:-नक्षत्र मण्डल के २७  नक्षत्रो में धनिष्ठा का स्थान २३वां हैं । इस नक्षत्र के स्वामी मंगलदेव हैं इस नक्षत्र में जो व्यक्ति जन्म लेते हैं उनका व्यवहार, उनकी जीवनशैली एवं उनका स्वभाव सभी कुछ जन्म नक्षत्र उसके स्वामी एवं राशि स्वामी पर निर्भर करता है।आइये जानें कि इस नक्षत्र में जिनका जन्म होता है उनका स्वभाव, व्यवहार एवं व्यक्तित्व कैसा होता है।ज्योतिषशास्त्र के कथनानुसार जो व्यक्ति घनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेते हैं वे काफी उर्जावान रहते हैं और हर समय कुछ न कुछ करते रहना चाहते हैं। अपनी लगन एवं क्रियाशीलता के कारण ये अपनी मंजिल प्राप्त करने में सफल होते हैं। ये काफी महत्वाकांक्षी होते हैं और जो कुछ मन में ठान लेते हैं उसके प्रति निश्चय पूर्वक तब तक जुटे रहते हैं जबतक की कार्य सफल न हो जाएं। इस नक्षत्र के जातक अधिकार जमाने में काफी आगे रहते। इन्हें लोगों पर अपना प्रभाव बनाये रखना पसंद होता है। ये जो भी कार्य करते हें उसमें सावधानी का ख्याल रखते हैं और हमेशा सचेत रहते हैं। इनके अंदर स्वाभिमान की भावना भरी होती है। आमतौर पर ये कलह एवं विवाद की स्थिति से दूर रहते हैं परंतु जब विवाद को टालना मुश्किल हो जाता है तब ये उग्र हो जाते हैं, अपनी उग्रता में ये हिंसक भी हो सकते हैं।धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता अच्छी होती है। ये किसी भी विषय में तुरंत निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इसमें इन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं महसूस होती है। अपनी निर्णयात्मक क्षमता से ये जीवन में अच्छी सफलता हासिल करते हैं।इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति नौकरी को व्यवसाय से अधिक तरजीह देते हैं अर्थात नौकरी करना इन्हें अधिक पसंद होता है। ये नौकरी में हों या व्यवसाय में दोनों में ही उच्च स्थिति में रहते हैं। इनके लिए अभियंत्रिकी यानी इंजीनियरिंग व हार्ड वेयर का क्षेत्र अधिक अनुकूल रहता है। व्यवसाय की दृष्टि से इनके लिए प्रोपर्टी का काम अधिक लाभप्रद होता है।इनके विषय में कहा जाता है कि ये बहुत ही पराक्रमी होते हैं, अपने पराक्रम से जीवन में आने वाली परेशानियों एवं विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हैं। ये अपने मान सम्मान को जीवन में सबसे अधिक महत्व देते हैं, इन्हें जब भी यह एहसास होता है कि इनके मान सम्मान को ठेस लगने वाला है ये उग्र हो उठते हैं। निष्कर्ष तौर पर कहा जा सकता है कि ये शांतिपूर्ण तरीके से जीने की इच्छा रखते हैं। ये किसी भी प्रकार के विवादों से दूर रहना चाहते हैं। ये बहुत अधिक महत्वाकांक्षी नहीं होते हैं। संगीत से इन्हें बहुत लगाव रहता है।२४.शतभिषा नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:-इस नक्षत्र मे जो व्यक्ति पैदा होते हैं उनपर जीवन भर उपरोक्त कारकों का प्रभाव होता है । इस प्रभाव से व्यक्ति का जीवन और व्यक्तित्व किस प्रकार प्रभावित होता है चलिए इसका पता करें।ज्योतिषशास्त्र के मतानुसार इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति हिम्मती होते हैं व इनके अंदर साहस भरा होता है।  इनके इरादे काफी मजबूत और बुलंद होंते हैं जो एक बार तय कर लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। इनके अंदर जिम्मेवारियों का भी एहसास होता है अत: अपनी जिम्मेवारी को पूरी तरह निभाने की कोशिश करते हैं।इनकी सोच राजनीति से प्रेरित होती है और ये राजनीतिक दांव पेच में माहिर होते हैं। ये शारीरिक श्रम में विश्वास नहीं करते हैं अर्थात शारीरिक शक्ति की अपेक्षा बुद्धि का इस्तेमाल करने में भरोसा करते हैं। इस नक्षत्र में जो लोग पैदा होते हैं उनके विषय में माना जाता है कि ये स्वच्छंद विचारधारा के होते है अत: साझेदारी की अपेक्षा स्वतंत्र रूप से कार्य करना पसंद करते हैं।इनके स्वभाव में आलस्य का समावेश रहता है ये मौज मस्ती करना पसंद करते हैं, ये आराम तलब होते हैं। जिन्दग़ी को मशीन की तरह जीना इन्हें अच्छा नहीं लगता है बल्कि ये उन्मुक्त रूप से अपने अंदाज़ में जीवन का लुत्फ़ लेना चाहते हैं।शतभिषा नक्षत्र में जो लोग जन्म लेते हैं वे किसी भी स्थिति में घबराते नहीं हैं बल्कि परिस्थितियों एवं परेशानियों का डटकर मुकाबला करना पसंद करते हैं। इनके अन्दर का विश्वास और ताकत इन्हें बल प्रदान करता है जिससे ये कठिन से कठिन स्थिति पर विजय प्राप्त करते हैं। इनके व्यक्तित्व की एक विशेषता यह भी है कि अगर कोई इनसे शत्रुता करता है तो ये उनको पराजित कर देते हैं।इनका सामाजिक दायरा बहुत बड़ा नहीं रहता है क्योंकि ये समाज में लोगों से अधिक मेलजोल रखना पसंद नहीं करते। इनके मित्रों की संख्या भी सीमित रहती है। इस नक्षत्र के जातक अपने काम से मतलब रखने वाले होते हैं अत: अपने सहकर्मियों से अधिक मेल जोल रखना पसंद नहीं करते हैं।इनकी आर्थिक स्थिति इनकी बुद्धि की देन होती है यानी ये अपनी बुद्धि के द्वारा धनोपार्जन करते हैं। ये अपनी बुद्धि से कभी कभी ऐसे कार्य कर जाते हैं जिससे देखने वाले और सुनने वाले चकित रह जाते हैं।२५.पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:- नक्षत्रों की दुनियां में पूर्वाभाद्रपद का स्थान २५वां हैं। इस नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति यानी गुरू होते हैं। इस नक्षत्र का एक चरण मीन में होता है और तीन चरण कुम्भ में रहता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव व्यक्तित्व एवं उनकी जीवनशैली कैसी होती है आइये इस पर विचार करें।ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र में जिनका जन्म होता है वे सत्य का आचरण करने वाले एवं सच बोलने वाले होते हैं । ये ईमानदार होते हैं अत: छल कपट और बेईमानी से दूर रहते हैं। ये आशावादी होते हैं यही कारण है कि ये किसी भी स्थिति में उम्मीद का दामन नहीं छोड़ते हैं।पूर्वाभाद्रपद में जिनका जन्म होता है वे व्यक्ति परोपकारी होते हैं । ये दूसरों की सहायता करने हेतु सदैव तत्पर रहते हैं। जब भी कोई कष्ट में होता है उसकी मदद करने से ये पीछे नहीं हटते हैं। ये व्यवहार कुशल एवं मिलनसार होते हैं, ये सभी के साथ प्रेम एवं हृदय से मिलते हैं। मित्रता में ये समझदारी एवं ईमानदारी का पूरा ख्याल रखते हैं।इस नक्षत्र में पैदा होने वाले व्यक्ति शुद्ध हृदय के एवं पवित्र आचरण वाले होते हैं। ये कभी भी व्यक्ति का अहित करने की चेष्टा नहीं करते हैं। इनके व्यक्तित्व की इस विशेषता के कारण इनपर विश्वास किया जा सकता है।शिक्षा एवं बुद्धि की दृष्टि से देखा जाए तो इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति काफी बुद्धिमान होते हैं। इनकी रूचि साहित्य में रहती है। साहित्य के अलावा ये विज्ञान, खगोलशास्त्र एवं ज्योतिष में पारंगत होते हैं एवं इन विषयों के विद्वान होते हैं। ये अध्यात्म सहित भिन्न भिन्न विषयों की अच्छी जानकारी रखते हैं तथा ज्योतिषशास्त्र के भी अच्छे जानकार होते हैं। ये आदर्शवादी होते हैं, ये ज्ञान को धन से अधिक महत्व देते हैं।आजीविका की दृष्टि से नौकरी एवं व्यवसाय दोनों ही इनके लिए अनुकूल होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति व्यवसाय की अपेक्षा नौकरी करना विशेष रूप से पसंद करते हैं। ये नौकरी में उच्च पद पर आसीन होते हैं। अगर ये व्यवसाय करते हैं तो पूरी लगन और मेहनत से उसे सींचते हैं। इन्हें साझेदारी में व्यापार करना अच्छा लगता है।इनमें जिम्मेवारियों का पूरा एहसास होता है। ये अपने कर्तव्य का निर्वाह ईमानदारी से करते हैं। नकारात्मक विचारों को ये अपने ऊपर हावी नहीं होने देते तथा आत्मबल एवं साहस से विषम परिस्थिति से बाहर निकल आते हैं।  २६.उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:- उत्तराभाद्रपद में जन्म लेने वाले व्यक्ति हवाई किले नहीं बनाते हैं अर्थात ये यथार्थ और सच में विश्वास रखते हैं। चारित्रिक रूप से ये काफी मजबूत होते हैं, ये विषय वासनाओं की ओर आकर्षित नहीं होते, ये अपनी बातों पर कायम रहते हैं जो कहते हैं वही करते हैं। इनके हृदय में दया की भावना रहती है। जब भी कोई कमज़ोर या लाचार व्यक्ति इनके सामने आता है ये उसकी मदद करने हेतु तैयार रहते हैं। इनके मन में धर्म के प्रति आस्था रहती है व धार्मिका कार्यों से भी ये जुडे रहते हैं। जो भी इनके सम्पर्क में रहता है उन्हें ये सेवा एवं धर्म के प्रति प्रेरित करते हैं।जो व्यक्ति इस नक्षत्र में पैदा होते हैं वे ज्योतिषशास्त्र के अनुसार काफी परिश्रमी होते हैं अत: मेहनत करने से पीछे नहीं हटते हैं। इनमें साहस भी रहता है इसलिए परिस्थितयों से भयभीत नहीं होते बल्कि आने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए डटे रहते हैं। ये सिद्धांत को तरजीह नहीं देते हैं बल्कि व्यवहारिकता में विश्वास रखते हैं।ये व्यापार करें अथवा नौकरी दोनों ही स्थिति में सफल होते हैं, सफलता का कारण है इनका कर्मयोगी होना यानी कर्म में विश्वास रखना। अपनी मेहनत और कर्म से ये ज़मीं से आसमां का सफर तय करते हैं यानी सफलता की सीढियों पर पायदान दर पायदान चढ़ते जाते हैं। ये अपनी मेहनत और लगन से सांसारिक सुखों का अर्जन करते हैं और उनका उपभोग करते है।जिनका जन्म उत्तराभाद्रपद में होता है वे अध्यात्म, दर्शन एवं रहस्यमयी विद्याओं में गहरी रूचि रखते हैं। समाज में इनकी गिनती भक्त और विद्वान के रूप में की जाती है। ये सामजिक संस्थाओं से सम्बन्ध रखते हुए भी एकान्त में रहना पसंद करते हैं। ये त्यागी प्रवृति के होते हैं तथा दान देने में विश्वास रखते हैं। समाज में अपने व्यक्तित्व के कारण काफी सम्मान एवं आदर प्राप्त करते हैं इनकी वृद्धावस्था सुख एवं आनन्द से व्यतीत होती है।आर्थिक रूप से ये काफी सम्पन्न रहते हैं क्योंकि धन का संचय समझदारी एवं अक्लमंदी से करते हैं।२७.रेवती नक्षत्र के जातकों का व्यक्तित्व:-नक्षत्र मंडल में रेवती का स्थान २७वां हैं। यह आखिरी नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के विषय में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है आइये इसकी जानकारी प्राप्त करें।रेवती नक्षत्र का स्वामी बुध होता है और राशि स्वामी बृहस्पति होता है । इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर इस नक्षत्र के स्वामी और राशि एवं राशि स्वामी का स्पष्ट प्रभाव होता है।जो व्यक्ति रेवती नक्षत्र में जन्म लेते हैं वे ईमानदार होते हैं । ये किसी को धोखा देने की प्रवृति नहीं रखते हैं। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता यह होती है कि ये अपनी मान्यताओं पर एवं निश्चयो पर कायम रहते हैं अर्थात दूसरों की बातों को जल्दी स्वीकार नहीं करते हैं। मान्यताओं के प्रति जहां ये दृढ़निश्चयी होते हैं वहीं व्यवहार में लचीले भी होते हैं अर्थात अपना काम निकालने के लिए ये नरम रूख अपनाते हैं। व्यक्तित्व की इस विशेषता के कारण ये कामयाबी की राह पर आगे बढ़ते हैं।ये चतुर व होशियार होते हैं। इनकी बुद्धि प्रखर होती है। इनकी शिक्षा का स्तर ऊँचा होता है। अपनी बुद्धि के बल पर ये किसी भी काम को तेजी से सम्पन्न कर लेते हैं। इनमें अद्भूत निर्णय क्षमता पायी होती है। ये विद्वान होते हैं व इनकी वाणी में मधुरता रहती है, दूसरों के साथ इनका व्यवहार अच्छा रहता है। इस नक्षत्र में पैदा होने वाले व्यक्ति अच्छे मित्र साबित होते हैं तथा जीवन की सभी बाधाओं को पार कर आगे की ओर बढ़ते रहते हैं।सामाजिक क्षेत्र में इस नक्षत्र में पैदा होने वाले व्यक्ति काफी सम्मानित होते हैं। समाज में एकता और लोगो के बीच प्रेम व सौहार्द बनाये रखने में ये कुशल होते हैं। समाज में इनकी गिनती प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में होती है। ये अध्यात्म में गहरी रूचि रखते हैं। इनमें गहरी आस्था होती है और ये भक्त के रूप में समाज में जाने जाते हैं। इनमें नौकरी के प्रति विशेष लगाव होता है यानी ये नौकरी करना पसंद करते हैं। अपनी मेहनत, बुद्धि एवं लगन से ये नौकरी में उच्च पद को प्राप्त करते हैं। अगर इस नक्षत्र के जातक व्यापार करते हैं तो इस क्षेत्र में भी इन्हें अच्छी सफलता मिलती है और व्यवसायिक रूप से कामयाब होते हैं।रेवती नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति सुख की इच्छा रखने वाले होते हैं। इनका जीवन सुख और आराम में व्यतीत होता है। ये आर्थिक रूप से काफी सम्पन्न और सुखी होते हैं।


Comments

Post
Top