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हिंदू धर्म के विषय में गहन ज्ञान

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Ravinder Pareek 31st Jul 2020

हिंदू धर्म के विषय में गहन ज्ञान गणना विधि से एक ईश्वर:- सूर्य, पृथ्वी, गणेश का दाँत, ब्रह्म । xxxxxxxxxx 01 xxxxxxxxxx *दो लिंग :* नर और नारी । *दो पक्ष :* शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। *दो पूजा :* वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)। *दो अयन :* उत्तरायन और दक्षिणायन। xxxxxxxxxx 02 xxxxxxxxxx *तीन देव :* ब्रह्मा, विष्णु, शंकर। *तीन देवियाँ :* महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी। *तीन लोक :* पृथ्वी, आकाश, पाताल। *तीन गुण :* सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण। *तीन स्थिति :* ठोस, द्रव, गैस । *तीन स्तर :* प्रारंभ, मध्य, अंत। *तीन पड़ाव :* बचपन, जवानी, बुढ़ापा। *तीन रचनाएँ :* देव, दानव, मानव। *तीन अवस्था :* जागृत, मृत, बेहोशी। *तीन काल :* भूत, भविष्य, वर्तमान। *तीन नाड़ी :* इडा, पिंगला, सुषुम्ना। *तीन संध्या :* प्रात:, मध्याह्न, सायं। *तीन शक्ति :* इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति। xxxxxxxxxx 03 xxxxxxxxxx *चार धाम :* बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका। *चार मुनि :* सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार। *चार वर्ण :* ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र। *चार निति :* साम, दाम, दंड, भेद। *चार वेद :* सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद। *चार स्त्री :* माता, पत्नी, बहन, पुत्री। *चार युग :* सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग। *चार समय :* सुबह,दोपहर, शाम, रात। *चार अप्सरा :* उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा। *चार गुरु :* माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु। *चार प्राणी :* जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर। *चार जीव :* अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज। *चार वाणी :* ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्। *चार आश्रम :* ब्रह्मचर्य, ग्रहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास। *चार भोज्य :* खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य। *चार पुरुषार्थ :* धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष। *चार वाद्य :* तत्, सुषिर, अवनद्व, घन। xxxxxxxxxx 04 xxxxxxxxxx *पाँच तत्व :* पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु। *पाँच देवता :* गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य। *पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ :* आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा। *पाँच कर्म :* रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि। *पाँच उंगलियां :* अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा। *पाँच पूजा उपचार :* गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य। *पाँच अमृत :* दूध, दही, घी, शहद, शक्कर। *पाँच प्रेत :* भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस। *पाँच स्वाद :* मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा। *पाँच वायु :* प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान। *पाँच इन्द्रियाँ :* आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन। *पाँच वटवृक्ष :* सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)। *पाँच पत्ते :* आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक। *पाँच कन्या :* अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी। xxxxxxxxxx 05 xxxxxxxx *छ: ॠतु :* शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर। *छ: ज्ञान के अंग :* शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष। *छ: कर्म :* देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान। *छ: दोष :* काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच), मोह, आलस्य। xxxxxxxxxx 06 xxxxxxxxxx *सात छंद :* गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती। सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि। *सात सुर :* षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद। *सात चक्र :* सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मूलाधार। *सात वार :* रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि। *सात मिट्टी :* गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब। *सात महाद्वीप :* जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप। *सात ॠषि :* वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज। *सात धातु (शारीरिक) :* रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य। *सात रंग :* बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल। *सात पाताल :* अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल। *सात पुरी :* मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची। *सात धान्य :* गेहूँ, चना, चांवल, जौ मूँग,उड़द, बाजरा। xxxxxxxxxx 07 xxxxxxxxxx *आठ मातृका :* ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा। *आठ लक्ष्मी :* आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी। *आठ वसु :* अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास। *आठ सिद्धि :* अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व। *आठ धातु :* सोना, चांदी, तांबा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा। xxxxxxxxxx 08 xxxxxxxxxx *नवदुर्गा :* शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री। *नवग्रह :* सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु। *नवरत्न :* हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया। *नवनिधि :* पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि। xxxxxxxxxx 09 xxxxxxxxxx *दस महाविद्या :* काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला। *दस दिशाएँ :* पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे। *दस दिक्पाल :* इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत। *दस अवतार :*(विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि। *दस सती :* सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती। xxxxxxxxxx10xxxxxxxxxx ज्योतिष सलाहाकार एवम वास्तु एक्सपर्ट रविन्द्र पारीक


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