ASTROLOGY AND INDIA 2018

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Astro Rakesh Periwal 31st Dec 2017

ज्योतिष की नजर में भारत की 2018 की भविष्यवाणी

भारत में जो आज की परिस्थितियां है उनके अनुसार और जो वर्तमान की कुंडली है जिसमें कि आज 18 जुलाई 2016 से 25 मई 2019 तक राहु में शनि की दशा चल रही है और आगे 12 दिसंबर 2021 तक राहु में बुध की दशा रहेगी जो की स्पष्ट रूप से बताती है कि भारत अपने उद्योग ,तकनीकी, अंतरिक्ष क्षेत्र पूंजीगत निवेश ,शिक्षा इत्यादि क्षेत्र में विश्व  में अपना एक स्थान बना लेगा !भारत का पराक्रम हर क्षेत्र में विश्व को आकर्षित करेगा ! 2018 में शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा ! देश में काफी सारे नए नए उद्योग ,तकनीकी ,रेलवे ,सड़क के अन्य जीवन की सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ा काम करेगा!  अपने दुश्मन देश को टूटने से कूटनीति से हरा देगा, किसी प्रकार का युद्ध नहीं होगा !भारत विश्व को नई दिशा देगा, संसार यहां की विभिन्न जाति ,धर्म ,भाषा के बावजूद लोकतंत्र की मजबूत संस्था को देखते हुए अचंभित होगा, हैरान होगा!  सरकार ई गवर्नेंस एवं तकनीकी के द्वारा कालाधन, भ्रष्टाचार को रोकने में सफल होगी ! मोदी जी को विश्व में एक बड़ा नेता के तौर पर जाना जाएगा ! कुल मिलाकर यहां की युवा शक्ति सरकार के साथ मिलकर कंप्यूटर  सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में और देश का निर्यात भी बढ़ेगा !देश की कानून व्यवस्था ,सूचना तकनीकी मजबूत होगी  !नकली धर्मगुरु ,काले कारोबारी जेल चले जाएंगे !

   श्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली हमारे देश के प्रधानमंत्री जी का जन्म 17 सितंबर 1950 11:00 बजे सुबह गुजरात के मेहसाणा में हुआ है वर्तमान में इन की दशा चंद्रमा में बुध की 10 फरवरी 2019 तक चलेगी फिर उसके बाद 10 फरवरी 2019 से 10 सितंबर 2019 तक चंद्रमा में केतु की अंतर्दशा रहेगी जो कि  इनको परेशान करेगी लेकिन जब पूरी कुंडली का अध्ययन कर रहे हैं तो इनकी वृश्चिक लग्न की कुंडली है लग्न में मंगल और चंद्रमा का जबरदस्त योग है और ज्योतिष के अनुसार जब कभी भी व्यक्ति का केंद्र में मजबूत ग्रह हो ऐसे लोग अपने संगठन को नेतृत्व को बहुत ही सक्षम रूप से प्रदान करते हैं यह यशस्वी प्रधानमंत्री जी की अद्भुत पराक्रम और अपने साथ लोगों को जोड़ने की क्षमता से यह विश्व विख्यात व्यक्तित्व और कड़े फैसले को लेने के लिए जाना जाएगा ! मोदी जी की कुंडली में 10 11 2028 तक भारत का नेतृत्व करने की पूर्ण योग है ! अगले प्रधानमंत्री के तौर पर भी यह निश्चित विजयी होंगे दूसरे नए साथी भी भाजपा के साथ सहयोग करेंगे ! देश में लोग उनकी मन की बात को समझेंगे ! मुस्लिम महिलाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिलेगा और वह ऐसी सरकार देने में सक्षम होंगे जिससे कि पूर्ण रूप से देश का हर क्षेत्र में विकास होगा देश समृद्धि की ओर बढ़ेगा ! भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विपक्ष के लोग इन को किसी प्रकार से हरा नहीं पाएंगे भारत की कुंडली और विपक्ष के नेताओं की कुंडली का अध्ययन करने के बाद भगवान की कृपा से ऐसे लग रहा है कि मोदी जी ही निश्चित तौर पर अगले चुनाव में भी भारत को अपना नेतृत्व देंगे और देश को विश्व शक्ति बना देंगे कोई भी दुश्मन आंख उठाकर भी नहीं देख सकेगा यह निश्चित है ओम नमः शिवाय

राहुल गांधी जी की कुंडली

राहुल जी का जन्म 19 जून 1970 रात्रि 9:50 नई दिल्ली में हुआ है और इनकी वर्तमान दशा राहु की चल रही है जो कि 6 दिसंबर 2016 से 6 दिसंबर 1934 तक 2034 तक चलेगी 18 अगस्त 2019 तक राहु में राहु का अंतर्दशा चलेगी और 18 अगस्त 2019 से 12 जनवरी 2022 तक राहु में गुरु की अंतर्दशा होगी राहुल जी की कुंडली में एक अच्छे विपक्ष के नेता एवं लोकतंत्र की मर्यादा के लिए सरकार पर दबाव बनाने की क्षमता को दर्शाता है ,कुल मिलाकर वह देश के संविधानिक अधिकारों, विभिन्न जात पात, धर्म एवं विचारों के लोगों के लिए उनकी आवाज उठाने में सक्षम रहेंगे ! उनकी कुंडली से उनकी किसी विदेशी महिला के साथ प्रेम संबंध या शादी के योग दर्शा रहे हैं और इनको अपनी वाणी के द्वारा अपयश मिलने के योग भी बने हुए हैं सत्ता का सुख इन की कुंडली में नहीं दिखाई दे रहा है फिर भी देश में राहुल गांधी जी को लोकतंत्र में एक मजबूत स्तंभ के तौर पर मान्यता मिलनी तय हैं 24 जून 2028 के बाद इनको जनता का प्यार कोई बड़ी कामयाबी दे सकता है ! 2018 इन के लिए संघर्ष पूर्वक रहेगा कोई बड़ी सफलता नहीं दिखाई देती है ,2019 के चुनाव में एक बार लहर बनाने में सफल होंगे लेकिन सत्ता तक नहीं पहुंच पाएंगे, इनकी बहन इन के लिए काफी सहयोगी रहेगी

अखिलेश यादव जी का जन्म 1 जुलाई 1973 दोपहर 12:00 बजे सफाई यूपी में हुआ है वर्तमान दशा 3 मार्च 2017 से 3 मार्च 2024 तक केतु की महादशा है बाद में 2044 तक शुक्र की दशा चलेगी अखिलेश यादव जी की जन्म कुंडली एक राजनेता की कुंडली है इन की दशा 2024 तक इन को सत्ता से दूर रखेगी बाद में शुक्र की महादशा में वापस ही सत्ता में आने के योग हैं उनका झुकाव भाजपा की तरफ होगा क्योंकि इनको सत्ता में रहने की इच्छा के चलते मंथन करने पर मजबूर कर देगा हो सकता है 2024 के बाद यह अपनी पार्टी का विलय केंद्रीय राजनीति के मुख्य भाजपा के साथ कर दे 2018 इन के लिए गृह क्लेश मतभेद सुलझाने के लिए उत्तम है

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 दोपहर में 12:00 बजे उत्तराखंड में हुआ है वर्तमान दशा 12 दिसंबर 2016 से 12 दिसंबर 2023 में केतु की महादशा चल रही है बाद में 2013 तक शुक्र की महादशा रहेगी योगी जी की जन्म कुंडली काफी प्रभावशाली है लग्नेश सूर्य दशम भाव में होने से राजकार्य में सत्ता में सफलता और यह दर्शाता है उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनना एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में देश में एक नई मिसाल कायम करना उनकी बुद्धि ,ज्ञान ,निष्ठा का परचम फैलने के योग है पंचम भाव में धनु राशि का गुरु इनकी उच्च शिक्षा और धर्म के क्षेत्र में बड़े ज्ञानी होने को दर्शाता है केतु मोक्ष भाव में है लेकिन ऐसा कहते हैं कि खेत छुड़ावे खेत यानी कि केतु की महादशा में इनको सन्यास की बजाए सत्ता के मुखिया बनने का कार्यभार मिला है जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति है भारत में इन को राजनीति में एक मिसाल के रूप में देखा जाएगा लोगों की सेवा करने का सौभाग्य इन को मिलेगा ! उनके नेतृत्व की क्षमता एवं योग्यता के कारण भाजपा में मोदी जी के उत्तराधिकारी के रुप में देखा जाएगा  !

मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 रात्रि 7:50 दोलताबाद में हुआ है वर्तमान दशा 23 मई 2013 से 23 मई 2030 तक इनको बुध की महादशा चल रही है तृतीय और हनी के भाव के कारक ग्रह बुध की दशा इन को बार-बार खर्च और नुकसान की तरफ ले कर जाएगी और इनकी कर्क लग्न की कुंडली है ऐसे व्यक्ति के लिए इनकी जो दसा है उसे दिख रहा है कि धीरे-धीरे उनके साथी छोड़ते जाएंगे और नुकसान केे योोग है दूर-दूर तक सत्ता में आने के योग नहीं है और हो सकता है कि मार्च 2018 तक कोई इनको कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े

 

नीतीश कुमार जी की कुंडली नीतीश कुमार जी का जन्म 1 मार्च 1951 दोपहर 1:31 बिहार का है और इनकी मिथुन लग्न की कुंडली है मंगल और शुक्र इनके दशम भाव में बैठे हुए हैं और इनके धर्म और भाग्य के भाव में सूर्य गुरु बुध राहू बैठे हैं और इनकी कुंडली के विशेष तौर पर देखा जाए तो इन को एक सच्चे साफ छवि के व्यक्तित्व और समाज को नई दिशा और नेतृत्व देने की क्षमता को दर्शाता है यह भाजपा के साथ ही रहेंगे अपनी सत्ता कायम रखेंगे अपनी न्याय संगत नेतृत्व वक्तव्यों के कारण जनता के चहेते बने रहेंगे एक सफल मुख्यमंत्री होकर राज्य का विकास करने में सफल रहेंगे परंतु इन की कुंडली में चंद्रमा का केमद्रुम योग इन को प्रधानमंत्री पद तक नहीं ले जाने देगा जब कभी भी चंद्रमा की दशा अंतर्दशा होगी अपने गलत निर्णय से या गलत लोगों के कारण छवि खराब कर लेंगे और अपने लिए कोई नुकसान का काम कर लेंगे अन्यथा ऐसी कुंडली वाले इतिहास में अपना नाम दर्ज करा देते हैं फिर भी यह देश के लिए एक अच्छे राजनेता की कुंडली है

 

लालू यादव की जन्म कुंडली इनका जन्म 11 जून 1947 समय दोपहर के 12:00 बजे गोपालगंज का है और इनकी जो है वह सिंह लग्न की कुंडली है वर्तमान दशा इनकी जो है शुक्र में राहु की 15 अगस्त 2018 तक चलेगी बाद में शुक्र में गुरु 2021 तक चलेगा और इनकी कुंडली का विश्लेषण करने से यह दिखाई दे रहा है कि इनको 2024 तक जेल में रहना पड़ सकता है और काफी अपयश के योग है इन के तेवर हमेशा उनसे ही रहेंगे लेकिन अपने बुरे कर्मों का फल भोगने का समय चल रहा है

 

अरविंद केजरीवाल जी का जन्म 16 अगस्त 1968 रात्रि 11:45 हिसार में हुआ है वर्तमान दशा में 18 अप्रैल 2017 से 24 मार्च 2018 तक इनको गुरु में मंगल की दशा रहेगी बाद में 24 मार्च 2018 से 18 अगस्त 2020 में गुरु में राहु की दशा रहेगी उसके बाद शनि की महादशा 2039 तक रहेगी इन की जन्म कुंडली में अप्रैल 2018 के बाद समस्याओं के बढ़ने के योग हैं इनकी पार्टी के विस्तार के लिए जो भी कोशिश होगी उससे काफी भ्रम की स्थिति बनी रहेगी लेकिन उनको धोखा मिलेगा,  2018 में उनके द्वारा किए जा रहे निर्णयों का विरोध चालू होगा परेशानियां बढ़ेगी अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे परंतु इनके लिए अगली पारी में दोबारा सत्ता में आना मुश्किल है आप पार्टी का धन बढ़ेगा कुछ-कुछ भ्रष्टाचार की खबरें लेगी इन के नेताओं में सत्ता के लालच के कारण अंतर्विरोध बढ़ेगा जनता की अपेक्षा के अनुसार फैसले नहीं होंगे, न्याय व्यवस्था पर नियंत्रण मुश्किल होगा ,पार्टी फंड को बढ़ाने का प्रयास बढ़ेगा मतलब राजनीति का दुरूपयोग होगा ऐसे में छवि खराब होगी

 

भारत की आर्थिक स्थिति और सामान्यजन का जीवन किस प्रकार से होगा 2018 में इसका विश्लेषण करने के लिए हम यहां पर भारत की कुंडली को देखते हैं और देश के नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री जी की कुंडली को देखते हैं तो निश्चित तौर पर यह लगता है कि भारत में भ्रष्टाचार ,कालाधन और जो भी लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं उनके ऊपर लगाम लगेगी और देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा, लोगों को उम्मीदें जगेगी और देश के लोग खुशहाली की तरफ बढ़ेंगे और हर प्रकार से हमारा पराक्रम ,हमारी बुद्धि, हमारा ज्ञान विश्व को अचंभित कर देगा तो इस प्रकार से हम 2018 सबके लिए हमारे देश के प्रत्येक नागरिक के लिए बहुत ही उज्जवल भविष्य लेकर आ रहा है सभी के लिए मंगल कामना वैदिक ज्योतिष विद्या पीठ 

www.futurestudyonline.com

डॉ राकेश पेड़ीवाल


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*वसंत नवरात्र 13 अप्रैल से 21 अप्रैल 2021 तक* चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दिन मंगलवार प्रातः 5:30 से 10:15 तक। अभिजीत मुहूर्त 11:56 से दोपहर 12: 47 तक होगा। 13 अप्रैल से नव संवत्सर भारतीय नववर्ष की शुरुआत भी होगी। क्रमश: नवरात्र 13 अप्रैल प्रतिपदा ,शैलपुत्री। 14 अप्रैल द्वितीया, ब्रह्मचारिणी। 15 अप्रैल तृतीया, चंद्रघंटा। 16 अप्रैल चतुर्थी ,कुष्मांडा। 17 अप्रैल पंचमी, स्कंदमाता। 18 अप्रैल षष्ठी, कात्यायनी। 19 अप्रैल सप्तमी, कालरात्रि। 20 अप्रैल अष्टमी, महागौरी। 21 अप्रैल नवमी, सिद्धिदात्री मां का पूजन होता है। ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री के अनुसार दुर्गा सप्तशती नारायण अवतार श्री व्यास जी द्वारा रचित महापुराणों में मार्कंडेय पुराण से ली गई है। इसमें 700 श्लोक व 13 अध्यायों का समावेश होने के कारण इसे सप्तशती का नाम दिया गया है। तंत्र शास्त्रों में इसका सर्वाधिक महत्व प्रतिपादित है और तांत्रिक क्रियाओं का इसके पाठ में बहुत उपयोग होता है। दुर्गा सप्तशती में 360 शक्तियों का वर्णन है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि शक्ति पूजन के साथ भैरव पूजन भी अनिवार्य है। दुर्गासप्तशती का हर मंत्र ब्रह्मवशिष्ठ विश्वामित्र ने शापित किया है। शापोद्धार के बिना पाठ का फल नहीं मिलता दुर्गा सप्तशती के 6 अंगों सहित पाठ करना चाहिए कवच, अर्गला, कीलक और तीनों रहस्य महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती का रहस्य बताया गया है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती की चरित्र का क्रमानुसार पाठ करने से शत्रु नाश और लक्ष्मी की प्राप्ति व सर्वदा विजय होती है।

यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

न भारतीयो नववत्सरोSयं तथापि सर्वस्य शिवप्रद: स्यात् । यतो धरित्री निखिलैव माता तत: कुटुम्बायितमेव विश्वम् ।। *यद्यपि यह नव वर्ष भारतीय नहीं है। तथापि सबके लिए कल्याणप्रद हो ; क्योंकि सम्पूर्ण धरा माता ही है।*- ”माता भूमि: पुत्रोSहं पृथिव्या:” *अत एव पृथ्वी के पुत्र होने के कारण समग्र विश्व ही कुटुम्बस्वरूप है।* पाश्चातनववर्षस्यहार्दिकाःशुभाशयाः समेषां कृते ।। ------------------------------------- स्वत्यस्तु ते कुशल्मस्तु चिरयुरस्तु॥ विद्या विवेक कृति कौशल सिद्धिरस्तु ॥ ऐश्वर्यमस्तु बलमस्तु राष्ट्रभक्ति सदास्तु॥ वन्शः सदैव भवता हि सुदिप्तोस्तु ॥ *आप सभी सदैव आनंद और, कुशल से रहे तथा दीर्घ आयु प्राप्त करें*... *विद्या, विवेक तथा कार्यकुशलता में सिद्धि प्राप्त करें,* ऐश्वर्य व बल को प्राप्त करें तथा राष्ट्र भक्ति भी सदा बनी रहे, आपका वंश सदैव तेजस्वी बना रहे.. *अंग्रेजी नव् वर्ष आगमन की पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं* ज्योतिषाचार्य बृजेश कुमार शास्त्री

आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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