Ravinder Pareek
05th Nov 2020पीपल वृक्ष का एक तन्त्र प्रयोग समस्त समाधान का हल
पीपल के वृक्ष के नीचे बैठे , तो कुछ ही समय में उसके रोग में कमी जड़ें दक्षिण ध्रुव का कार्य करती हैं । यह 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है और ऑक्सीजन का मार्ग पश्चिम से पूर्व आने लगती है । पीपल वृक्ष को पश्चिम दिशा में लगाने का वैज्ञानिक आधार यह है कि इसकी -उत्तर की ओर होता है , इसलिए पीपल को पश्चिम दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है । पीपल का वृक्ष आकाशीय बिजली और भूकम्प से बचाव करता है । यह सदैव पश्चिम व दक्षिण दिशा से कार्बन डाई ऑक्साइड तथा अन्य जहरीली गैस खींचता है , जो उसकी जड़ों के माध्यम से जमीन के अंदर चली जाती हैं , परंतु ये सारी गैसें शनिवार को ही पीपल सोखता है । इसीलिए शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने की सलाह दी जाती है , ताकि बची हुई गैस के माइक्रोब दीपक की लौ में जल जाएं और बची गैस पीपल की जड़ व पत्ते तुरंत सोख लें । इसीलिए रविवार को पीपल के वृक्ष के स्पर्श के लिए मना किया गया है ।
श्रीमद्भगवद गीता के 10 वें अध्याय के 26 वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि मैं वृक्षों में पीपल हूं । पीपल का वृक्ष ही एक ऐसा वृक्ष है , जो कभीकिसी का एहसान नहीं रखता । इसीलिए शनिवार को पीपल को जड़ में मीठा जल अर्पित करने से आप अपनी सभी समस्याओं से मुक्ति पाने के अलावा आर्थिक व कारोबार संबंधी समस्याओं से भी मुक्ति पा सकते हैं । कुछ लोगों का यह मानना है कि पीपल के वृक्ष पर अशुभ शक्ति वास करती है । उनकी शंका का समाधान करना आवश्यक है ।
हिंदू धर्म में कहा गया है कि प्रेम द्वारा हम हर किसी को अपनी मदद के लिए तैयार कर सकते हैं । अतएव जब हम पीपल के वृक्ष की जड़ में मीठा जल अर्पित करेंगे , तो इससे शुभ शक्तियों के साथ अन्य अशुभ शक्तियां भी प्रसन्न होंगी , जो समय पर हमारी मदद के लिए आगे आएंगी । कई लोगों ने पीपल के वृक्ष की सेवा करके उन्नति की है तथा असमय होने वाली दुर्घटनाओं से भी बचे हैं । मैं स्वयं भी इस वृक्ष की सेवा का चमत्कार देख चुका हूं । मेरा एक जानने वाला है , जो बारबार सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होता रहता था । इससे निजात के लिए मैंने उसे पीपल में मीठा जल अर्पित करने की सलाह दी । प्रत्येक शनिवार को उसने पीपल में जल देना प्रारंभ कर दिया । जो पीपल पर दीपक के साथ मीठा जल अर्पित करता था , उसे याब तक खरोंच भी नहीं आई । अब इसको आप क्या कहेंगे । यहां पीपल वृक्ष से संबंधित कुछ प्रयोग बताए जा रहे हैं ।
यह प्रयोग उनके लिए अत्यधिक शुभ है , जिन पर अनाप - शनाप कर्ज है या जिन्हें कर्ज से मुक्ति नहीं मिल रही है अथवा इतना ब्याज देना पड़ता है , जितने में पूरे परिवार का खर्च चल सकता है । ऐसे जातक निम्नोक्त उपाय जितने अधिक विश्वास से करेंगे , उन्हें उतना ही शीघ्र फल प्राप्त होगा ।
तन्त्र प्रयोग
एक मिट्टी के कलश में आक की जड़ , पीपल की जड़ , धतूरे की जड़ , अपामार्ग की जड़ , दूर्वामूल , बड़ वृक्ष की जड़ शमी , जांडी के पत्ते तथा आम व गूलर के पत्ते डालकर दूध , घी , चावल , चना , मूंग , गेहूं , तिल एवं शहद मिलाएं ।
गाय छाछ के साथ दही डालें । इसके बाद उस कलश को पीपल वृक्ष की जड़ में गाड़ दें । इस प्रयोग के कुछ ही समय बाद आप अपनी महादरिद्रता से मुक्ति पा लेंगे । आपको पता भी नहीं चलेगा कि कर्ज कैसे समाप्त हो गया । आपकी कारोबार संबंधी अन्य समस्याओं का समाधान भी हो जाएगा । कहने का तात्पर्य यह है कि इस प्रयोग से आप अपने जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान कर सकते हैं ।
मात्रा को यथा योग्य इच्छा अनुसार ले सकते हैं
ज्योतिष दृष्टि से समस्त ग्रह आपके अनुकूल और कुंडली किसी प्रकार का दोष के प्रभाव 95 प्रतिसत खत्म हो जाता है।
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bahut sunder
Suman Sharma Good sir ji
Suman Sharma Aapka bhut bhut aabhar
Suman Sharma Nice lekh
Suman Sharma Bhut khub
Suman Sharma Nice sir ji
Chander Mukhi Very great or good 👍👍
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Chander Mukhi Waw sir
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Suman Sharma यह 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है