मांगलिक विचार

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मांगलिक विचार

kirti guptaa 16th Feb 2020

*मांगलिक जातक का स्वभाव* 👉शादी के लिए मंगल को जिन स्थानों पर देखा जाता है वह 1,4,7,8 और 12 भाव है 👉इनमें से केवल आठवां और बारहवाँ भाव सामान्य तौर पर खराब माना जाता है। 👉 विशेष परिस्थितियों में इन स्थानों पर बैठा मंगल भी अच्छे परिणाम दे सकता है । 👉मांगलिक होने का विशेष गुण यह होता है कि मांगलिक कुंडली वाला व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाता है । 👉कठिन से कठिन कार्य वह समय से पूर्व ही कर लेते हैं । 👉नेतृत्व की क्षमता उनमें जन्मजात होती है। 👉 यह लोग किसी जल्दी किसी से घुलते मिलते नहीं ,परंतु जब मिलते हैं ,तो पुनः संबंध को निभाते हैं । 👉मांगलिक जातक कठोर निर्णय लेने वाला ,कठोर वचन बोलने, लगातार काम करने वाला , विपरीत लिंग के प्रति कम आकर्षित होने वाला , प्लान बनाकर काम करने वाला , कठोर अनुशासन बनाने ,और उसे फॉलो करने वाला होता है। 👉 एक बार जिस काम में जुट जाएं उसे अंत तक करने वाला , नए अनजाने कामों को शीघ्रता से हाथ में लेने वाला होता है । 👉 अति महत्वाकांक्षी होने से इनके स्वभाव में क्रोध पाया जाता है। 👉 परंतु यह बहुत दयालु क्षमा करने वाले तथा मानवतावादी होते हैं। 👉 गलत के आगे झुकना इनकी पसंद नहीं होता , और खुद भी गलती नहीं करते । 👉 *लग्न का मंगल व्यक्ति के व्यक्तित्व को बहुत अधिक तीक्ष्ण बना देता है।* 👉 *चौथे भाव का मंगल जातक को कड़ी पारिवारिक पृष्ठभूमि देता है ।* 👉 *सातवे स्थान का मंगल जातक को साथिया सहयोगी के प्रति कठोर बनाता है* 👉 *आठवें और बारहवें स्थान का मंगल आयु और शारीरिक क्षमताओं को प्रभावित करता है* कीर्ति गुप्ता


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