Acharya Vinod Bharadwaj
18th Sep 2019पिंडदान पितरों के लिए श्राद्ध युक्त श्रद्धा है जिससे हम जन पाते हैं उसके प्रति श्रद्धा भाव अर्पण करते हैं इसमें जल तिल आदि के द्वारा अपने पितरों को पिंड दान देते हैं जिससे वह हमारे जीवन में हर प्रकार की खुशियां लेकर आते हैं और खुशहाली प्रदान कराते हैं भगवान राम जी अपने पिता की मृत्यु का समाचार सुनने के बाद पिंडदान दान किए थे वह आज भी विदित है हमें सीख मिलती है अपने पित्र के प्रति श्रद्धा भाव युक्त होकर पिंडदान करें
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