Nitya Dasha

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Vaswati Baksiddha 04th Sep 2018

                                                                               Nitya Dasha

 

Today I gonna share with the learner astrogers how to calculate Nitya Dasha . Nitya dasha is mainly based on the tithi at the time of prediction. Nitya Dasha had been practiced by some ancient sages ( Garg or others). Nitya Dasha is effective to predict daily horoscope .

 

How to calculate Nitya Dasha

Add the numbers of the tithi, day , naxkshatra of the time of prediction and the number of the birth star of the native ( whose prediction is going to be ) .Then divide the sum of the number by 8. Remainder will be the dasha of 8 planets accordingly. Planet Ketu is not included in this dasha system.

The dasha period of the 8 planets according to Nitya dasha is as follows:

 

        Remainder                                          Obtained Dasha

0 Venus

1 Sun

2 Moon

3 Mars

4 Mercury 

5 Saturn

6 Jupiter

7 Rahu

 

Planet Ketu is not included in Nitya Dasha.

 

Result of Nitya Dasha 

 

Nitya  Dasha    of         Sun        indicates        drainage of money for that day.

   ,,          ,,          ,,          Moon            ,,             earning of money.

  ,,           ,,          ,,          Mers              ,,              operation, accident, legal disputes.

  ,,           ,,          ,,         Merc              ,,               gaining wealth

 ,,            ,,         ,,           Sat                 ,,               conspiracy , delay, obstacles

 ,,            ,,         ,,         Jupi                ,,                Property, success in education

 ,,           ,,          ,,        Rahu              ,,                 Jail verdict

 

Tithi will be followed by the dasha.  Dasha will change with tithi.

 

 

 


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यस्मिन् जीवति जीवन्ति बहव: स तु जीवति | काकोऽपि किं न कुरूते चञ्च्वा स्वोदरपूरणम् || If the 'living' of a person results in 'living' of many other persons, only then consider that person to have really 'lived'. Look even the crow fill it's own stomach by it's beak!! (There is nothing great in working for our own survival) I am not finding any proper adjective to describe how good this suBAshit is! The suBAshitkAr has hit at very basic question. What are all the humans doing ultimately? Working to feed themselves (and their family). So even a bird like crow does this! Infact there need not be any more explanation to tell what this suBAshit implies! Just the suBAshit is sufficient!! *जिसके जीने से कई लोग जीते हैं, वह जीया कहलाता है, अन्यथा क्या कौआ भी चोंच से अपना पेट नहीं भरता* ? *अर्थात- व्यक्ति का जीवन तभी सार्थक है जब उसके जीवन से अन्य लोगों को भी अपने जीवन का आधार मिल सके। अन्यथा तो कौवा भी भी अपना उदर पोषण करके जीवन पूर्ण कर ही लेता है।* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।

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आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताआलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः | नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति || Laziness is verily the great enemy residing in our body. There is no friend like hard work, doing which one doesn’t decline. *मनुष्यों के शरीर में रहने वाला आलस्य ही ( उनका ) सबसे बड़ा शत्रु होता है | परिश्रम जैसा दूसरा (हमारा )कोई अन्य मित्र नहीं होता क्योंकि परिश्रम करने वाला कभी दुखी नहीं होता |* हरि ॐ,प्रणाम, जय सीताराम।राम।

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